महंत सुमित शर्मा ने बताया कि ग्रहण का कुल समय दोपहर 3:20 से शाम 6:47 तक रहेगा. कपाट बंदी: सुबह 9:20 बजे मंदिर के कपाट पूर्ण रूप से बंद कर दिए जाएंगे, जो ग्रहण समाप्ति के बाद आरती और शुद्धि के बाद ही खुलेंगे. दान: ग्रहण समाप्त होने के बाद ही दान-पुण्य करना फलदायी माना जाता है. शुद्धि: ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें, मूर्तियों को स्नान कराएं और वस्त्र बदलें. 2026 के अन्य ग्रहणपंडितों के अनुसार, 2026 में कुल तीन ग्रहण लगेंगे, जिनमें से केवल यही पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा.