Jharkhand Assembly Election 2019 : तीसरे चरण में प्रचार ने पकड़ी रफ्तार, आज बोकारो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगाएंगे जोर

बोकारो, जेएनएन। Jharkhand Assembly Election- 2019 के चाैथे चरण के लिए प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। तीसरे चरण में 12 दिसंबर को 17 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है। यह क्षेत्र सत्ता में भाजपा की वापसी के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जोर लगा रहे हैं। वे सोमवार को बोकारो और बरही में भाजपा की चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली से विशेष विमान से बोधगया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से हेलीकॉप्टर पर सवार होकर बरही आएंगे। बरही में जनसभा को संबोधित करने के बाद हेलीकॉप्टर से बोकारो पहुंचेंगे। बोकारो के सेक्टर-पांच स्थित मैदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां पर लोगों के बैठने के लिए 50 हजार कुर्सियां लगाई गई है। बोकारो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोकारो, रामगढ़ और गिरिडीह जिले के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगेंगे। इस माैके पर चंदनकियारी से भाजपा प्रत्याशी राज्य के मंत्री अमर कुमार बाउरी, बोकारो के भाजपा प्रत्याशी बिरंची नारायण, गिरिडीह के भाजपा प्रत्याशी निर्भय शहबादी, डुमरी से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप साहु, रामगढ़ से भाजपा प्रत्याशी रणजय कुमार खुंटू बाबू, बेरमो से भाजपा प्रत्याशी योगेश्वर महतो बाटुल और गोमिया से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मण कुमार नायक उपस्थित रहेंगे।Posted By: Mritunjayअब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

December 09, 2019 00:56 UTC


Lucknow Samachar: कांग्रेसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज - report filed against congressmen

हजरतगंज में जाम लगाकर प्रदर्शन का मामलाएनबीटी, लखनऊ : हजरतगंज में शनिवार को सड़क पर प्रदर्शन और उससे जाम लगने के मामले में कांग्र्रेसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इंस्पेक्टर हजरतगंज धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा के अनुसार जीपीओ से विधान भवन तक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के 20-25 कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्कामुक्की की थी। इस दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। इस मामले में कोतवाली के दरोगा कृष्ण कांत सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से हंगामा करने वालों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।

