Nagpur News देवलापार (प्रादेशिक) वनपरिक्षेत्र में बार-बार पालतू जानवरों का शिकार और 20 फरवरी 2026 को सावरा निवासी मुक्ताबाई मरसकोल्हे पर हमला करने वाले नर बाघ टीयूआई-22 को 10 मार्च की शाम को वनविभाग ने पकड़ लिया।बता दें कि, महिला के शिकार की घटना के बाद से ग्रामीणों ने बाघ को पकड़कर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी। देवलापार वनपरिक्षेत्र अधिकारी द्व्रारा बाघ पकड़ने का प्रस्ताव भेजने के बाद 25 फरवरी 2026 को मुख्य वन्यजीव रक्षक व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) महाराष्ट्र राज्य ने बाघ को पकड़ने की इजाजत दी।10 मार्च को नागपुर प्रादेशिक फॉरेस्ट उपवन संरक्षक (कंजर्वेटर) डॉ. विनीता व्यास, रामटेक जंकास-1 के सहायक वन संरक्षक जीएम लुचे के मार्गदर्शन में देवलापार प्रादेशिक वन परिक्षेत्र अधिकारी एस.बी. टुले, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियल चौरागड़े, पूर्व पेंच पिपरिया वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक राजुरकर, पवनी (एकसंघ) वन परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मीकांत ठाकरे, पवनी (क्षेत्रीय) वन परिक्षेत्र अधिकारी सागर बंसोड़, देवलापार (क्षेत्रीय) क्षेत्र सहायक सोनकुसले, पी.टी. पिंपलवार, कैलास मरसकोल्हे, पीआरटी टीम और अन्य वनकर्मियों ने कार्रवाई की। दोपहर 3 बजे से सर्चिंग के बाद रिजर्व फॉरेस्ट के कक्ष क्रमांक 485 में बाघ को ट्रैक किया गया।शाम करीब 6 बजे बाघ को ट्रैग्यूलाइज किया गया और शाम 7.15 बजे तक सर्चिंग के बाद पशु चिकित्सा अधिकारी और शूटर की मदद से उसे पकड़ लिया गया। पूरी प्रक्रिया की गहन जांच करने के बाद बाघ को नागपुर के ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेज दिया गया है।