जागरण टीम, लखनऊ। UP Weather Todayयूपी में अब गुलाबी ठंड के विदा होने के बीच काले बादलों की परेड नजर आने वाली है। मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। आज यानि 18 फरवरी को यूपी के कई जिलों में मौसम बदलेगा। पश्चिमी संभाग के 19 जिलों में आकाश में काले बादलों के आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। गरज और चमक के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है।आज का मौसम मौसम विज्ञानी मो. दानिश ने बताया कि बीते एक दशक में बुधवार को दिन में बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। मुरादाबाद, बरेली, रामपुर, पीलीभील का तराई इलाका, अमरोहा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, अलीगढ़, हाथरस, मैनपुरी, फिरोजाबाद सहित कई जिलों में बादल छाए रहेंगे। कुछ जिलों में दोपहर के समय हल्की बारिश हो सकती है। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, बलिया, बस्ती, अयोध्या, लखीमपुरखीरी, सुल्तानपुर जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावनाएं हैं।

February 18, 2026 11:52 UTC

SynopsisAmerica has vowed to stop Iran from obtaining nuclear weapons. US Energy Secretary Chris Wright stated this commitment on Wednesday. He emphasized that a nuclear-armed Iran is unacceptable. Talks were held in Geneva to prevent military action. However, US Vice President JD Vance indicated Tehran has not fully acknowledged Washington's demands.

February 18, 2026 11:42 UTC

लेखक के बारे में दिनेश मिश्र दिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं। अभी वह एक्सप्लेंड स्टोरीज, डीप रिसर्च, डेटा ड्रिवेन स्टोरीज करते हैं। इसके अलावा, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट जैसी रेगुलर स्पेशल स्टोरीज भी करते हैं, जिनमें इन्फोग्राफिक्स, एक्सपर्ट बाइट और जर्नल्स का इस्तेमाल होता है। साथ ही यूएस न्यूज और गूगल ट्रेंड स्टोरीज भी करते हैं। NBT से पहले उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, पत्रिका, अमर उजाला और दैनिक जागरण के साथ 2010 से काम किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव की रिपोर्टिंग और अर्धकुंभ भी कवर किया है।... और पढ़ें

February 18, 2026 11:35 UTC

लेखक के बारे में शिशिर चौरसिया शिशिर कुमार चौरसिया नवभारत टाइम्स डिजिटल (NBT.in) में बिजनेस एडिटर की भूमिका में हैं। उनके पास वित्तीय पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का 27 साल से भी अधिक का अनुभव है। वह मार्च 2020 में नवभारत टाइम्स से जुड़े और तभी से बिजनेस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के वित्त, उद्योग एवं वाणिज्य, रेलवे समेत परिवहन के सभी साधनों, एनर्जी और कुछ अन्य आर्थिक बीट की सक्रिय रिपोर्टिंग की है। ढाई दशक से भी अधिक अवधि के दौरान चौरसिया ने अखबारों के डेस्क से लेकर नेशनल ब्यूरो तक में काम किया। उन्हें सात साल से ज्यादा समय तक देश की एक वायर न्यूज एजेंसी में भी काम किया है। अनुभव चौरसिया ने अपने पत्रकारिता करिअर की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के अखबार दिव्य हिमाचल (1999-2000) से की। वहां करीब एक साल तक काम करने के बाद वह राजस्थान पत्रिका (2000-2001) के दिल्ली स्थित नेशनल ब्यूरो से जुड़ गए। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय संवाद समित यूनीवार्ता (2001-08) के दिल्ली कार्यालय में ज्वॉइन किया। इसके बाद वह दैनिक भास्कर (2008-14) के दिल्ली स्थित नेशनल ब्यूरो से जुड़े। वहां उन्हें इस समूह के पिंक अखबार बिजनेस भास्कर के नेशनल ब्यूरो में काम करने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (2014-2020) के दिल्ली स्थित नेशनल ब्यूरो का दामन थाम लिया। विभिन्न संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लगभग सभी आर्थिक मंत्रालयों की रिपोर्टिंग की। विशेषज्ञता शिशिर कुमार चौरसिया की विशेषज्ञता वित्तीय जगत के खबरों में है। वह अक्सर टैक्सेशन, ट्रांसपोर्ट, एनर्जी, शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट, कॉरपोरेट जगत आदि से जुड़ी वित्तीय खबरें और विश्लेषण करते रहते हैं। पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरों में तो महारात हासिल है।... और पढ़ें