December 09, 2019 00:56 UTC


Lucknow Samachar: लिट फेस्ट - lit fest

\Bमुशायरे संग हुई शायरी की बैतबाजी\Bबैतबाजी में करामत स्कूल और खुनखुनजी के दलों ने बेहतरीन तैयारी और पढ़ने के दिलकश अंदाज से सबका दिल जीत लिया। इसमें रेशमां परवीन के संचालन में युसरा फारुकी, सानिया, कहकशां, दरक्षा युसूफ आरिफ, रजा अबरार, हलीमा उबेद, मंतजा सिराज ने हिस्सा लिया। मुशायरे में करामत स्कूल के प्रतिभागियों ने मौजूदा दौर पर भी रचनाएं सुनाईं। कहकशां खातून ने अपनी रचना 'नफरत के चिरागों को बुझा करके तो देखो फिर शम ए मोहब्बत से जला कर तो देखो...' सुनाई। इस क्रम में दरक्षा ने शायरी 'मिली है बहुत चोट रिश्तों से मुझको, मैं रिश्तों को फिर भी निभाती रही हूं...'। उम्मे हिलाल और युसूफ आरिफ, सना ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। इसके बाद खुनखुनजी कॉलेज की सानिया और युसरा ने अपनी रचनाएं पेश कीं।\Bबलात्कारियों की दरिंदगी का किया गिद्ध ने विरोध\Bबलात्कारियों की तुलना गिद्ध से किए जाने का विरोध डॉ़ लता कादम्बरी की कहानी 'गिद्ध' के जरिए किया गया। इसके बाद डॉ़ लता कादम्बरी की किताब 'टवीट कहानियां' पर डिम्पल त्रिवेदी ने चर्चा की। 'ईश की मां' कहानी के माध्यम से बिन ब्याही मां का दर्द बखूबी पेश किया गया। लोगों ने मल्टीमीडिया विडियो शो भी देखा।\Bलखनऊ के लेखकों के इतिहास को संजोया जाए\Bगौरव प्रकाश के संचालन में हुए 'द लखनऊ राइटर्स' सत्र में अनी जैदी ने कहा कि लखनऊ शहर को पहचान देने वाले मीर अनीस की कब्र आज भी उपेक्षित है। जिस समाज में लेखकों को सम्मान दिया जाता है उस समाज की नई पीढ़ी अपने आप ही संस्कारवान हो जाती है। इसके बाद अखिल कत्याल ने एक ही रचना हिन्दी और पंजाबी में सुनाकर प्रशंसा हासिल की।'मैंने अनुभव से सीखा है' पुस्तक के लेखक विश्व भूषण ने शुभ्रा मित्तल के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अनुभव सबसे बड़ी पाठशाला है। उस पुस्तक को लिखने में उन्हें 14 साल लगे। इसमें उनके व्यक्तिगत घटनाक्रम न होकर उन घटनाक्रमों की मनोवृत्तियों को समेटा गया है। अयोध्या में जन्मे विश्व भूषण वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्राशसनिक सेवा में कार्यरत हैं।\Bबुदेली गीतों से जीवंत की बुदेलखंड की संस्कृति\Bकादम्बनी क्लब की ओर से हुए 'बुन्देली संस्कृति धरोहर' शीर्षक के सत्र में डॉ.मधु चतुर्वेदी की परिकल्पना में श्रद्धा लिटोरिया के दल ने देवी गीत सुनाए। रजनी पाठक के आल्हा गायन के बाद पुष्पा अग्रवाल के दल ने 'फाग' सुनाया। देवकी नंदन शांत ने 'सावन बीतौ जात हमरवां ससुराल में...' जैसे गीत सुनाए। ईसुरी की चौकड़ियां भी खासी सराही गईं। सत्र का संचालन आकांक्षा पाठक ने किया।\Bसलीम आरिफ को याद आती हैं लखनऊ की गलियां\Bरंगकर्मी सलीम आरिफ ने कहा कि उन्होंने लखनऊ छोड़ा है लखनऊ उनसे नहीं छूटा। उनके जहन में आज भी लखनऊ की गलियां सांस ले रही हैं। आरजे प्रतीक के सवालों पर लुबना ने कहा कि लखनऊ तुम-तुम करते आते थे और हम-हम करते जाते हैं।\Bगुलाम अली वारसी ब्रदर्स की कव्वाली में महका सूफियाना अंदाज\Bगुलाम अली वारसी ब्रदर्स ने समारोह में जलसा के मुक्ताकाशी मंच पर 'अल्लाह-हू अल्लाह-हू' और 'छाप तिलक सब छीन ली रे मोसे नैना मिलाइके...' जैसी सूफियाना रचनाएं सुनाकर तारीफें बटोरी। इसमें उनका साथ फैय्याज, सलीम, नियाज, मौहम्मद कैफ ने दिया। फरमाइश पर उन्होंने 'मेरे रश्क-ए-कमर...' गीत और 'दमादम मस्त कलंदर...' भजन सुनाया।

December 09, 2019 00:56 UTC


Strong US jobs data supports dollar as market looks to US-China trade deal

TOKYO: The dollar held firm on Monday after data showed surprise strength in the US jobs market, but the currency was restrained from moving higher by worries about an escalation in the US-China trade war.The dollar index stood almost flat at 97.704 in early Asian trade on Monday, after rising 0.3 per cent on Friday.The euro traded at $1.10575, after hitting a one-week low of $1.10395 on Friday.The dollar changed hands at 108.57 yen. It had lifted to 108.92 yen on the US jobs data before losing momentum.US nonfarm payrolls increased by 266,000 jobs last month, the biggest gain in 10 months, while the unemployment rate ticked back down to 3.5 per cent, its lowest level in nearly half a century.Those figures suggested the Trump administration's 17-month trade war with China, which has plunged manufacturing into recession, has not yet spilled over to the broader US economy.Still, investors think that could change if trade tensions escalate further, especially if Trump goes ahead with planned tariffs on some $156 billion worth products from China from Dec 15.The market has been largely working on the assumption that those tariffs, which cover several consumer products such as cellphones and toys, will be dropped or at least postponed, given that Washington and Beijing agreed in October to work on a trade deal. "Markets are sensing that both sides want to avoid a collapse of their negotiation, judging from various news headlines," said Kazushige Kaida, chief of forex at State Street. "So the main scenario is for the dollar/yen to test mid-109 yen levels. The loonie shed more than 0.5 per cent on Friday following data showing the Canadian job market losing a surprise 71,200 net positions in November when economists had expected a gain of 10,000.

