उत्तरप्रदेश के शहर फैजाबाद का रहने वाला मैं मोहम्मद शरीफ। बीते 25 सालों में मैंने 23 हजार से ज्यादा लावारिस और कटी-फटी लाशों का अंतिम संस्कार किया है।. लावारिस लाश का अंतिम संस्कार करते मोहम्मद शरीफ।मुझे आज भी याद है वो दिन जब बड़ा बेटा रईस काम पर जाने के लिए घर से निकला था। उसकी अम्मी जिद करने लगी कि बिना खाना खाए घर से नहीं जाएगा।अम्मी का मन रखने के लिए उसके ही हाथ से दो निवाले खाकर निकला था। तब हमें क्या पता था कि आखिरी बार उसको देख रहे हैं। हम तो इतने बदनसीब थे कि अपने बच्चे की लाश भी नहीं देख पाए।रईस होमियोपैथी दवाओं का एमआर था। उसे पढ़ने का बहुत शौक था। सात बच्चों में सबसे बड़ा वही था। उसकी कमाई से ही घर चलता था। मैं तो साइकिल मैकेनिक था। घर की सारी जिम्मेदारी वही उठाता था।उस रोज जब शाम तक वो नहीं लौटा तो हमने उसकी दुकान पर पता किया। दुकान खुली थी, लेकिन रईस वहां पहुंचा ही नहीं था। वहां काम करने वाले लड़के को भी कुछ नहीं पता था। हम वापस घर आ गए। सारी रात इंतजार करते रहे।सुबह हम उस साइकिल स्टैंड पर गए ,जहां रईस अपनी साइकिल खड़ी करता था। साइकिल स्टैंड वाले ने बताया कि मेरे पास कल सुबह साइकिल खड़ी करके गए थे। जाते हुए कह गया था कि सुल्तानपुर जा रहा हूं, शाम तक आऊंगा।हमने सुल्तानपुर में भी पता करवाया लेकिन कुछ पता नहीं चला। कई दिन बीत गए, रईस का कुछ पता नहीं चला। हम उसकी तस्वीर लेकर मारे-मारे घूम रहे थे। घर में न खाना बनता था, न ही कोई खाता था। हमने बड़े शहरों में भी उसे तलाशा।जब कोई सुराग नहीं मिला तो थककर घर बैठ गए। रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पैसे मांगकर घर का खर्च चला रहे थे।लगभग डेढ़ महीने के बाद लोकल थाने से दो पुलिस वाले आए। उनके हाथ में एक थैला था। मुझे देखते ही उन्होंने थैले से एक मुड़ी हुई कमीज निकाल कर दी। वह कमीज मेरे बेटे की थी, मेरे रईस की।पुलिस वालों ने बताया कि महीने भर पहले सुल्तानपुर में आपके बेटे की हत्या हुई है। उसकी लाश कई दिन तक सड़क किनारे पड़ी थी। कुत्ते उसकी लाश को नोंच-नोंचकर खा गए थे।हमने इसका पता ढूंढने की बहुत कोशिश की। कई दिनों तक इसके बारे में कुछ पता नहीं चला तो उसकी लाश नदी में फेंक दी। पुलिस उसकी शर्ट पर लगे टेलर के टैग के जरिए डेढ़ महीने बाद हम लोगों तक पहुंच पाई थी।पुलिस वाले एक महीने से ये शर्ट लिए आसपास के इलाकों के दर्जियों के पास भटक रहे थे। आखिर वो लोग शेख टेलर के पास पहुंचे, जिसने रईस की शर्ट सिली थी। उसी ने शर्ट पहचान कर पुलिस को हमारे घर भेजा।ये सुनते ही हम लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रईस की अम्मी रो-रोकर बेहोश हो जाती थी। कई दिनों तक घर में चूल्हा नहीं जला।घर में किसी को कुछ होश नहीं था। घर के खर्च से लेकर छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई तक सबकुछ रईस देखता था। हमें सारी उम्मीदें उसी से थीं। एक झटके में हमारा सब उजड़ गया।मैं तो 15 दिन तक घर में रह ही नहीं पाया। जैसे ही घर आता उसकी याद आने लगती। ये सोच-सोचकर परेशान हो जाता कि मेरे बेटे की लाश इस तरह फेंक दी गई। लगभग पांच-छह महीने के बाद मैंने फैसला किया कि जैसा मेरे बेटे की लाश के साथ हुआ, वो किसी के साथ नहीं होगा।अब फैजाबाद में किसी की लाश फेंकी नहीं जाएगी। मैं उनके धर्म को अनुसार अंतिम संस्कार करुंगा। इसके लिए मैं एसडीएम साहब से मिला। उन्हें लिखित में दिया कि लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार अब मैं करुंगा।उसके बाद मुझे पुलिस स्टेशन से फोन आने लगे। जिस लाश का 72 घंटे तक कोई दावेदार नहीं होता है उन लाशों को मुझे सौंप दिया जाता है।पोस्टमार्टम के बाद लावारिस लाश ले जाते मोहम्मद शरीफ।ये लाशें या तो सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों की होती या फिर जिन्हें मारकर फेंक दिया जाता उनकी। हिंदू लाशों का दाह संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया जाता है और मुस्लिम लाशों का इस्लाम के अनुसार। हिंदूओं के तमाम रीति-रिवाज मैं पास खड़े होकर अपनी निगरानी में करवाता हूं।आजकल एक लाश के दाह संस्कार का खर्च लगभग दस हजार रुपये लग जाते हैं। पहले ज्यादा खर्च नहीं आता था तो खुद ही कर लेता था या फिर लोगों से चंदा मांगता था।मैंने अपनी सारी पूंजी लाशों के अंतिम संस्कार पर लगा दी। जब लोग मेरे बारे में जानने लगे, सबकुछ मीडिया में आ गया तो मुकेश अंबानी जैसे-जैसे बड़े-बड़े लोगों ने मेरा काम को सराहा। फिर धीरे-धीरे अयोध्या और फैजाबाद के बड़े बिजनेसमैन ने आगे बढ़कर मेरा साथ देना शुरू किया।हिंदू लाशों के दाह संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम फैजाबाद के बड़े बिजनेसमैन और होटल के मालिक शरद करते हैं। ऐसे ही मुस्लिम कब्रों को खोदने के लिए भी बड़े लोग सामने आए। अब इस काम के लिए पैसे की दिक्कत नहीं होती।लावारिस लाश ले जाते मोहम्मद शरीफ।जब मैंने इस काम की शुरुआत की तो लोग मुझपर हंसते थे, चिढ़ाते थे। कहते थे कि पागल है, सड़ी-गली लाशें उठाता है। सबने मुझे दावतों और रिश्तेदारी में बुलाना बंद कर दिया गया।मुझे अपने साथ बैठने नहीं देते थे। फिर भी मैंने ये सब छोड़ा नहीं। घंटो पोस्ट मार्टम कमरे के सामने बैठकर इंतजार करता था। ये काम करके मुझे बहुत सुकून मिलता है। हर बार लावारिस लाश का अंतिम संस्कार कर के मुझे मेरा बेटा याद आ जाता है।मैं आज भी किराए के मकान में रहता हूं। लगभग 92 साल उम्र है और सेहत लगातार खराब चल रही है। रईस के जाने के बाद एक सड़क दुर्घटना में छोटे बेटे की भी मौत हो गई थी।अब सिर्फ एक बेटा बचा है उसे भी पिछले साल मुंह का कैंसर हो गया था। वह स्कूल के बच्चों की वैन चलाता है। पूरे घर परिवार की जिम्मेदारी अब उसपर है। घर का इकलौता कमाने वाला भी खुद ही बीमार है।साल 2020 में मुझे मेरे इन कामों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। हाल ही में मेरे स्पाइन का ऑपरेशन उत्तर प्रदेश सरकार ने करवाया है।मुझे खुशी है कि मैंने खुद से जो वादा किया था उसे निभाया। मुश्किलें आईं लेकिन रुका नहीं। कसम खाई थी कि अब लावारिस लाशें फेंकी नहीं जाएगी और मैंने उसे कायम रखा।जब बाद में लोगों को पता चलता कि उनके

