सिंह ने कभी सेतु का काम किया था। एक दौर था जब आर.सी.पी. सिंह के बीच कड़वाहट इतनी थी कि दोनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा तक नहीं। लेकिन उसी समारोह में निशांत और आर.सी.पी. सिंह के बीच कोई नया राजनीतिक गठजोड़ देखने को मिल सकता है? या फिर निशांत अपनी उस 'पहेली' वाली छवि को तोड़कर एक नए और प्रखर नेता के रूप में उभरेंगे? फिलहाल, बिहार की जनता और विपक्षी दल, दोनों की नजरें नीतीश के इस 'उत्तराधिकारी' की अगली चाल पर टिकी हैं।