December 09, 2019 00:33 UTC


सावधान! सफेद कार में सवार महिलाएं लिफ्ट दें तो न लें, हो सकती हैं नौसरबाज

सफेद कार में सवार महिलाएं लिफ्ट दें तो न लें, हो सकती हैं नौसरबाजराजन कैंथ, लुधियानासावधान, कार सवार महिलाओं का गैंग शहर में लगातार बुजुर्ग महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है। यदि सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार महिलाएं आपको किसी बहाने बुलाकर लिफ्ट देने की बात करें तो न लें और सतर्क रहें, क्योंकि वे नौसरबाज गैंग की सदस्य हो सकती हैं।गिरोह के सदस्य ज्यादातर रविवार को ही सक्रिय होते हैं। उनका रूट किसी सत्संग भवन की ओर जाने वाली महिलाओं या फिर धार्मिक स्थल के आसपास ही फोकस होता है। इस गैंग के सदस्य कार में लिफ्ट देने के बहाने वृद्ध महिलाओं को बिठाते हैं और फिर रास्ते में उतार कर फरार हो जाते हैं। पीड़ित महिलाओं को बाद में अपने पहने हुए गहने गायब होने का पता चलता है। अब तक हुई वारदातों में इस गैंग को सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार में देखा गया है। इनकी कारों पर लगा नंबर फर्जी ही निकला है। वारदातों के बाद पुलिस गिरोह के खिलाफ कई मामले तो दर्ज कर चुकी है, मगर आज तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस साल इस गिरोह ने कुल छह वारदातें कीं। यानि कि औसत हर दो महीने बाद इस गिरोह ने वारदात की है। महानगर में इस साल अब तक गिरोह ने की वारदातेंजनवरी : कपड़ा व्यापारी की मां को मॉडल ग्राम एरिया में घर छोड़ने के बहाने नौसरबाज महिलाओं ने कार में बिठाया। फिर उससे सोने के जेवरात लूट लिए। वह भी इसी तरह स्विफ्ट कार में ही सवार होकर आए थे। पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया था मगर अभी तक आरोपितों को नहीं पकड़ पाई है।---------फरवरी : हैबोवाल के गुरु नानक देव नगर स्थित एकता विहार निवासी शशि जैन सहेली ज्योति के साथ सत्संग के लिए हैबोवाल से स्मिटरी रोड स्थित महावीर भवन जा रही थी। उसी दौरान सफेद रंग की एक स्विफ्ट कार में सवार महिलाओं ने उन्हें लिफ्ट देकर बैठा लिया। राजपुरा चौक में महिलाओं ने दोनों को उतार दिया। बाद में महिला ने चेक किया तो उसके हाथ में पहनी सोने की दोनों चूड़ियां गायब थीं।-फरवरी : दुगरी फेस-2 में क्रॉकरी व्यापारी की मां मनजीत कौर (75) घर के बाहर कुर्सी पर बैठी थी। कार सवार उसका कड़ा छीनकर फरार हो गए। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। स्विफट कार नंबर पीबी70बी-1427 को युवक चला रहा था जबकि पीछे की सीट पर दो महिलाएं सवार थीं।------जून : ऑटो में सवार नौसरबाजों ने राहों रोड निवासी मनजीत कौर की सोने की बालियां लूट लीं। वह अपने रिश्तेदारों को मिलने उनके घर मेहरबान रोड पर गई थी। पिछली सीट पर दो महिलाओं ने उसे अपने बीच में बिठा लिया। कुछ ही समय बाद वह उसे कक्के गांव के पास नीचे उतारकर चले गए। इस दौरान वह बेसुध सी थी। जब होश आया तो उसके कानों में डाली हुई बालियां नहीं थी।------नवंबर : विकास नगर निवासी निर्मल महाजन (73) घर से गांव दाद में राधा स्वामी सत्संग घर जा रही थी। पंजाब माता नगर चौक पर सफेद रंग की कार में सवार दो महिलाओं ने लिफ्ट देकर साथ बैठा लिया। थोड़ा आगे जाने पर ही महिलाओं ने उसे नीचे उतार दिया और फरार हो गई। जब उसने चेक किया तो डेढ़-डेढ़ तोले की सोने की उसकी दोनों चूड़ियां गायब थीं।--------दिसंबर : एक दिसंबर की सुबह 10 बजे मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह में माथा टेकने के बाद घर आ रही वकील की दादी को सफेद रंग की कार सवार नौसरबाज महिलाओं ने शिकार बनाया। वह शास्त्री नगर की रहने वालीं कुलजीत कौर सेठी के हाथ में पहना सोने का कड़ा लूट कर फरार हो गई। थाना मॉडल टाउन पुलिस ने दो अज्ञात महिलाओं व उनके एक साथी पर केस दर्ज किया।------------ कोट्सकभी किसी अनजान से लिफ्ट नहीं लेना चाहिए, बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही इस्तेमाल करना चाहिए। वृद्ध महिलाएं शायद इसलिए लिफ्ट ले लेती हैं, क्योंकि कार में बैठी महिलाओं पर भरोसा कर लेती हैं। यह गैंग दो सप्ताह का गैप डालकर शहर में आता है, सॉफ्ट टारगेट मिलते ही वारदात कर फरार हो जाता है। जांच में सामने आया है कि उनकी कार पर लगा नंबर भी फर्जी होता है।-सिमरतपाल सिंह ढींडसा, डीसीपी (डिटेक्टिव)------------ कोट्सइस गैंग के बारे में पूरी स्ट्डी की गई है। उनके काफी क्लू भी पुलिस के हाथ लगे हैं। उस पकड़ने के लिए पुलिस की स्पेशल सेल टीम के साथ सीआइए की दोनों टीमों को लगाया गया है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-राकेश अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर------------Posted By: Jagranअब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एपਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

