But many members saw a barrier: the “green premium.” Producing green steel carries high upfront costs for manufacturers. Does this mean that using public procurement to boost demand for premium green steel is an unworkable strategy? As a result, even a 30% premium on green steel, and exclusive use of green steel by public sector infrastructure, translates into an increase of roughly 5.5 % in overall project costs. Transitioning to green steel helps bypass carbon tariffs while insulating national projects from fossil fuel price volatility. Building on the taxonomy and stakeholder consultations, the Ministry undertook initial steps to institutionalise green steel public procurement mandates.

February 16, 2026 20:28 UTC

लेखक के बारे में वरुण शैलेश वरुण शैलेश, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वे करंट अफेयर्स, राजनीति, सोशल इश्यूज और फीचर का 15 साल से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। 2009 में न्यूज एजेंसी IANS से करियर की शुरुआत की। हिंदुस्तान (हिंदुस्टान टाइम्स ग्रुप) के सेंट्रल डेस्क पर 5 साल से अधिक समय तक रहे। इसके बाद दैनिक जागरण के नेशनल एडिशन का संपादकीय पेज संभाला। सात साल से ज्यादा समय प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद उन्होंने 2018 में आजतक (वेबसाइट) जॉइन किया, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव 2018 और लोकसभा चुनाव 2019 कवर किया। इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल टीम को लीड किया। 2021 में दैनिक भास्कर डिजिटल टीम में पहुंचे, जहां वुमन टीम को लीड किया। इस दौरान उन्होंने फूड, कल्चर, रिलेशनशिप पर लिखा। अब NBT डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेन (IIMC) दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 16, 2026 20:13 UTC

बलवंत कुमार, धनबाद। धनबाद की राजनीति में माफिया का प्रभाव कोई नई बात नहीं है। यह भी कहा जाता है कि यहां की राजनीति और माफिया एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। माफिया ताकतों की मंशा हमेशा यह रही है कि राजनीति उनके नियंत्रण में रहे।माफिया ताकत जनप्रतिनिधि बनकर सत्ता हासिल करते हैं और उसी ताकत के बल पर धनबाद कोयलांचल में कोयला, लोहे के कारोबार और ठेका-पट्टी को नियंत्रित कर आर्थिक लाभ उठाते हैं। इसमें पुराने स्थापित माफिया से लेकर नए चेहरे तक शामिल हैं। हालांकि चुनाव जीतने के बाद माफिया और मजबूत हो जाते हैं, लेकिन आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।धनबाद नगर निगम चुनाव का प्रचार जैसे-जैसे तेज हो रहा है, माफिया की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। इसकी वजह झरिया के बहुचर्चित विधायक रहे दिवंगत सूरजदेव सिंह के पुत्र और झरिया की भाजपा विधायक रागिनी सिंह के पति, पूर्व विधायक संजीव सिंह का मेयर पद का चुनाव लड़ना है।संजीव सिंह के खिलाफ धनबाद के सांसद ढुलू महतो लगातार हमलावर हैं। वे धनबाद से माफिया को खत्म करने की बात करते हैं। हालांकि ढुलू महतो पर भी दबंगई के आरोप लगते रहे हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि संजीव सिंह और ढुलू महतो दोनों ही भाजपा की छतरी तले राजनीतिक ताकत हासिल करते रहे हैं।धनबाद नगर निगम का चुनावी रण अब उफान पर है। प्रत्याशियों का जनसंपर्क अभियान तेज हो गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। पहले कांग्रेस और झामुमो के बीच बयानबाजी सामने आई थी, अब भाजपा के भीतर ही वाकयुद्ध छिड़ गया है। ताजा मामला सांसद ढुलू महतो और मेयर पद के प्रत्याशी संजीव सिंह के बीच का है। दोनों नेताओं के बीच जारी बयानबाजी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।सांसद का दावा-धनबाद में आ सकती है अशांति भाजपा सांसद ढुलू महतो ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग चुनाव मैदान में हैं, जो यदि जीत गए तो धनबाद में अशांति फैल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता सब जानती है, लेकिन लोग डरे हुए हैं।उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और फोन कर दबाव बनाया जा रहा है कि यदि वोट नहीं दिया तो परिणाम भुगतने होंगे। झरिया से धनबाद तक के लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है। सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि गुंडागर्दी अपने घर तक सीमित रखें। यदि कार्यकर्ताओं को धमकाया गया तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।