February 16, 2026 13:54 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिले में रेत और मुरुम के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के चलते पिछले सप्ताह तीन दिन माइनिंग, राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने शहपुरा, पाटन और कुंडम क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान जहां शहपुरा क्षेत्र में दो दिन में 35 लाख रुपए की रेत नदी में वापस मिलाई गई।वहीं कुंडम और पाटन क्षेत्र में भी इस तरह की कार्रवाई की गई। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतने बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन होने के बाद भी अमला मात्र तीन दिन कार्रवाई कर बैकफुट में आ गया, अब न तो रेत के उत्खनन की जांच हो रही है और न ही परिवहन के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। नतीजतन रेत माफिया बेखौफ होेकर रेत निकाल रहा है।ठेका चालू नहीं, मनमाने दामों पर विक्रयजानकारों का कहना है कि शासकीय तौर नर्मदा सहित आसपास के सभी घाटों पर रेत निकासी का ठेका बंद है। इसके बाद भी शहर में रेत का परिवहन जारी है। इससे यह तो स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर रेत की निकासी हो रही है जो पूरी तरह से अवैध है। परमिट वाली रेत न मिलने के कारण रेत माफिया द्वारा मनमाने रेट पर रेत का विक्रय किया जा रहा है, यानी रेत के दाम तय नहीं हैं जो चाहे अपनी मर्जी से रेट तय कर रहा है। इससे आम आदमी लुट रहा है।नर्मदा और हिरन नदी से निकाल रहे रेतसूत्र बताते हैं कि इन दिनाें शासकीय अमले की शांति का लाभ उठाकर रेत माफिया नर्मदा के घाटों सहित हिरन और मालकछार क्षेत्र से बड़ी मात्रा में रेत निकाल रहा है। गौरीघाट से लेकर ललपुर, चरगवां क्षेत्र में जहां सुबह से लेकर देर शाम तक नदी के बीच से किश्ती के सहारे रेत निकाली जा रही है, तो वही हिरन नदी में बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर बीच से रेत निकालने का क्रम जारी है।स्टॉक पर नजर तो सीधे अन्य परिवहनजानकार बताते हैं कि पिछले सप्ताह हुई कार्रवाई के बाद अब रेत माफिया पहले से काफी ज्यादा सतर्क हो गया है और उसके द्वारा नदी से रेत निकाल कर घाटों के आसपास स्टॉक नहीं किया जा रहा है, बल्कि दूर-दराज खेतों के बीच रेत का स्टॉक किया जा रहा है ताकि यहां आसानी से टीम की नजर न पड़े। इसके बाद एक-दो दिन में उसे कहीं अन्यत्र शिफ्ट कर दिया जाता है।