December 08, 2019 23:03 UTC


indian railways: सीएजी की रिपोर्ट में खुलासा, '1 रुपये कमाने के लिए 98.44 रुपये खर्च करता रहा रेलवे' - cag revealed, railways are losing out on railways

सांकेतिक तस्वीरनियंत्रक एवं महा लेखापरीक्षक (CAG) ने खुलासा किया है कि प्रिविलेज पास के तौर पर रेलकर्मियों को दी जाने वाली रियायत से ही रेलवे को घाटा हो रहा है। इसी हफ्ते संसद में रखी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेल की रिजर्व टिकट किराए में दी जाने वाली सभी तरह की रियायतें कुल यात्री टिकट आय का सिर्फ 11.45% हैं। इन रियायतों का सबसे बड़ा हिस्सा (52.5%) तो रेलवे खुद अपने कर्मचारियों को प्रिविलेज पास देकर लुटा देती है।प्रिविलेज पास पर रेलकर्मियों और उनके परिजन को साल में एक से 6 यात्राओं तक शत-प्रतिशत रियायत मिलती है। इसके ज्यादा बार यह सुविधा लेने पर किराए में 66.67 प्रतिशत रियायत मिलती है। वर्ष 2015-18 तक प्रिविलेज पास के कारण रेलवे को 2759.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।एसी क्लास में प्रिविलेज पास का इस्तेमाल हर साल 5.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। भारतीय रेलवे 53 तरह की रियायतें देती हैं। औसतन एसी क्लास में प्रति यात्री 667 रुपये और नॉन-एसी क्लास में 157 रुपये की रियायत दी जाती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रीमियम ट्रेनों में सामान्य यात्रियों को कोई रियायत नहीं है, लेकिन रेलवे ने अपने कर्मचारियों को रियायत दे रखी है। प्रिविलेज पास का उपयोग रेलकर्मियों के अलावा अन्य लोग भी करते हैं, लेकिन इस सुविधा का लाथ उठानेवाले 62 प्रतिशत लोग रेलवे के कर्मचारी ही होते हैं। इनमें से 31 प्रतिशत रेलकर्मी एसी क्लास में बुकिंग कराते हैं।CAG ने समाधान के लिए रेलवे को सुझाव देते हुए कहा है कि प्रिविलेज पास पर टिकट की बुकिंग को पूरी तरह से फ्री करने के बजाय 50 प्रतिशत रियायत हो। इसके अलावा सांसदों और पूर्व सांसदों को मिलने वाली रियायत का 75 प्रतिशत खर्च संसदीय कार्य विभाग उठाए। सीएजी ने रेलवे से कहा है कि तीन साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए टिकट अनिवार्य किया जाएरेलवे को नुकसान से बचाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को 50 प्रतिशत या पूरी सब्सिडी छोड़ने का सुझाव भी दिया गया है। इस स्कीम का नाम 'गिव अप' है। इस योजना के तहत 15 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2018 तक 4.41 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों में से 7.53 लाख ने 50 प्रतिशत सब्सिडी छोड़ी है, जबकि 10.9 लाख ने पूरी सब्सिडी छोड़ी है।

December 08, 2019 23:03 UTC


Tags
Finance      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care       VMware
  

Loading...