February 16, 2026 19:56 UTC

The Gachibowli police have arrested three persons in connection with the theft of 60 laptops from the premises of C.R. Rao Advanced Institute of Mathematics, Statistics and Computer Science (AIMSCS) at the University of Hyderabad. They allegedly entered the premises unlawfully during late night hours and removed 60 laptops from the institute with the intention of selling them for wrongful gain. Police said all 60 laptops were recovered along with three mobile phones and two cars bearing registration numbers TS 15 FP 7697 and TG 11 C 3963. The investigation involved analysis of CCTV footage and technical evidence, and special teams were formed to trace and apprehend the suspects.

February 16, 2026 19:51 UTC

Hindi NewsNationalUS Ambassador Visit To Command Office: Shiv Sena UBT MP Questions Indias US Influenceअमेरिकी राजदूत इंडियन आर्मी के कमांड ऑफिस पहुंचे: यूबीटी सांसद ने सवाल उठाए, लिखा- भारत के फैसले अमेरिका से प्रभावित होते हैं, ये उसका उदाहरणनई दिल्ली 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकअमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार।अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को इंडियम आर्मी के कमांड ऑफिस का दौरा किया। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने अमेरिकी अधिकारियों का स्वागत किया।अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को भारतीय सेना के बारे में ब्रीफिंग दी गई। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर की कार्यवाही और भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में भारतीय सेना की भूमिका पर चर्चा हुई।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- भारत के फैसले अमेरिका से प्रभावित होते हैंसर्जियो गोर के इंडियन आर्मी के कमांड ऑफिस जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल सर्जियो ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया कर बताया था कि वह चंडीगढ़ पहुंचे हैं और इंडियन आर्मी के वेस्टर्न कमांड का दौरा करेंगे।इस पोस्ट को शेयर करते हुए शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिका की भारत में बढ़ती दखलअंदाजी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने X पर लिखा था कि अब भारत के राष्ट्रीय रणनीतिक हित काफी हद तक इस बात से जुड़े दिख रहे हैं कि अमेरिका भारत से क्या चाहता है। इसलिए यह दौरा भी उसी से जुड़ता दिख रहा है।इतिहास याद रखेगा कि भारत-पाक तनाव कम होने की घोषणा भारतीयों को पहले अपनी सरकार से नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया से पता चली। अमेरिकी राजदूत तो अपने देश के हित के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन हमारे हित के लिए कौन काम कर रहा है? इस सवाल का जवाब साफ नहीं है।तीन बार जब भारत से जुड़े फैसले का ऐलान अमेरिका ने किया…10 मई 2025: ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का दावा कियाट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा था कि मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को समझदारी दिखाने के लिए बधाई।6 अगस्त 2025: ट्रम्प ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगायाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने इससे जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया था। एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया है कि रूसी तेल खरीद की वजह से भारत पर यह एक्शन लिया गया है। इससे पहले उन्होंने 30 जुलाई को भारत पर 25% टैरिफ का ऐलान किया था। इसके बाद भारत पर कुल 50% टैरिफ लग गया था।2 फरवरी 2026: ट्रम्प ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की घोषणा कीअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रेड डील की घोषणा करते हुए लिखा कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है। अमेरिका रूसी तेल खरीदने के कारण लगा 25% टैरिफ हटा देगा।-------------------------ये खबर भी पढ़ें…राहुल बोले-ट्रेड डील में किसानों के साथ धोखा हो रहा: पीएम मोदी से 5 सवाल किएकांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से पांच सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील के नाम पर भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है। गांधी ने कहा कि यह मुद्दा देश की कृषि के भविष्य से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ें….