February 18, 2026 11:34 UTC

लेखक के बारे में अक्षय श्रीवास्तव अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। उन्हें 12 साल से ज्यादा की पत्रकारिता का अनुभव है। मार्च 2025 से वह NBT डिजिटल के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। एनबीटी न्यूज टीम में वह देश की खबरों पर नजर रखते हैं। वह राजनीति, अपराध, भारत की विदेश नीति और दिल्ली-एनसीआर से संबंधित मुद्दों को कवर करते हैं। वह ग्राउंड रिपोर्ट और एक्सक्लूसिव स्टोरीज की विशेषज्ञता रखते हैं। एनबीटी में स्पेशल न्यूज पैकेज 'मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ' की भी जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्होंने तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024)को कवर किया है । 2023 में दिल्ली की सड़कों पर कान का मैल निकालने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कनमैलियों की धोखेबाजी को वो उजागर कर चुके हैं। भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विषय पर बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

February 18, 2026 11:34 UTC





“Total monthly expense as a couple living in Bengaluru with our 10-month-old baby,” she wrote in the video, before listing the figures in detail. “Right now we stay in a three-bedroom flat in a gated society where we pay monthly rent and maintenance. Groceries, travel and medical care Monthly grocery expenses are around ₹10,000, while milk from a premium subscription brand costs ₹6,000. Staycations and resort visits cost around ₹5,000, cinema trips and dining out another ₹5,000, while gifts and celebrations come to ₹3,000. Medical expenses, including vaccinations for the baby, doctor visits, sudden ailments and half-yearly full-body check-ups, amount to around ₹3,000 per month.

February 18, 2026 11:34 UTC

भास्कर न्यूज, मुलशी।तहसील में चल रहे रिंग रोड निर्माण कार्य के दौरान बुधवार सुबह एक हादसा हो गया। भराव कार्य में लगा एक डंपर चालक का नियंत्रण छूटने से सीधे एक घर पर पलट गया। इस दुर्घटना में घर के अंदर मौजूद एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए मिट्टी डाली जा रही थी तभी अचानक डंपर फिसल गया और पास के मकान पर पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया। मलबे में फंसी महिला को निकालने के लिए ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन दल और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। बचाव कार्य पूरा होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मृतका के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही रिंग रोड निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की लापरवाह आवाजाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।

February 18, 2026 11:32 UTC

Talks between the United States, Ukraine and Russia resumed in Geneva again on Wednesday morningUkrainian President Volodymyr Zelenskiy said on Wednesday the latest round of trilateral talks between Kyiv, Moscow and Washington was "difficult", but that the sides agreed further talks would take place. ADVERTISEMENT"We can see that progress has been made but, for now, positions differ because the negotiations were difficult," Zelenskiy told reporters in a WhatsApp chat. "The discussions were intensive and substantive," Umerov said. Earlier, on Tuesday evening, six hours of political and military talks ended without any public statement from either side. Later, the US envoy Steve Witkoff said on social media that the discussions had produced “significant progress”.

February 18, 2026 11:29 UTC

8 in the latest ICC T20I rankings, highlighting India’s strong presence in the format. Abhishek Sharma and Varun Chakravarthy continue to hold the No. Ishan Kishan has ascended to the 8th position with 732 rating points, thanks to his stellar performance against Pakistan. Leading the pack is Abhishek Sharma, who maintains the top batting position with 891 points, while Varun Chakravarthy also retains his No. Ishan Kishan, India’s dynamic opener, has made a significant leap to 8th place in the latest rankings with 732 points.