February 16, 2026 13:46 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। परियट नदी जबलपुर की बड़ी आबादी के लिए जीवनदायिनी है। यह चंबल के बाद ऐसी नदी है, जो मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास है। परियट नदी के कई हिस्सों में अवैध उत्खनन हो रहा है। इससे नदी में पानी की कमी हो रही है, साथ ही मगरमच्छों के प्राकृतिक रहवास पर भी संकट गहराने लगा है। प्रदूषण और अवैध कार्यों की वजह से इस नदी के अस्तित्व पर संकट आ चुका है। कुंडम से निकलने वाली यह नदी छोटी जरूर है, लेकिन करीब 20 गांव के लोगों का जीवन इस नदी पर निर्भर रहता है।इंसानों के साथ मगरमच्छों का जीवन भी संकट मेंसाल दर साल यहां का घटता जलस्तर इंसानों के साथ मगरमच्छों और इससे लगे जंगलों के वन्य प्राणियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। नदी के संरक्षण को लेकर कई बार प्लानिंग बनी लेकिन हर बार मामला फाइलों तक ही सीमित रहा।इमलिया के पास परियट नदी के हाल बेहालहैरान करने वाली बात यह है कि एलपीआर से वर्धाघाट तक जिस हिस्से में आमजन का दखल है, वहां साल भर भरपूर पानी मौजूद रहता है। इसी तरह अगर पूरे नदी क्षेत्र में प्रयास किया जाए तो इसे बचाया जा सकता है।पंप लगाकर हो रही सिंचाईग्रामीणों के अनुसार परियट नदी से लगे गांवों के खेतों में सिंचाई के लिए सैकड़ों मोटर पंप लगाए गए हैं, जिनसे हर दिन 100 से 200 एकड़ के खेतों में अवैध रूप से सिंचाई होती है। इसके अलावा नदी के किनारे ईंट-भट्टों में उपयोग होने वाली भसुआ मिट्टी का अवैध खनन भी बेखौफ तरीके से जारी है। ग्रामीणों की तरफ से होने वाली एक भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती।गांवों में पहुंच रहे मगरमच्छपरियट नदी मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास है। यहां 150 से ज्यादा छोटे-बड़े मगरमच्छ मौजूद हैं। गर्मी की शुरुआत मगरमच्छों का प्रजनन काल कहलाता है। इसलिए मादा मगरमच्छ अंडे देने के लिए नदी के किनारे सुरक्षित स्थानों में अपना ठिकाना बना लेती थी, लेकिन मोटर पंपों की आवाज और खुदाई के लिए लगने वाली जेसीबी मशीनों और भारी वाहनों की आवाजाही से बचने के लिए ये नदी से लगे गांवों में अंडे देने के लिए मूवमेंट करती हैं।

