परवेज मिर्जा, मनपा की ओर से एड. जेमिनी कासट, नासुप्र और एनएमआरडीए की ओर से एड. गिरीश कुंटे, एनएचएआई की ओर से एड. अनिश कठाने तथा राज्य सरकार की ओर से एड. उके ने पक्ष रखा।पंप से पानी निकालना अव्यावहारिक : जहां पानी जमा होगा और उसे सबमर्सिबल पंप से निकालने की योजना है, उसे अदालत ने अव्यावहारिक बताया। अदालत ने कहा कि, नागपुर में कई जगह जलभराव होता है और हर जगह पंप लगाना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए अदालत ने मनपा को निर्देश दिया कि, ऐसे स्थानों की पहचान कर स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि पानी स्वतः निकल सके और बार-बार मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता न पड़े। इसी प्रकार के उपाय नासुप्र को भी अपने अधिकार क्षेत्र में करने निर्देश देते हुए अदालत ने अगली तारीख से पहले नासुप्र को शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।