हिलसा व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पाण्डेय की अदालत ने सोमवार को हत्या के एक पुराने मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी अरविंद प्रसाद को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। यह मामला नगरनौसा थाना क्षेत्र के महुआ. जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में विनोद कुमार अपने घर के पास बैठे थे। इसी दौरान अरविंद प्रसाद वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपी ने धारदार चाकू से विनोद कुमार के पेट पर वार कर दिया।गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां 29 नवंबर 2020 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।इस घटना को लेकर मृतक के भाई प्रमोद प्रसाद के बयान पर नगरनौसा थाना में कांड संख्या 176/20 दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने नामजद अभियुक्त अरविंद प्रसाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दोषी पाया।अदालत ने धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर 10 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं, धारा 307 में 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना जमा न करने पर 5 माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक राजाराम सिंह ने बहस की।


Source:   Dainik Bhaskar
March 16, 2026 14:51 UTC