February 16, 2026 13:46 UTC

Ramadan suhoor, iftar times, fasting hours2UAE, India, Pakistan, Bangladesh, Saudi Arabia will have different suhoor, iftar time at the first day. New Delhi, India: Suhoor: 5:37 AM, Iftar: 6:15 PM, Fasting hours: 12h38m Islamabad, Pakistan: Suhoor: 5:26 AM; Iftar: 5:55 PM; Fasting hours: 12h29m Dubai, UAE: Suhoor: 5:32 AM, Iftar: 6:15 PM, Fasting hours: 12h43m Dhaka, Bangladesh: Suhoor: 5:13 AM, 5:56 PM 12h43m 4:47 AM 6:10 PM 13h23m Riyadh, Saudi Arabia: Suhoor :5:06 am; iftar time: 5:50 PM; fasting hours: 12h44m

February 16, 2026 13:43 UTC

14 घंटे पहले लेखक: अभिषेक गर्ग/श्रेया नाकाड़ेफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा सिर्फ कूटनीतिक इवेंट नहीं है। इसके साथ जुड़ी है 3.60 लाख करोड़ की 114 राफेल फाइटर जेट की संभावित डील, जो भारतीय वायुसेना के लिए ऑक्सीजन साबित हो सकती है।. चीन-पाकिस्तान से दो मोर्चों पर निपटने के लिए भारतीय वायुसेना में 42.5 स्क्वाड्रन मंजूर किए गए हैं। इस वक्त भारत के पास करीब 29 स्क्वाड्रन ऑपरेशनल हैं। यानी जरूरत से 13 कम। इसमें भी अगले 10 साल में जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 जैसी कई मौजूदा फ्लीट रिटायर हो जाएंगी।इसलिए सवाल कई हैं- 114 नए राफेल की डील कितनी क्रूशियल है, 42.5 स्क्वाड्रन पूरे होने में कितना वक्त लगेगा और जब चीन छठवीं पीढ़ी के जेट्स पर आगे बढ़ चुका है और पाकिस्तान को भी 5वीं पीढ़ी के जेट्स मिलने वाले हैं, तो भारत की क्या स्ट्रैटजी है। मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी...*****ग्राफिक्स: द्रगचन्द्र भुर्जी और अजीत सिंह-------------------------ये खबर भी पढ़िए239 पैसेंजर्स के साथ अचानक कैसे गायब हुआ MH370 विमान:12 साल बाद सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू; कौन-से राज खुलेंगे12 साल पहले 239 पैसेंजर्स के साथ गायब हुए MH370 विमान की गुत्थी सुलझ सकती है। 31 दिसंबर 2025 से दुनिया का सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू हुआ है। मलेशिया की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक नए तरीके से प्लेन की लोकेशन का अंदाजा लगाया गया है। पूरी खबर पढ़िए…