February 18, 2026 11:29 UTC

लेखक के बारे में अनिल कुमार अनिल कुमार नवभारत टाइम्स डिजिटल में होम पेज टीम का हिस्सा हैं। अखबार के साथ ही डिजिटल मीडिया में करीब 16 साल का अनुभव है। जनवरी, 2021 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। होम पेज पर भारत और दिल्ली सेक्शन के लिए पॉलिटिक्स, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरें और विश्लेषण लिखते हैं। हरियाणा में दैनिक भास्कर और चंडीगढ़ में दैनिक जागरण के लिए स्पोर्ट्स और एजुकेशन रिपोर्टिंग कर चुके हैं। राजस्थान पत्रिका, जयपुर और अमर उजाला, नोएडा में सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

February 18, 2026 11:25 UTC

‌Bhandara News राज्य सरकार ने कम विद्यार्थी संख्या के कारण मराठी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। इसके कारण राज्य के 18 हजार से अधिक और भंडारा जिले की लगभग 155 शालाएं बंद होने की संभावना है, जबकि शिक्षा के अधिकार कानून के अनुसार शाला का विद्यार्थियों के घरों से कुछ किलोमीटर दूरी पर होना जरूरी है। ऐसे में इस शासकीय निर्णय से नाराज पालकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और गांववालों ने सरकार से शाला बंद करने के फैसले को वापिस लेने तथा शिक्षकों की रिक्त पदों की भर्ती करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 18 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पर यल्गार मोर्चे का आयोजन किया है।स्थानीय शास्त्री चौक के हुतात्मा स्मारक से बुधवार को सुबह 11 बजे यह यल्गार मोर्चा आरंभ होगा, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देगा। इस बारे में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार शाला समायोजन नीति से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की शालाएं बंद कर रही हंै। जिले के कई स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। इसका असर गरीब और आदिवासी विद्यार्थियों पर पड़ेगा। संगठन ने सभी नागरिकों से इस मोर्चे में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।पालक कई बार कर चुके आंदोलन : जिले की कई शालाओं में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े है। हाल ही में आदिवासी बहुल के विद्यार्थियों ने अभिभावकों के साथ मिलकर जिला परिषद के सामने आंदोलन किया था। अभी फिर से कम संख्या वाले शालाओं को बंद करने के फैसले के विरोध में आंदोलन हो रहा है।कई शालाओं में दस से भी कम विद्यार्थी : जिले की अनेक शालाओं में दस से भी कम विद्यार्थी संख्या है। वहीं अनेक शालाओं में केवल एक शिक्षक है। ऐसे शालाओं को समायोजित किया गया तो विद्यार्थियों को लंबी दूरी तय कर शाला में पहुंचना पड़ेगा। इससे ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को यातायात सुविधाओं के अभाव में काफी परेशानी होगी और गरीब वर्ग के विद्यार्थियों यह संभव नहीं होगा। इसलिए पालक और विद्यार्थी कम संख्या वाली शालाओं को बंद करने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।

February 18, 2026 11:24 UTC

मोहम्मद अकरम: खेल पत्रकारपरिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।विशेषज्ञता:मैचों की लाइव कवरेज और एनालिसिसस्टैट्स बेस्ड दिलचस्पी स्टोरीजहेडलाइन फ्रेमिंग और कॉपी एडिटिंग में मजबूत पकड़डेडलाइन मैनेजमेंट और हाई-प्रेशर सिचुएशन में सटीक निर्णयऔर पढ़ें

February 18, 2026 11:22 UTC

The Supreme Court has ruled that grabbing of breasts and pulling the pyjama string amount to "attempt to rape", setting aside a controversial Allahabad High Court order which said these were only "preparation to commit rape". ADVERTISEMENTThe court passed the order on February 10 on a suo motu plea in which it had taken cognisance of the Allahabad High Court order, which stated that mere grabbing of the breasts and pulling the string of a pyjama did not amount to the offence of rape. While setting aside the HC judgement, the top court restored the original stringent charge of attempt to rape against two accused under the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act. Akash allegedly dragged her and tried to take her beneath the culvert and pulled the string of her pyjama. Two persons reached the spot on hearing the cries of the girl, causing the accused to flee.

