Hindi NewsLifestyleWomen's Dominance In Artकला में महिलाओं का वर्चस्व: पेंटिंग्स पर पुरुषों से 46% ज्यादा खर्च किया; उभरते हुए कलाकारों पर लगा रहीं करोड़ों का दांव; इसे निवेश नहीं, जुनून की तरह देखती हैंद न्यू यॉर्क टाइम्स. न्यूयॉर्क 9 घंटे पहलेकॉपी लिंककैलिफोर्निया की आर्ट कलेक्टर कोमल शाह के पास 400 से ज्यादा कलाकृतियां हैं। इनमें ज्यादातर महिला कलाकारों की हैं।आर्ट कलेक्शन की दुनिया लंबे समय से पुरुषों के दबदबे वाली मानी जाती रही है, लेकिन अब ट्रेंड बदल रहा है। अब महिलाएं कला में गहरी रुचि दिखा रही हैं और पुरुषों से ज्यादा पैसा खर्च कर रही हैं।आर्ट बेसल यूबीएस की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में महिलाओं ने फाइन आर्ट, डेकोरेटिव आर्ट और एंटीक पर पुरुषों से 46% ज्यादा खर्च किया। महिला कलेक्टर्स का औसत 4.72 करोड़ रु., जबकि पुरुषों का औसत 3.23 करोड़ रुपए रहा। यह अंतर कला जगत में नया ट्रेंड दिखाता है। ऑक्शन हाउस ‘क्रिस्टीज’ की महिला ग्राहक 10% बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2048 तक करीब 9.55 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति वारिसों को और 4.90 लाख करोड़ रु. जीवनसाथी को ट्रांसफर होगी। इनमें ज्यादातर महिलाएं होंगी, जिससे उनकी हिस्सेदारी और मजबूत होगी।भावनात्मक जुड़ाव को महत्वकैलिफोर्निया की आर्ट कलेक्टर कोमल शाह के पास 400 से ज्यादा कलाकृतियां हैं। इनमें ज्यादातर महिला कलाकारों की हैं। कोमल कहती हैं,‘ये महिलाओं के योगदान की गाथा है। वे वही कलाकृति खरीदती हैं, जिनसे सच्चा ‘प्यार’ हो, ताकि कलाकारों से भावनात्मक जुड़ाव बना रहे।फैसले भी प्रभावित कर रहीं महिलाएंआर्ट मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि युवा पीढ़ी, खासकर जेन जी और मिलेनियल्स का झुकाव ज्यादा है। महिलाएं अब सिर्फ आर्ट खरीद नहीं रहीं, बल्कि म्यूजियम बोर्ड में शामिल होकर बड़े संस्थानों के फैसले भी प्रभावित कर रही हैं। ब्रुकलिन म्यूजियम की डायरेक्टर ऐनी पास्टरनेक मानती हैं कि महिला कलाकारों के काम का मूल्य अभी कम आंका जाता है, इसलिए भविष्य में बेहतर रिटर्न की संभावना ज्यादा है।जोखिम लेने से भी नहीं डरतींम्यूजियम ऑफ मॉडर्न ऑर्ट की प्रेसिडेंट सारा एरिसन कहती हैं, महिलाएं कलाकारों के स्टूडियो जाती हैं, उनसे दोस्ती करती हैं और उनका करियर आगे बढ़ाने में मदद करती हैं। वे इसे निवेश नहीं, बल्कि जुनून की तरह देखती हैं। यूबीएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाएं जोखिम लेने से भी नहीं डरतीं। 55% महिलाएं अनजान या उभरते हुए कलाकारों की कृतियां खरीदती हैं, जबकि पुरुष स्थापित नामों पर ही भरोसा करते हैं।.

February 27, 2026 09:28 UTC

‘Rasgulle ki sabzi’ — these three words have single-handedly raised the blood pressure of Bengalis and Odias for the past one week. When Mumbai-based makeup artist Saikat Chakraborty posted a reel on Instagram from the dining hall of Fairmont Udaipur Palace, zooming in on a serving dish labelled “rasgulle ki sabzi”, the internet went bananas. According to a 2018 blog post by Debjanir Rannaghar, the food writer describes having the dish roadside while travelling from Delhi to Jaipur alongside dishes like ‘bhujiye ki sabzi’. And it is just not rosogolla, in Jaipur, there is also something called ‘Gulab Jamun ki Sabzi’. These are simmered in a rich cashew-based gravy to make Rasgulle Ki Sabzi.