February 16, 2026 13:37 UTC





लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्‍यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्‍यादा समय से टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्‍होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

February 16, 2026 13:34 UTC

The visit was first made public by Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu while addressing the Conference of Presidents of Major American Jewish Organisations on Sunday. In July 2017, he became the first Indian prime minister to travel to the country. Officials say the Prime Minister is likely to discuss issues of bilateral and regional interest during the two-day stay. Later, a Terms of Reference for the FTA was signed during Commerce and Industry Minister Piyush Goyal’s visit to Israel in November. In November, India and Israel signed an agreement to deepen defence, industrial and technological cooperation, enabling the sharing of advanced technology for co-development and co-production.

February 16, 2026 13:33 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिले के कुंडम वन खंड अंतर्गत आने वाले ग्राम ददरगवां में जुलाई माह के दौरान 30 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक एक भी पौधा नहीं लग पाया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाना था, परंतु स्थानीय ग्रामीणों के तीव्र विरोध के कारण यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।पौधारोपण की तैयारी के लिए वन विभाग द्वारा हजारों गड्ढे खोदे गए थे। इन गड्डों को तैयार करने में विभाग के लाखों रुपए व्यय हो चुके हैं, जो अब योजना रुकने से व्यर्थ होते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का विरोध मुख्य रूप से भूमि विवाद या चारागाह की कमी को लेकर बताया जा रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग की इस गतिविधि से उनके पारंपरिक अधिकारों या आवागमन में बाधा आ रही है। निस्तार की भूमि पर पौधारोपण का विरोध हो रहा है।व्यर्थ हो गए लाखों रुपएजानकारों का कहना है कि करीब 50 लाख रुपए की इस योजना में जमीन की सफाई एवं गड्ढे कराए जाने पर अधिकांश राशि व्यय हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि योजना बनाने वालों ने पहले इन तमाम बातों का ध्यान क्यों नहीं रखा। वहीं ग्रामीणों को भी इस बात को समझना होगा कि 90 हेक्टेयर निस्तार भूमि में से मात्र 30 हेक्टेयर भूमि पर ही पौधारोपण होना है, बाकी 60 हेक्टेयर जमीन अब भी उनके निस्तार के लिए बाकी है। वहीं पर्यावरण की बेहतरी भी जरूरी है।उच्च स्तरीय कमेटी में होगा निर्णयददरगवां में पौधारोपण को लेकर ग्रामीणजनों को समझाइश दी जा रही है। इस मामले में जिला टास्क फोर्स की बैठक में निर्णय होगा। उच्च अधिकारी तय करेंगे कि आगे क्या करना है।महेश कुश्वाह, रेंजर, कुंडम परिक्षेत्र

February 16, 2026 13:33 UTC

भास्कर न्यूज, पुणे। शहर के विभिन्न हिस्सों में हुई दो दुखद घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। पहली घटना बिबवेवाड़ी के अप्पर इंदिरानगर इलाके में हुई, जहां एक निर्माण स्थल पर दिवार गिरने से 34 वर्षीय मजदूर मिथुन नारायण चव्हाण (रा. महावीरनगर, सुखसागरनगर, कात्रज) की मौत हो गई।घटना के अनुसार, दिवार गिरने के समय चव्हाण निर्माण कार्य में लगे हुए थे। उनके घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके परिवार ने बताया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की कोई व्यवस्था नहीं थी और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसी कारण बिबवेवाड़ी पुलिस ने ठेकेदार राठोड के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक कांबळे कर रहे हैं।दूसरी घटना येरवडा इलाके में घटी, जहां पीएमपी बस के चक्के के नीचे आने से 22 वर्षीय सह-यात्री विकी महातो (रा. धानोरी, विश्रांतवाडी) की मौत हो गई। घटना 14 फरवरी को दोपहर चार बजे हुई, जब महातो और उनके साथी सुभाष कांबले मोटरसाइकिल से येरवडा क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान सामने से आए रिक्शा से टकराने के कारण दोनों सड़क पर गिर पड़े और पीछे से आ रही पीएमपी बस के चक्के के नीचे महातो आ गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई। इस मामले में लक्ष्मीनगर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच पुलिस उपनिरीक्षक शेख कर रहे हैं।

February 16, 2026 13:31 UTC

About IAS Avi Prasad career2Avi Prasad, a 2014-batch IAS officer from Sitapur district in Uttar Pradesh, secured an impressive All India Rank (AIR) of 13 in the UPSC Civil Services Examination. Before joining the civil service, he worked at the Reserve Bank of India. As Collector in Katni, he was known for tackling malnutrition and addressing public issues.

February 16, 2026 13:28 UTC

Karti, whose father P Chidambaram was a Union Minister during the UPA era, spoke about the scene in a lighter vein during an ANI podcast and said that he was told he has a cameo there. Congress MP Karti Chidambaram addressed the speculation about a scene in Aditya Dhar’s movie Dhurandhar, where a scene involving an unnamed politician and his son, who facilitate a counterfeit currency scam, had left many wondering who it could be about. Karti, whose father P Chidambaram was a Union Minister during the UPA era, spoke about the scene in a lighter vein during an ANI podcast and said that he was told he has a cameo there. During an ANI podcast, Karti was asked if he had seen Dhurandhar, to which he replied, “No. I hope the producer had called me and asked me who they should cast in my cameo.

February 16, 2026 13:16 UTC

Hindi NewsNationalBhubaneswar Bomb Making Accident | 4 Injured, 2 Deadभुवनेश्वर में छत पर धमाका, CCTV में घटना कैद: बदला लेने के लिए बम बना रहा था परिवार; 4 लोग बुरी तरह झुलसे, दो की मौतभुवनेश्वर 12 घंटे पहलेकॉपी लिंकघटना 27 जनवरी की है लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है।ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के आजाद नगर में 27 जनवरी को एक घर की छत पर जोरदार धमाका हुआ। इसका CCTV फुटेज अब सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मां-बेटा सहित 4 लोग किसी से बदला लेने के लिए छत पर बम बना रहे थे। इसी दौरान ब्लास्ट हो गया।इससे चारों लोग बुरी तरह झुलस गए। इनमें दो की मौत हो गई है। पूरी घटना पास में लगे CCTV में कैद हो गई। इसमें दिखा की छत पर 4 पानी की टंकियां लाइन से रखी हैं। टंकियों के पीछे अचानक से धमाके के साथ धुएं का गुबार उठा। फिर झुलसे लोग एक-एक कर भागते नजर आए।घायल हुए लोगों की पहचान शहनवाज मलिक (26), उसकी मां लिलातुन बीबी, मंगेतर तृप्तिमयी महल (23) और दोस्त अमीया मल्लिक (27) के रूप में हुई। शहनवाज मलिक और उसकी मां की मौत हो गई है। वहीं दो अन्य अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।नीचे CCTV फुटेज से ली गईं 4 विजुअल्स के जरिए पूरी घटना देखिए…धमाके के बाद शहनवाज की मां भागते हुए टंकी की दूसरी तरफ आई। उसके कपड़ों में आग लगी थी।इसके बाद बुरी तरह झुलसा शहनवाज टंकी के पास आकर बैठ गया। पास में उसकी मां और मंगेतर अपने शरीर से जलते हुए कपड़े खोलकर फेंक रही थी।शहनवाज ने टंकी में लगा नल चालू कर दिया और शरीर पर पानी डालने लगा। घायल मंगेतर उसकी मदद करने लगी।वीडियो के अंत में दिखा कि शहनवाज टंकी के पास बैठे-बैठे अचानक गिर गया। बाद में अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।शहनवाज बदला लेने की नियत से बम बना रहा थामीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहनवाज एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी होता है। उसका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड था। वह किसी बदला लेने की नियत से छत पर देसी बम बना रहा था। उस वक्त पर परिवार के सदस्य भी उसके पास ही मौजूद थे।धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर पूरी घटना की जांच कर रही है।NIA ने मामले की जांच शुरू कीघटना की गंभीरता को देखते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटनास्थल से गनपाउडर मिला है, जिससे बम बनाने की गतिविधि की आशंका और बढ़ गई है।पुलिस ने कहा है कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि धमाका किस कारण से हुआ। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई साजिश थी या लापरवाही। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।------------------------------बम ब्लास्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…गुजरात के 32 स्कूलों में बम की धमकी:ईमेल में लिखा- बस को उड़ा देंगे, हिंदुस्तान टुकड़ों में बंट जाएगा; पैरेंट्स बच्चे लेकर लौटेगुजरात के 32 स्कूलों में सोमवार को ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई है। वडोदरा के 17 और अहमदाबाद के 15 स्कूल शामिल हैं। ईमेल में लिखा गया कि गुजरात खालिस्तान बन जाएगा, हिंदुस्तान टुकड़ों में बंट जाएगा। जानकारी सामने आते ही पैरेंट्स तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्चों को वापस ले आए। पूरी खबर पढ़ें….

February 16, 2026 13:12 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर के चारों ओर रिंग आकार में 3 हजार करोड़ की लागत से पांच अलग-अलग हिस्सों में 114 किलोमीटर की िरंग रोड तैयार की जा रही है। इसका पहला हिस्सा जो शारदा मंदिर से चूल्हा गोलाई तक 16 किलोमीटर है, इसको एनएचएआई अप्रैल तक हर हाल में तैयार कर देगा।नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इण्डिया ने इस हिस्से के वर्क की समीक्षा की, उसमें बताया कि रिंग रोड के पहले हिस्से का काम 84 फीसदी पूरा कर लिया गया है। इसमें छोटे-बड़े सभी सड़क ब्रिजों पर काम लगभग पूरा है। केवल नदी पर बन रहा नर्मदा एक्स्ट्राडोज ब्रिज है, जिसका काम दिसंबर तक पूरा होगा। सर्विस रोड सहित पूरी सड़क गर्मियों की शुरुआत में अप्रैल से पूरी तरह से खुल जाएगी।इसके जितने डायवर्सन प्वाॅइंट व ब्लॉक हैं, उनको एक-एक कर सड़क बनने के साथ खोलना शुरू कर दिया जाएगा। रिंग रोड सड़क का मुख्य हिस्सा तैयार हो चुका है। इसकी सर्विस रोड पर काम बाकी है, कुछ हिस्सों में फिनिशिंग वर्क चल रहा है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू कहते हैं कि दो माह में इसकी सर्विस रोड का काम पूरा हो जाएगा। किसी भी हाल में अप्रैल तक पहला हिस्सा फिनिश कर दिया जाएगा।एक नजर इस परकुल निर्माणाधीन रिंग रोड 114 किलोमीटर की है।इसमें पहला हिस्सा 16 कि.मी. लागत 550 करोड़।पूरे एरिया में 9 छोटे फ्लाई ओवर, 30 कि.मी सर्विस रोड।सड़क की कुल चौड़ाई सर्विस रोड सहित 150 फीट।अप्रैल तक इसको तैयार करने का दावा किया जा रहा।16 किलोमीटर में 9 ब्रिजरिंग रोड का जो पहला हिस्सा 16 किलोमीटर का है। इसमें 9 छोटे फ्लाई ओवर तैयार किए जा रहे हैं। इन छोटे फ्लाई ओवर में 4 अंडर व्हीकल पास से वाहन नीचे से निकल सकेंगे, तो शेष अप्रोच रोड सहित 400 से 600 मीटर तक के ब्रिज हैं। इन ब्रिजों से टाउन के आसपास रहने वाली आबादी मुख्य सड़क से नीचे से आराम से निकल सकेगी। इसमें मुख्य हिस्से में ट्रैफिक में बाधा नहीं होगी।30 किलोमीटर की सर्विस रोडपहले हिस्से में शारदा मंदिर से लेकर चूल्हा गोलाई की सीमा तक दोनों ओर 30 किलोमीटर की सर्विस रोड है। इन सर्विस रोड की चौड़ाई 22-22 फीट है। सर्विस रोड को बनाने का उद्देश्य यही है कि जिनको करीबी गांव या टाउन में जाना हो वे मुख्य सड़क का उपयोग नहीं करेंगे। इसके चलते उनसे किसी तरह का टोल भी नहीं लिया जाएगा।

