राजस्थान में 20 मिनट दिखा साल का पहला चंद्रग्रहण:साल का पहला चंद्रग्रहण राजस्थान में करीब 20 मिनट तक दिखाई दिया। जयपुर में कुछ देर के लिए ब्लड मून भी नजर आया। मंगलवार को श्री सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन ग्रहण के कारण सुबह से ही धार्मिक गतिविधियों में बदलाव देखने को मिला।. ग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर सूतककाल शुरू हो गया था। इस कारण अधिकतर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। हालांकि, चंद्रग्रहण के दौरान नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन होते रहे।चंद्रग्रहण के दौरान जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में भजन-कीर्तन हुए। पुष्कर के घाटों पर विदेशी पर्यटकों ने पूरी श्रद्धा के साथ मंत्र जाप किया।ग्रहण शुद्धिकरण के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। चंद्रग्रहण के कारण पुष्कर, नागौर सहित कई शहरों में धुलंडी बुधवार को मनाई जाएगी।भारतीय समय के अनुसार, चंद्रग्रहण मंगलवार दोपहर 3:21 से शाम 6:47 बजे तक रहा। राजस्थान में यह शाम 6:27 से 6:47 बजे तक दिखाई दिया।राजस्थान में चंद्रग्रहण करीब 20 मिनट के लिए दिखा। जयपुर में कुछ देर के लिए ब्लड मून भी नजर आया।चंद्रग्रहण की यह फोटो अलवर के एक मॉल से राजस्थान के फोटोग्राफर अनिल गाबा ने खींची है।जब चंद्रग्रहण हो रहा था, तब विदेशी पर्यटक पुष्कर के घाट पर मंत्र जाप कर रहे थे।चंद्रग्रहण के दौरान जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में भजन-कीर्तन हुए।चंद्रग्रहण से पहले सूतक के कारण ब्रह्मा मंदिर के पट बंद कर दिए गए थे।अब जानते हैं कि चंद्रग्रहण क्या होता है? गुरुत्वाकर्षण बल यानी ग्रेविटेशनल फोर्स की वजह से पृथ्वी और सभी दूसरे ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। पृथ्वी, 365 दिनों में सूर्य का एक चक्कर लगाती है।जबकि चंद्रमा एक प्राकृतिक उपग्रह है, जो पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है। उसे पृथ्वी के एक चक्कर लगाने में 27 दिन लगते हैं।सूर्य के चक्कर लगाने के दौरान कई बार ऐसी स्थिति बनती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है। इस दौरान सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से चंद्र ग्रहण होता है।चंद्रग्रहण की घटना तभी होती है जब सूर्य, पृथ्‍वी और चंद्रमा एक सीध में हो, खगोलीय विज्ञान के अनुसार ये केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव होता है। इसी वजह से ज्यादातर चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन होते हैं।

March 03, 2026 14:47 UTC

Israel sent additional troops into southern Lebanon on Tuesday and ordered residents of more than 80 villages to evacuate as the Iran-backed Hezbollah militant group said it is ready for an open war, escalating the already volatile situation in the region. The latest exchanges started after Hezbollah fired rockets and drones early Monday toward northern Israel. Israel retaliated with a wave of airstrikes that killed 52 people in Lebanon, including a Palestinian militant and a Hezbollah intelligence official in Beirut's southern suburbs. After the ceasefire, Israel continued to carry out near-daily strikes, primarily in southern Lebanon, saying that Hezbollah had been trying to rebuild its forces in the area. Hezbollah launched rockets into Israel a day after the militant Palestinian group Hamas attacked southern Israel on Oct. 7, 2023, triggering the war in Gaza.

