जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। तरुण पर जब लोग हमला कर रहे थे, तब वहां आरोपियों की पिटाई के शिकार तरुण के छोटे दादा मान सिंह भी थे। मान सिंह ने बताया कि आरोपितों ने तरुण के पिताजी, चाचा सहित कई लोगों पर हमला किया।वह भी तब जब बच्ची द्वारा गलती से गिरे गुब्बारे के लिए सभी ने उस महिला से माफी मांगी, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। सभी की पिटाई के बाद एक आरोपित ने घटनास्थल पर एक मकान के पीलर पर खून से सने हाथ का निशान बनाकर कहा कि यह रही खून की होली।यह निशान खून की होली की गवाह है।


Source:   Dainik Jagran
March 09, 2026 02:43 UTC