February 16, 2026 13:12 UTC

KOLKTA: A woman has lodged a police complaint alleging that she was molested inside a moving car in south Kolkata by three youths who had offered a ride home, a senior officer said on Monday. Two of the three youths, sitting inside the SUV, were known to her and hence boarded the car without suspecting anything, the woman said in the complaint. After moving around for an hour or so, when the car was near Anandapur area, the woman was let go, the official said. Police were scanning CCTV footage of the area and the search for the car and culprits was on full swing. Notably, Commisssioner of Police Supratim Sarkar during his visit to Gariahat in South Kolkata last week said safety of citizens, particularly women, remain the top priority of the force.

February 16, 2026 13:11 UTC

संवाद सहयोगी, बिधनू(कानपुर)। कानपुर में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। एक सेवानिवृत्त फौजी ने अपनी पत्नी, बेटे को गोली मार दी। इसके बाद खुद रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के तुलसियापुर गांव में सोमवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सेवानिवृत्त फौजी 55 वर्षीय चेतराम पासवान ने अपनी 45 वर्षीय पत्नी सुनीता और 16 वर्षीय बेटे दीप को घर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद घर के मुख्य गेट पर बाहर से ताला डालकर करीब तीन किलोमीटर दूर कठोंगर गांव के पास भाऊ रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।बेटी प्रीति की शादी के दौरान हल्दी समारोह में पति चेतराम, बेटा दीप, बेटी प्रीति और पत्नी सुनीता। फाइल फोटो मालगाड़ी के चालक ने सुबह 5:55 बजे आरपीएफ को शव ट्रैक पर पड़े होने की सूचना दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो पास में एक बाइक मिली। बाइक का नंबर हंसपुरम स्थित आवास विकास कॉलोनी के पते पर दर्ज था। इसके आधार पर पुलिस घर पहुंची, जहां अंदर पत्नी और बेटे के शव पड़े मिले।पुलिस के अनुसार घटना में डबल बैरल बंदूक का प्रयोग किया गया। पत्नी को एक गोली और बेटे को दो गोली मारी गई। एक कारतूस बंदूक में फंसा मिला। पुलिस का अनुमान है कि पत्नी और बेटे की हत्या तड़के तीन से चार बजे के बीच की गई।घटना के बाद गांव बखरिया में चेतराम पर भारी कर्ज होने की चर्चा तेज हो गई। बड़े भाई रामबाबू ने बताया कि चेतराम पर कुछ लोगों का कर्ज था। इसके चलते उन्होंने करीब आठ-दस दिन पहले एक बीघा खेत 12 लाख रुपये में बेचा था। ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक साल से उन पर कर्ज की बात सामने आ रही थी। हालांकि कर्ज के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

February 16, 2026 13:02 UTC