डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच चल रही जंग मिडिल ईस्ट में फैल चुकी है और हॉर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी कर दी गई है। इस वजह से दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति में भारी कमी देखने को मिल रही है। इस बीच रमजान का पवित्र महीना भी चल रहा है और कुछ दिनों बाद ईद आने वाली है। ऐसे में पाकिस्तान का कराची भारी गैस संकट का सामना कर रहा है।शहर के 70 प्रतिशत से ज्यादा इलाकों में गैस सप्लाई ठप हो गई है, जिसकी वजह से रोजेदारों को सेहरी और इफ्तार तैयार करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय मीडिया संस्थान दि डान की रिपोर्ट के अनुसार, गैस की इस कमी ने पूरे शहर में भारी निराशा पैदा कर दी है, क्योंकि परिवारों को अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।जनता को बिना बताए गैस सप्लाई बंद आयात में रुकावट के कारण कराची की पहले से ही दबाव झेल रही गैस वितरण प्रणाली को भारी दबाव में काम करना पड़ रहा है। नतीजा ये निकला कि कई इलाकों में गैस की आपूर्ति कम हो गई है और सेवा भी अनियमित हो गई है। सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) ने जनता को आधिकारिक तौर पर सूचित किए बिना ही चुपचाप गैस आपूर्ति का एक संशोधित समय-सारिणी लागू कर दिया है।सीमित समय के लिए सप्लाई सूत्रों के अनुसार, गैस की सप्लाई केवल सीमित समय के लिए की जा रही है। लगभग सुबह 3:30 बजे से 6 बजे तक सेहरी के लिए और दोपहर 3:30 बजे से शाम 7 बजे तक इफ्तार से पहले। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस छोटे से समय के दौरान भी गैस का प्रेशर इतना कम होता है कि खाना पकाने जैसे बुनियादी काम भी बेहद मुश्किल हो गए हैं।कराची के कौन से इलाकों पर हुआ प्रभाव?
कराची के क्लिफ्टन, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी, नॉर्थ कराची, फेडरल बी एरिया, गुलबर्ग और ओरंगी टाउन सहित कई इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इन इलाकों के निवासियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से गैस की सप्लाई अनियमित रही है। अक्सर यह बहुत कम प्रेशर के साथ कुछ समय के लिए ही आती है।पाकिस्तानियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ इस कमी ने कई परिवारों को एलपीजी सिलिंडर और बिजली से चलने वाले कुकिंग उपकरणों जैसे महंगे विकल्पों को अपनाने पर मजबूर कर दिया है, जिससे ऐसे समय में उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है जब महंगाई और रमजान से जुड़े खर्च पहले से ही काफी ज्यादा हैं।