February 16, 2026 19:49 UTC





सुष्मिता सेन और रोहमन शॉल की जोड़ी, मुंबई में देर रात नजर आए दोनों सुष्‍मिता सेन और रोहमन शॉल अब भले ही एक-दूसरे को डेट नहीं कर रहे हों, लेकिन दोनों की दोस्‍ती अभी भी बनी हुई है। वैलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी की देर रात दोनों को ब्रांदा में डिनर के बाद स्‍पॉट किया गया। सुष्‍म‍िता का कहना है रोहमन उनके लिए सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्‍टम हैं।

February 16, 2026 19:33 UTC

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पटना के 27 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के लिए बीते दो साल किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहे। भारतीय टीम का 2024 का दक्षिण अफ्रीका का दौरा, जब ईशान बीच में सीरीज छोड़कर भारत लौट गए थे।बीसीसीआई ने उन्हें रणजी ट्रॉफी पर आईपीएल को प्राथमिकता देने के कारण केंद्रीय अनुंबध से बाहर कर दिया गया था और एक समय ऐसा आया जब भारतीय क्रिकेट व्यवस्था उनके बिना ही आगे बढ़ने को तैयार दिख रही थी। ईशान की जगह नहीं बन रही थी टीम में ऋषभ पंत की धमाकेदार वापसी हो चुकी थी, ध्रुव जुरैल अपनी छाप छोड़ रहे थे, संजू सैमसन और जितेश शर्मा जैसे विकल्प भी मौजूद थे। ऐसे में चयन क्रम में पांचवें नंबर पर खिसक चुके ईशान के लिए फिर से भारतीय टीम में जगह बनाना बेहद कठिन दिख रहा था। इस दौरान इस वामहस्त बल्लेबाज ने क्रिकेट से एक ब्रेक लेने का फैसला किया। मानसिक और भावनात्मक थकान ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था, यह धारणा बना दी गई कि वह घरेलू क्रिकेट को गंभीरता से नहीं ले रहे।खुद को फिर से गढ़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी ईशान ने इन आलोचनाओं का कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया। उनके करीबी मित्र और ईशान किशन क्रिकेट अकादमी के सह-संस्थापक अंशुमत श्रीवास्तव बताते हैं कि ईशान ने उसी दिन से खुद को फिर से गढ़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उन्होंने वर्तमान में जीना सीखा। प्रक्रिया उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण हो गई। ईशान के जीवन की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई।उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन) शुरू किया, पिता प्रणव पांडेय के कहने पर श्रीमदभगवद् गीता पढ़नी शुरू की। वह दिन में दो बार अपनी अकादमी में कौशल प्रशिक्षण करते। होटल का खाना छोड़कर निजी शेफ रखा ताकि पोषण पर पूरा ध्यान रहे। नींद और आराम का विशेष ख्याल रखा जाने लगा।परिवार बन गया कवच ईशान की वापसी के सफर में परिवार ने मजबूत कवच का काम किया। बड़े भाई राज किशन, जो पेशे से डाक्टर हैं और खुद जूनियर क्रिकेट खेल चुके हैं और वह तकनीकी सलाह में अहम भूमिका निभाते रहे। अंशुमत बताते हैं कि राज से बेहतर ईशान के खेल को कोई नहीं समझता। नेट्स में घंटों सिमुलेशन ट्रेनिंग ने उनके शाट चयन में स्पष्टता लाई। पावरप्ले में कितने रन बनाने हैं, किस गेंदबाज पर कैसे हमला करना है, इन सभी पर मानसिक तैयारी की गई। यही स्पष्टता हाल के मैचों में दिखी, जब उन्होंने दबाव भरी परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया।ईशान का स्वभाव आज भी वही है, मजाकिया, हल्के-फुल्के और टीम में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने वाले, लेकिन अब उनकी मानसिक मजबूती पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व है। पाकिस्तान के विरुद्ध शानदार पारी के बाद भी होटल लौटकर उन्होंने सबसे पहले रिकवरी पर ध्यान दिया, क्योंकि अगला मुकाबला सामने था।