February 27, 2026 09:25 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 27, 2026 09:17 UTC

Burger King is testing AI-powered headsets that can recite recipes, alert managers when inventories are low and even track how friendly employees are to customers. Restaurant Brands International – the Miami-based company that owns Burger King, Popeyes and other brands – said Thursday it's currently testing the OpenAI-powered headsets in 500 US restaurants. Burger King said it's also exploring using Patty as a way to improve customer service. The role of this technology is to support our teams so they can stay present with guests," Burger King said. Burger King is one of several fast food chains experimenting with artificial intelligence.

February 27, 2026 09:12 UTC

Rinku Singh's father, Khanchand Singh, passed away on Friday morning after a painful battle with stage-4 liver cancer. Rinku Singh's father, Khanchand Singh, passed away on Friday morning due to stage-4 cancer at the Yatharth Hospital in Greater Noida, where he was undergoing treatment. Did you know Rinku Singh's father was once against his passion for cricket? For those unversed, Rinku Singh's father made several sacrifices, and his vital support shaped his son's cricketing career despite the family's financial constraints. Rinku Singh's father is no more after battling stage 4 cancer.

February 27, 2026 08:47 UTC





लेखक के बारे में अशोक उपाध्याय अशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स, खेल, क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग में महारत। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले पांच साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने और एआई टूल्स के इस्तेमाल की अच्छी समझ है। JIMMC नोएडा से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 27, 2026 08:44 UTC

Hindi NewsBusinessStock Market Update; BSE Sensex NSE Nifty (27 February 2026) | Metal Auto Share Priceसेंसेक्स 961 अंक गिरकर 81,287 पर बंद: निफ्टी में 318 अंक टूटा, 25179 पर आया; रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवालीमुंबई 1 मिनट पहलेकॉपी लिंकसेंसेक्स आज यानी, शुक्रवार 27 फरवरी को 961 अंक (1.17%) की गिरावट के साथ 81,287 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 318 अंकों की गिरावट रही। ये 25,179 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में गिरावट और 4 में तेजी रही।मार्केट में गिरावट की दो वजहें…1. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनावदोनों देशों के बीच जारी संघर्ष ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। तालिबान के जवाबी हमलों के बाद दोनों देशों में तनाव चरम पर है। चीन ने भी इस पर चिंता जताई है और मामले को शांत करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। इस तनाव की वजह से निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।2. मिडिल ईस्ट का संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतेंईरान और अमेरिका के बीच बातचीत बिगड़ने का डर बाजार को सता रहा है। अगर यह तनाव बढ़ा, तो कच्चे तेल की कीमतें और उछल सकती हैं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 71 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। तेल महंगा होने से भारत जैसे देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा है, जिसका असर शेयर बाजार पर दिख रहा है।एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबारजापान का निक्केई इंडेक्स 0.16% चढ़कर 58,850 पर बंद हुआ।दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.00% गिरकर 6,244 के स्तर पर आ गया है।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.95% चढ़कर 26,630 पर बंद हुआ।चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.39% चढ़कर 4,162 पर बंद हुआ।अमेरिकी बाजार 26 फरवरी को मिला-जुला रहाडाउ जोन्स 17 अंक (0.034%) चढ़कर 49,499 पर बंद हुआ।टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 1.18% गिरकर 22,878 पर बंद हुआ।S&P 500 इंडेक्स 37 अंक (0.54%) गिरकर 6,908 पर बंद हुआ।विदेशी निवेशकों ने 2,991 करोड़ रुपए के शेयर खरीदेविदेशी निवेशकों (FII) ने 26 फरवरी को 3,466 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,031 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।इस महीने यानी फरवरी में अब तक FIIs ने 895 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। इस दौरान DIIs ने 26,130 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।जनवरी 2026 में FIIs ने कुल ₹41,435 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान DIIs ने ₹69,220 करोड़ के शेयर खरीदे थे।कल सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ थाशेयर बाजार में कल यानी, 26 फरवरी को फ्लैट कारोबार रहा। सेंसेक्स 27 अंक गिरकर 82,249 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 14 अंकों की गिरावट रही। ये 25,497 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में फार्मा और सरकारी बैंक के शेयरों में तेजी रही है।.

February 27, 2026 08:34 UTC

Prime Minister Narendra Modi and Union home minister Amit Shah had together plotted "the biggest political conspiracy in the history of Independent India”, Delhi ex-chief minister Arvind Kejriwal said Friday after a court acquitted him and Manish Sisodia in the politically sensational liquor policy case. Also Read Delhi court acquits Arvind Kejriwal, Manish Sisodia in excise policy corruption caseJust as the verdict came, the three-time Delhi chief minister broke down before reporters. “[Prime Minister Narendra] Modi ji and [Union home minister] Amit Shah ji together hatched the biggest political conspiracy in the history of Independent India,” he said. "The court has proved that Kejriwal, Manish Sisodia and AAP are kattar imaandar [totally honest]," Kejriwal said. The Delhi court refused to take cognisance of the CBI chargesheet against Kejriwal and Sisodia.