March 03, 2026 14:40 UTC

निर्मल सिंह का फाइल फोटो।कुरुक्षेत्र जिले के इस्माईलाबाद क्षेत्र के गांव अजरावर में खेत में ट्यूबवेल चलाते समय हुए हादसे में एक किसान और उसके मूक-बधिर नौकर की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किसान को बचाने के प्रयास में नौकर भी करंट की चपेट में आ गया, जिससे दोनों. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को कब्जे में लेकर एलएनजेपी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां किसान के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं नौकर की अभी शिनाख्त नहीं होने चलते शव अभी भी मोर्चरी में रखा हुआ है।नौकर के साथ ट्यूबवेल चलाने गया थाकिसान की पहचान निर्मल सिंह (32) निवासी गांव अजरावर के रूप में हुई है, जबकि उसका नौकर बिहार का रहने वाला था। जो बोलने और सुनने में अस्मर्थ था। अभी 5 महीने पहले उसे काम पर रखा था, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था और वह खुद भी अपने बारे में नहीं बता पाता था।इस्माईलाबाद थाना से एसआई राजपाल ने बताया कि उन्हें एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र से गांव अजरावर में 2 लोगों की करंट लगने से मौत होने की सूचना मिली थी। बताया कि गांव अजरावर का निर्मल सिंह अपने प्रवासी नौकर के साथ खेत में ट्यूबवेल चलाने के लिए गया था।नौकर के परिवार बारे नहीं जानकारीट्यूबवेल चलाते समय निर्मल सिंह करंट की चपेट में आ गया इस दौरान पास खड़ा उसका नौकर उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन उसे भी करंट लग गया। इसी दौरान आसपास के कुछ लोग वहां पर पहुंचे और दोनाें घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।जांच अधिकारी ने बताया कि किसान का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनका नौकर प्रवासी था और वह गूंगा व बहरा था। उसके नाम और परिवार के बारे किसी को कुछ पता नहीं है। जिसके चलते उसके शव को डेड हाऊस में रखवा दिया है।

March 03, 2026 14:34 UTC

SynopsisIran war: The recent turmoil in the Middle East could have serious economic repercussions for India. With more than just oil at stake, the potential impact on electronics exports and remittances from Indian workers in the Gulf has already raised alarms. As the rupee continues to falter, these challenges could lead to increased inflation and a growing current account deficit.

March 03, 2026 14:33 UTC

Last year we saw the highest surge ever recorded in Afghanistan, and this year, a staggering 3.7 million children will need malnutrition treatment," the World Food Programme's Country Director John Aylieff told a Geneva press briefing. Some 200,000 additional children face acute malnutrition this year, he added. Funding cuts mean the U.N. agency only has the resources to treat one in every four children needing treatment for acute malnutrition, Aylieff said. Expulsion policies in neighbouring Pakistan and Iran have resulted in over 5 million returnees since late 2023, further straining limited resources, Aylieff said. "We foresee that acute malnutrition will be driven up further by the conflict as people are prevented from accessing health services," imperilling tens of thousands of children, said Aylieff.

March 03, 2026 14:32 UTC





कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )संक्षिप्त विवरणकृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।विस्तृत बायोपरिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।और पढ़ें

March 03, 2026 14:31 UTC

महंत सुमित शर्मा ने बताया कि ग्रहण का कुल समय दोपहर 3:20 से शाम 6:47 तक रहेगा. कपाट बंदी: सुबह 9:20 बजे मंदिर के कपाट पूर्ण रूप से बंद कर दिए जाएंगे, जो ग्रहण समाप्ति के बाद आरती और शुद्धि के बाद ही खुलेंगे. दान: ग्रहण समाप्त होने के बाद ही दान-पुण्य करना फलदायी माना जाता है. शुद्धि: ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें, मूर्तियों को स्नान कराएं और वस्त्र बदलें. 2026 के अन्य ग्रहणपंडितों के अनुसार, 2026 में कुल तीन ग्रहण लगेंगे, जिनमें से केवल यही पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा.

March 03, 2026 14:30 UTC

लेखक के बारे में अक्षय श्रीवास्तव अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। उन्हें 12 साल से ज्यादा की पत्रकारिता का अनुभव है। मार्च 2025 से वह NBT डिजिटल के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। एनबीटी न्यूज टीम में वह देश की खबरों पर नजर रखते हैं। वह राजनीति, अपराध, भारत की विदेश नीति और दिल्ली-एनसीआर से संबंधित मुद्दों को कवर करते हैं। वह ग्राउंड रिपोर्ट और एक्सक्लूसिव स्टोरीज की विशेषज्ञता रखते हैं। एनबीटी में स्पेशल न्यूज पैकेज 'मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ' की भी जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्होंने तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024)को कवर किया है । 2023 में दिल्ली की सड़कों पर कान का मैल निकालने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कनमैलियों की धोखेबाजी को वो उजागर कर चुके हैं। भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विषय पर बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