February 16, 2026 19:19 UTC

Tranquebar marked the beginning of a brief and largely forgotten chapter of Danish colonialism in India. Trade and the desire to position themselves internationally were the key objectives, as with the Dutch, Portuguese, and English who had preceded them. The establishment of the first Danish trading station in Tranquebar, too, was more of an accident than a well-thought-out colonial design. The insignificant nature of the Danish trading presence is evident from the fact that their territories were sold off to the British as early as 1845. A lasting legacyStory continues below this adAlthough Danish history in India is largely forgotten, their legacy in Tranquebar has endured.

February 16, 2026 19:17 UTC

PM Modi to visit Israel on Feb. 25-26, to address Israeli KnessetPrime Minister Narendra Modi will travel to Israel on a two-day visit from February 25 to 26, sources said on Monday (February 16, 2026). Narendra Modi,” Mr. Netanyahu told the gathering. Mr. Modi and Mr. Macron’s discussions will focus on cementing the strategic ties and further diversifying them into new and emerging areas. Iran meets U.N. nuclear watchdog in Geneva ahead of a second round of U.S. talksIran’s top diplomat met with the head of the U.N. nuclear watchdog agency on Monday (February 16, 2026), ahead of a second round of negotiations with the United States over Tehran’s nuclear program. Bhupen Borah withdrew resignation after Congress high command’s intervention: AICC Assam in-chargeFormer Assam Congress chief Bhupen Borah has withdrawn his resignation after the party high command’s intervention, AICC state in-charge Jitendra Singh claimed on Monday (February 16, 2026).

February 16, 2026 19:17 UTC

राम विश्वकर्मा Produced by: • राम विश्वकर्मा Written by: | Navbharat Times• 16 Feb 2026, 11:11 pmHimanta Biswa Sarma Case: CM हिमंता हेट स्पीच केस में सुप्रीम कोर्ट ने केस HC ले जाने को क्यों कहा ?

February 16, 2026 19:13 UTC

India's AI Impact Summit, an event meant to showcase the country's technology ambitions, faced a wave of online criticism on its opening day on Monday as attendees reported long queues, overcrowding and organisational lapses at the New Delhi venue. Indian officials are positioning the summit, which runs until February 20, as a platform to amplify the voices of developing nations in global AI governance. A number of reporters said physical passes promised for collection weren't ready, while others complained of a lack of seating to file stories and run interviews from. "Gates are closed so could not access my own booth at the AI Summit. "We may set up a mini-booth at some Connaught Place cafe," he added, referring to the business district near the summit venue.

February 16, 2026 19:04 UTC

राम विश्वकर्मा Produced by: • राम विश्वकर्मा Written by: | Navbharat Times• 16 Feb 2026, 7:53 pmAI Impact Summit 2026: भारत में AI समिट का आगाज, क्या हैं उद्देश्य कैसे लाभ होंगे ? | Ram Ki Report

February 16, 2026 19:01 UTC

Rahul Gandhi said that a few days ago, he met with a delegation of gig workers at the "Jan Sansad". "Today, gig workers lack stable income, social security, or basic amenities like medical care and insurance. Women gig workers are victims of double exploitation -- economic insecurity coupled with a lack of respect and security, the Congress leader claimed. "There are no strong laws, no social security, and no accountability for gig companies," he said. The fight for gig workers is not just about employment – ​​it is about respect, security, and social justice," he said.

February 16, 2026 19:00 UTC

दिव्यांशु राठौर Produced by: | Navbharat Times• 16 Feb 2026, 2:07 pmGold Silver Rate Today 16 Feb 2026: सोने चांदी के नए रेट क्या, आने वालें दिनों में रिकॉर्ड तोड़ गिरेंगे दाम?

February 16, 2026 18:57 UTC

लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्‍यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्‍यादा समय से टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्‍होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

February 16, 2026 18:57 UTC