February 27, 2026 08:32 UTC

Moradabad : मुरादाबाद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित हरतला कॉलोनी, गंगा मंदिर के पास गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक रिहायशी मकान के बाथरूम में तेंदुआ घुस आया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों ने जैसे-तैसे खुद को सुरक्षित कमरों में बंद किया और तुरंत पुलिस व वन विभाग को सूचना दी।परिवार ने दिखाई सूझबूझबताया जा रहा है कि घर के एक सदस्य ने बाथरूम का दरवाजा खोलते ही अंदर तेंदुए को बैठे देखा। अचानक सामने जंगली जानवर को देखकर वह घबरा गया, लेकिन शोर मचाने के बजाय उसने तुरंत दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और बाकी सदस्यों को सतर्क किया। इसी सूझबूझ के कारण बड़ा हादसा टल गया।मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभागसूचना मिलते ही पुलिस बल और वन विभाग की टीम भारी संख्या में मौके पर पहुंच गई। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों को खाली कराया गया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक तेंदुए को सुरक्षित पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक किसी भी व्यक्ति को प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।भीड़ जुटने से बढ़ी चुनौतीघटना की खबर आग की तरह फैल गई और तेंदुए को देखने के लिए सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। भीड़ के शोर-शराबे से तेंदुआ भी बेचैन होकर हलचल करने लगा, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाना पड़ा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे मौके पर न आएं और प्रशासन का सहयोग करें।रेस्क्यू ऑपरेशन जारीवन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरा मंगवाया है। साथ ही ट्रैंक्विलाइज़र गन और अन्य उपकरणों के साथ विशेषज्ञ टीम भी तैनात है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को किसी भी तरह की हानि पहुंचाए बिना पकड़ने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सावधानी के साथ चलाया जा रहा है, क्योंकि तेंदुआ घबराकर हमला भी कर सकता है।दहशत में कॉलोनीवासीहरतला कॉलोनी के लोग दहशत में हैं। कई परिवारों ने एहतियातन अपने बच्चों को घरों के अंदर ही रोक लिया है। लोग छतों और खिड़कियों से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन लगातार माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित रहने की हिदायत दे रहा है।कैसे पहुंचा रिहायशी इलाके में? प्राथमिक अनुमान है कि पास के किसी हरित क्षेत्र या नदी किनारे से भटककर तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों का दायरा सिमटने और भोजन की तलाश में जंगली जानवर अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर लेते हैं।फिलहाल पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर के बाथरूम में दुबका तेंदुआ कब तक वन विभाग के पिंजरे में कैद होगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा।यह भी पढ़े : छुट्टी लेने पर दी तालिबानी सजा! लखनऊ में बिना बताए अवकाश लेने से नाराज ठेकेदार ने कर्मचारी को रात भर बंधक बनाकर पीटा; मौत

February 27, 2026 08:19 UTC

US first lady Melania Trump will preside over a UN Security Council meeting in what the United Nations on Thursday said would be a first. It comes as President Trump has criticised the United Nations, saying repeatedly that the 193-member world body has not lived up to its potential. Trump also raised concerns among allies that his wider ambitions for the Board of Peace to play a role in other global conflicts beyond Gaza would sidestep the UN Security Council. He added, "Someday, I won't be here - the United Nations will be." As for the significance of Melania Trump presiding over the Security Council meeting, Dujarric called it "a sign of the importance that the United States feels towards the Security Council and the subject."

February 27, 2026 08:12 UTC

लेखक के बारे में कनिका सिंह कनिका सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास 7 वर्ष का अनुभव है। वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर सिनेमा, TV शोज, वेब सीरीज और स्टार्स की लाइफ को कवर कर रही हैं। उनकी खास रुचि फिल्म रिव्यू, ओपिनियन, बॉक्‍स ऑफिस, रियलिटी शोज और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज में है। इसके अलावा, कनिका ने अपने करियर में हेल्थ, टेक्‍नोलॉजी और लाइफस्टाइल जैसी बीट पर भी काम किया है। वह बीते 3 साल से NBT (Digital) के साथ जुड़ी हुई हैं। वे बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा और राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर हैं। उन्‍होंने जर्नलिज्म में ही ग्रेजुएशन की डिग्री भी ली है।... और पढ़ें

