सोनम वांगचुक के रिहा होने पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी की रिहाई का समाचार सुखद है, परंतु यह पूरा प्रकरण केंद्र की मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।यह कैसी विडंबना है? उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया था? क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा अब भाजपा के राजनीतिक नफा-नुकसान से तय होगी? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुंग की रिहाई की मांग को लेकर 25 फरवरी को प्रदर्शन किया था। पुलिस ने उन्हें सेंट्रल जेल की तरफ जाने वाले रास्ते पर मोहनपुरा पुलिया के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया था। पुलिस ने डिस्कॉम, CMHO ऑफिस के रास्ते को भी बंद कर दिया था।सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 25 फरवरी को सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।4. वांगचुक ने जेल में रहकर किया था एक्सपेरिमेंट सोनम वांगचुक ने जोधपुर जेल में रहकर ‘गर्मियों में भी बैरक को कैसे ठंडा रखा जाए’, इसे लेकर इनोवेशन किया था। जेल के स्टाफ ने उनसे बेहतर पेरेंटिंग के टिप्स भी भी लिए थे। इसका खुलासा उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने किया था। गीतांजलि भी अपने पति से मिलने अक्सर जेल में आती थीं।सोनम वांगचुक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए….