Stocks in news: बाजार दिन के निचले स्तरों पर दिख रहा है। निफ्टी ऊपर से करीब 250 अंक फिसलकर इंट्रा डे में 23050 के नीचे आ गया। बैंक निफ्टी भी ऊपर से करीब 500 अंक लुढ़का है। उधर मिड और स्मॉलकैप में भी गिरावट है। फीयर इंडेक्स INDIA VIX 22 के ऊपर चला गया है। इस सबके बीच बाजार का फोकस आज IDBI बैंक पर है जिसका विनिवेश ठंडे बस्ते में फंस गया है। दरअसल बैंक के लिए दो कंपनियों ने बोली लगाई थी लेकिन दोनों खरीदारों ने रिजर्व प्राइस से कम बोली लगाई। ऐसे में सरकार IDBI बैंक की बिक्री को ठंडे बस्ते में सकती है।इस खबर के चलते आज ये शेयर 12.45 बजे के आसपास 14.26 रुपए यानी 15.47 फीसदी की गिरावट के साथ 78 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 82.84 रुपए और दिन का लो 77 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक लो 72 रुपए और 52 वीक हाई 118.38 रुपए है।IDBI बैंक विनिवेश अटका! सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक IDBI बैंक का विनिवेश ठंडे बस्ते में जाना संभव है। खरीदारों ने रिजर्व प्राइस से कम बोली लगाई है। सरकार और LIC की 60.72% हिस्सा बेचने की योजना है। 60.72% हिस्सा बेचकर सरकार 30,000 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। 6 फरवरी तक IDBI बैंक के लिए 2 बोलियां मिली थीं। इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप के मुताबिक बोलियां रिजर्व प्राइस से कम हैं। फेयरफैक्स और एमिरेट्स NBD ने बोलियां लगाई थीं। बैंक में LIC की 49.24% और सरकार की ⁠45.48% हिस्सेदारी है।IDBI बैंक में हिस्सेदारीIDBI बैंक के शेयर होल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो इसमें LIC की हिस्सेदारी 49.2% है को डील के बाद 18.8% रह जाएगी। वहीं, इसमें भारत सरकार की 45.5 फीसदी हिस्सेदारी है जो डील के बाद 15.2 फीसदी हो जाएगी। IDBI बैंक में पब्लिक शेयर होल्डिंग 3.85 फीसदी और अन्य शेयर धारकों की हिस्सेदारी 1.44 फीसदी है।फिनो पेमेंट बैंक में भी 16 फीसदी से ज्यादा की तेज गिरावटआज फिनो पेमेंट बैंक (FINO PAYMENTS BANK) में भी 16 फीसदी से ज्यादा की तेज गिरावट देखने को मिल रही है। फिलहाल ये शेयर 27.60 रुपए यानी 16.36 फीसदी की कमजोरी के साथ 141 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का लो 136.35 रुपए और दिन का हाई 167.12 रुपए है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक के गेमिंग ट्रांजैक्शन की ED जांच संभव है। बैंक का कुल डिपॉजिट बैलेंस रिकॉर्ड 2900 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी से जुड़ी चिंताओं के चलते इस शेयर की जोरदार पिटाई हुई है।यह घटना रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा गुप्ता को MD और CEO के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंज़ूरी दिए जाने के ठीक एक महीने बाद हुई है। इसके अलावा, Fino को दिसंबर में एक स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक में बदलने के लिए रेगुलेटरी मंज़ूरी मिल गई थी, जिससे उसे बड़ी जमा रक़म स्वीकार करने और क्रेडिट प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की अनुमति मिल जाएगी।बैंक की सफाई


Source:   NDTV
March 16, 2026 12:23 UTC