बता दें कि UPSC ने 6 मार्च को सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी किया, जिसमें आकांक्षा की सफलता चर्चा का विषय बन गई. खास बात यह है कि आकांक्षा ने अपनी प्रेरणा अपने दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया को बताया, जिनकी साल 2012 में हत्या कर दी गई थी. आकांक्षा ने कहा कि उनके दादा के संघर्ष के कारण उनका परिवार 10–20 साल पीछे चला गया, लेकिन वही संघर्ष उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बना. माता-पिता व परिजनों को दिया सफलता का श्रेयआकांक्षा सिंह ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों और शिक्षकों को दिया. 1990 के दशक में बिहार में नक्सली संगठनों और बड़े किसानों के बीच संघर्ष के दौर में 1994 में उनके नेतृत्व में रणवीर सेना का गठन हुआ था.