दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय तीसरे नंबर की ताकत पर केंद्र की राजनीति करने वाले नीतीश कुमार ने जब बिहार की राजनीति में वापसी की तो राज्य को बदल डाला। अब, 20 साल बिहार को बदलने के बाद नीतीश कुमार खुद बदलने जा रहे हैं? कहा जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री उनके इस बदलाव पर मुहर लगाने के लिए पटना आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए नामांकन करते समय तक यह सस्पेंस चले तो आश्चर्य नहीं। बड़ा मामला है तो नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री भी नितिन के नामांकन में रहेंगे। लेकिन, क्या वह भी राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे? अगर करते हैं तो बिहार का क्या होगा और खुद नीतीश कुमार कहां पहुंच जाएंगे? केंद्र की राजनीति में पीएम नरेंद्र मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बाद कहीं जगह हासिल करेंगे? एक मिनट के लिए मान लेते हैं कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए राजी हो गए हैं और आज वह नामांकन कर लेंगे, तो फिर अगला सवाल आता है- बिहार का क्या होगा आगे?