March 03, 2026 14:29 UTC

जागरण संवाददाता, कानपुर। होली के बाद भी ट्रेनों में सीटों को लेकर संकट बना रहेगा। होली मनाने शहर आए लोगो तथा बाहर से यहां आने वाले लोगों ट्रेनों भरी रहेंगी। होली के बाद अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में जगह भी नहीं है। होली स्पेशल ट्रेनों भी घंटों देरी से चल रही हैं। सेंट्रल स्टेशन पर मंगलवार को होली मनाने के लिए घर जाने वालों की भीड़ उमड़ी रही। ट्रेनों मे चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की होती रही। जनरल कोच में यात्री भूसे की तरह भरे रहे। अन्य कोचों में भी निर्धारित सीटों से डेढ़ से दो गुणे यात्री रहे।होली को लेकर ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। सबसे अधिक भीड़ बिहार से आने व जाने वाले यात्रियों की है। बंगाल व दिल्ली की ट्रेने भी भरी हुई है। होली के बाद भी यही स्थिति रहेगी। बिहार जाने वाली राजेंद्र नगर राजधानी, दरभंगा राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस, विक्रम शिला,पूर्वा एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस में होली के बाद कन्फर्म टिकट नहीं है। दिल्ली जाने वाली वंदे भारत, रांची गरीब रथ एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल, न्यू दिल्ली रांची गरीब रथ, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में वेटिंग चल रही है।होली से गंगा मेला तक सेंट्रल स्टेशन पर हाई अलर्ट होली से गंगा मेला तक सेंट्रल स्टेशन पर हाई अलर्ट कर दिया गया है। ट्रेनों की निगरानी की जा रही है। क्यूआरटी की तैनाती भी की गई है। होली पर रंग खेलने के दौरान ट्रेनों में कीचड़, गोबर आदि न फेंका जाए, इसके लिए आउटर पर भी जवानों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।सेंट्रल स्टेशन जीआरपी थाना प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि होली पर ट्रेनों मे पत्थर फेंकने वालों पर निगाह रखने के लिए जवानों की तैनाती की गई है। होली खेलने वालों से अपील भी की गई है कि वे ट्रेनों में यात्रा कर रहे यात्रियों पर कीचड़, गोबर, पत्थर न फेंके। सेंट्रल स्टेशन आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि क्यूआरटी किसी भी घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को देगी। सेंट्रल स्टेशन से प्रेमपुर, सेंट्रल स्टेशन से कंचौसी, भीमसेन आउटर, गंगाघाट पुल, सेट्रल स्टेशन से खलवा पुल तक आरपीएफ के सिपाही निगरानी करेंगे।

March 03, 2026 14:28 UTC

“Don’t become a philosopher before you become rich!”This striking line by Shah Rukh Khan blends humour with practical wisdom. What it means Shah Rukh Khan separates survival from self-discovery. Where it comes from Shah Rukh Khan’s life story gives weight to his words. How to apply it today Takeaway 1: Focus on financial stability before chasing abstract ideals. Related readings The Psychology of Money by Morgan HouselExplores how financial stability shapes freedom.

March 03, 2026 14:28 UTC

US President Donald Trump on Tuesday criticised British Prime Minister Keir Starmer as "not very helpful" with his stance on the joint American and Israeli strikes on Iran and praised European neighbours like France and Germany for their response to the war. In a phone interview from the White House with 'The Sun' newspaper in London, Trump said he is "very sad" to see that the so-called UK-US special relationship is "not what it was". ADVERTISEMENTHe had earlier accused Starmer of taking "far too long" to allow the use of British airbases by US forces to attack Iran. It came a day after Starmer was unequivocal in his stance against the UK joining the strikes on Iran, saying his Labour government did not believe in "regime change from the skies". "We will secure our economy against shocks and protect families from the turbulence that we see beyond our borders," she said.

March 03, 2026 14:28 UTC

लेखक के बारे में रिजवान रिजवान, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

March 03, 2026 14:24 UTC

The United Nations' nuclear watchdog, the International Atomic Energy Agency (IAEA), said Tuesday, 3 March, that the Natanz nuclear enrichment site in Iran has suffered “some recent damage”. The Natanz nuclear site sustained damage after the United States (US) and Israel launched a flurry of strikes against Tehran. The International Atomic Energy Agency said the damage was focused on "entrance buildings" to the underground portion of the atomic site. Speaking with Fox News, Benjamin Netanyahu claimed that Tehran was building new underground sites to help shield its missiles and nuclear programmes. Netanyahu said, “They started building new sites, new places, underground bunkers that would make their ballistic missile programme and their atomic bomb programme immune within months.

March 03, 2026 14:08 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

March 03, 2026 14:00 UTC

शॉर्ट बायोगरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।परिचय और अनुभवगरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।करियरगरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।शैक्षणिक पृष्ठभूमिगरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोचगरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।व्यक्तिगत रुचियांकाम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।विशेषज्ञतावास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफलऔर पढ़ें

March 03, 2026 13:45 UTC