February 27, 2026 08:12 UTC

जवाब: मेरी मिनिस्ट्री कोई भी कानून बनाने से पहले संबंधित लोगों से बात करती है। यह हमारी जरूरत भी है। जहां तक आपका सवाल है तो यह तीन-चार मिनिस्ट्री से जुड़ा है, लेकिन सरकार के तौर हम हर मसले पर नजर रखते हैं। हमें अपनी सरकार के स्ट्रक्चर को देखकर काम करना होता है, जैसे कि अगर टेक्नोलॉजी चेंज हो रही है या दुनिया में कुछ बड़ा बदलाव हो रहा है। ऐसा होने पर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे लिए कौन से बदलाव जरूरी हैं, जिन्हें अपनाया जाना चाहिए।क्या इसके लिए कोई नोडल एजेंसी होगी क्योंकि यह बेहद संवेदनशीन मामला है और इनका तेजी से समाधान चाहिए होगा? जवाब: मैं अपनी मिनिस्ट्री के अलावा किसी और के बारे में बात नहीं कर सकता हूं। मैं यह नहीं कह सकता हूं कि हर चीज सेंट्रलाइज्ड होनी चाहिए।तो क्या मैं जान सकता हूं कि यह आपकी विशलिस्ट में है या नहीं? जवाब: कॉन्सिट्यूशन में बोलने की आजादी है। कंटेंट उसके तहत होना चाहिए। 69 ए में प्रतिबंध जैसे पब्लिक ऑर्डर डिफेंस आदि हैं। दूसरे सेक्शन में डिफेमेटरी और ऑब्लिगेटरी कंटेंट हैं ये आईटी एक्ट के सेक्शन 79 में आते हैं।आपको भारत में काम करना है तो यहां के कानून पालन करना होगा। हम इसी तरह के मुद्दों से डील करते हैं। इस पर सवाल हो सकता है।सरकार डिजिटल न्यूज से क्या उम्मीद करती है? जवाब: अपार्चुनिटी यह है कि तकनीक अवेलेबल है। इसका उपयोग करें। मीडिया यह कर सकता है। यह बैलेंस वे में होना चाहिए। यह सोसायटी से जुड़ा मामला है। छात्रों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इनफॉर्म्ड रहना चाहते हैं और एजुकेट रहना चाहते हैं।आप नहीं चाहेंगे कि इस पर प्रतिबंध हो।इस AI एरा में लेगेसी और भरोसेमंद पब्लिशर्स को रिलेवेंट बने रहने के लिए स्ट्रेटजिक शिफ्ट क्या होनी चाहिए? जवाब: मेरे जैसा व्यक्ति जो हर दिन न्यूज पेपर पढ़ता है हर दिन अपडेट रहना चाहता है। उसे आप अपडेट करते रहिए। पहले एक डेडलाइन होती थी। अब ऐसा नहीं है। अब आपको हर वक्त कंटेंट अपडेट करना होगा। पत्रकारों के लिए यह कठिन है लेकिन आप हर दिन जिस तरह से अपडेट करते हैं, इसकी क्रेडिबलिटी है।.

February 27, 2026 08:09 UTC

Five people were hospitalised after experiencing breathing difficulties following a suspected gas leak from a cylinder being dismantled by a scrap dealer in Indore, police officials said on Friday. According to authorities, the incident occurred late Thursday night in the Raoji Bazaar police station limits when the dealer attempted to cut open the cylinder. Additional Deputy Commissioner of Police Disesh Aggarwal told PTI that five people affected by the leak were rushed to different hospitals. Officials confirmed that the gas leak has since been contained and the situation is under control. “The nature of the gas inside the cylinder is yet to be identified,” Aggarwal said.

February 27, 2026 08:04 UTC

Professor Oommen, who passed away on Thursday, actually laid the foundation within the institutional space to probe any issue “sociologically”. Sociology of India steadily became a cliché and sociology for India emerged as a formidable trope within sociology. With the passing of Professor Oommen, Indian academics has lost one of the finest advocates of this liberal voice. His profound enthusiasm in seeing scholars from downtrodden communities asserting with their creative interpretation of Indian social reality emboldened many to aspire more. With the passing of Professor Oommen, Indian academia has lost one of the finest advocates of this liberal voice.

February 27, 2026 08:02 UTC

A few days ago, the statue of Edwin Lutyens was replaced with that of C. Rajagopalachari at Rashtrapati Bhavan. Edwin Lutyens was the architect of Delhi, including Rashtrapati Bhavan. There can be no argument that his statue being placed within the precincts of Rashtrapati Bhavan was an important gesture. Lutyens’s thoughts on Indians were brought up to call him a racist when it was pointed out that he was the architect of the city and of Rashtrapati Bhavan. British colonialists controlled or shut down any such attempt through the use of force.

February 27, 2026 07:59 UTC