February 18, 2026 11:13 UTC

PM Kisan Yojana 22vi kist: केंद्र सरकार छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक मदद करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाती है। इस स्कीम के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये की आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। यह किस्त किसानों के खाते में हर चार महीने के अंतराल में 3 बराबर किस्त यानी 2000-2000 करके भेजी जाती है।देश के किसानों को अभी तक इस योजना के तहत 21 किस्त जारी की जा चुकी है। अब किसानों को इस योजना की 22वीं किस्त का काफी बेसब्री से इंतजार है लेकिन कई बार एक छोटी सी गलती की वजह से किस्त अटक जाती है और पैसा समय पर नहीं पहुंच पाता है।किसानों को अक्सर पता ही नहीं चलता है कि दिक्कत कहां है। अगर आपको भी पीएम किसान योजना का लाभ मिल रहा है तो अगली किस्त से पहले अपनी डिटेल्स एक बार जरूर चेक कर लें।कब आ सकती है पीएम किसान की 22वीं किस्त? पिछले वर्ष 19 नंवबर 2025 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी हुई थी। इस वजह से उम्मीद की जा रही है कि 22वीं किस्त के 2000 रुपये होली के पहले यानी फरवरी के आखिरी हफ्ते में जारी हो सकती है। पिछले वर्ष भी फरवरी की किस्त आखिरी हफ्ते में ही जारी हुई थी। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।ई केवाईसी अपडेट न होने के वजह से अटक सकती है अगली किस्तप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ई-केवाईसी पूरा करना जरूरी है। अगर आपकी प्रोसेस अधूरी रह जाती है और आपका वेरिफिकेशन पेंडिंग दिखता है और किस्त रुक सकती है। कई किसानों लगता है कि आवेदन करने के बाद उनका काम पूरा हो गया है। समय पर जानकारी अपडेट रखना भी काफी जरूरी होता है। आधार लिंकिंग और मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन सही होना चाहिए। अगर लंबे समय से आपने स्टेटस चेक नहीं किया है तो पोर्टल पर लॉगिन कर तुरंत जांच कर लें।बैंक अकाउंट में गड़बड़ीकई मामलों में बैंक अकाउंट की जानकारी मिसमैच होने से ऐसा होता है। अगर बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड या नाम की स्पेलिंग में अंतर है, तो लेन-देन फेल हो सकता है। आधार और बैंक अकाउंट का लिंक होना भी जरूरी है। कुछ किसानों के खाते एक्टिव हो जाते हैं या केवाईसी पूरी नहीं होती है जिससे पेमेंट अटक जाता है।पीएम किसान के लाभार्थी इस खास बातों का रखें ध्यानसिर्फ उन्हीं किसानों पीएम किसान योजना का लाभ मिलता है जिनका भूमि रिकॉर्ड अपडेटेड और सत्यापित हो। अगर राज्य के रिकॉर्ड में नाम या जमीन से जुड़ी जानकारी मेल नहीं खाती है तो भुगतान रोका जा सकता है। कई बार वारिस परिवर्तन या जमीन ट्रांसफर के बाद रिकॉर्ड अपडेट नहीं कराया जाता है तो पात्रता पर असर पड़ता है।यहां भी पढ़ें: किसानों के लिए लॉन्च हुआ AI बेस्ड ‘भारत विस्तार’: एक कॉल में मिलेगी मौसम, मंडीभाव और खेती की पूरी जानकारीयहां भी पढ़ें: ओला इलेक्ट्रिक के CEO भाविश अग्रवाल को मिली बड़ी राहत: बॉम्बे हाई कोर्ट ने डिटेंशन वारंट पर लगाई रोक, शेयर में उछाल

February 18, 2026 11:11 UTC

In this context, direct cash transfers by state governments represent the only direct income for most Indian women. There has been an exhilarating enthusiasm shown by political parties to give, or at least promise, cash transfers to women. Ideological ContradictionsWhen the state decides to compensate women for household work, it makes several implicit ideological claims that deserve scrutiny. 1,000–1,500 against the hours of care work women perform—cooking, cleaning, childcare, eldercare—the hourly rate falls well below minimum wage standards. Without a restructuring of who performs household work, women remain the default caregivers.

February 18, 2026 11:04 UTC