राजस्थान / पहली बार सीजे सहित सभी 21 जज जोधपुर बेंच में करेंगे सुनवाई

जयपुर पीठ में आज अवकाश, फेयरवेल के आयोजन होंगेइमरजेंसी के समय गठित हुई थी जयपुर बेंच, 43 साल से यहीं हो रही थी सुनवाईDainik Bhaskar Dec 09, 2019, 12:44 AM ISTजोधपुर. इमरजेंसी में हाईकोर्ट की जयपुर बेंच गठित होने के 43 साल बाद पहली बार सोमवार को चीफ जस्टिस इंद्रजीत महांति सहित सभी 21 जज एकसाथ जोधपुर मुख्यपीठ में सुनवाई करेंगे। जयपुर पीठ में सोमवार को अवकाश रहेगा। सभी जज एकलपीठ में सुनवाई करेंगे।हालांकि दो खंडपीठ लंच के बाद सुनवाई करेंगी। इस बीच, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन व राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट के पुराने भवन में फेयरवेल कार्यक्रम का आयोजन होगा।इससे पहले नए भवन के उद्घाटन के बाद रविवार को हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की पहली मीटिंग हुई। इसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। अब नए भवन में ही नियमित सुनवाई होगी। बता दें कि आजादी के बाद 1949 में राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में बना। 27 साल तक एक ही पीठ रही। 1976 में इमरजेंसी के वक्त जयपुर पीठ बनाई गई थी। तब जोधपुर मुख्यपीठ घोषित हुई।का विधिवत रूप से उद्घाटन किया गया। जोधपुर स्टेट के चीफ कोर्ट में राजस्थान हाईकोर्ट को शिफ्ट किया गया। इसके बाद 27 साल यानि वर्ष 1976 तक राजस्थान में हाईकोर्ट की एकमात्र बैंच जोधपुर में ही थी। राजस्थान के सभी जिलों की सुनवाई यही होती थी। वर्ष 1976 में इमरजेंसी के समय हाईकोर्ट का विभाजन कर जयपुर बैंच गठित कर दी। इसके बाद जोधपुर को मुख्यपीठ घोषित किया गया।

December 08, 2019 19:18 UTC


ग्राउंन रिपोर्ट / चुनावी मुद्दों में सड़क, पानी और स्वास्थ्य शामिल ही नहीं

पिछली जीत के नायक के भरोसे भाजपा की आस बढ़ी, कांग्रेस और झाविमो दे रहे कड़ी टक्करDainik Bhaskar Dec 09, 2019, 12:44 AM ISTविनय चतुर्वेदी । हटिया . वैसे तो सरकारी राशि का दुरुपयोग, कहां और किस क्षेत्र में नहीं होता, पर इस मामले में हटिया विधानसभा क्षेत्र का जोड़ नहीं। यहां के रातू प्रखंड में कल्याण विभाग ने आदिवासी छात्रों के लिए हाॅस्टल बनाए हैं, पर इसमें कोई नहीं रहता। कई स्वास्थ्य केंद्र भी बन कर तैयार हैं, पर वे डेड एसेट बने हुए हैं। शुद्ध पेयजल के लिए पानी टंकी भी है, पर लाभ नहीं मिल रहा। हटिया से ओबरिया तक जाने के लिए महज तीन किमी पक्की सड़क के लिए कई बार आंदोलन हुआ, पर काम शुरू नहीं हुआ।अाश्चर्य की बात यह है कि यह सभी मुद्दे चुनाव से गायब हैं। रातू के बड़का टोली और हुरहुरी में स्वास्थ्य उप केंद्र बन कर तैयार है, पर डॉक्टर बैठते ही नहीं हैं। कल्याण विभाग ने छोटानागपुर राज उच्च विद्यालय, रातू चट्‌टी और महारानी प्रेम मंजरी बालिका उच्च विद्यालय में 50-50 लाख रुपए से आदिवासी हॉस्टल बनाए हैं, पर स्थानीय छात्र होने के कारण ये खाली हैं। दलादली चौक के पास करमटोली में पानी टंकी तो बना दी गई है, लेकिन इससे लोगों को जलापूर्ति नहीं की जाती।सीट जीतना भाजपा की चुनौतीयहां भाजपा दूसरे नंबर पर ही रही है। पिछली बार झाविमो से जीते नवीन जायसवाल अब भाजपा प्रत्याशी हैं, जिन्हें कांग्रेस के अजयनाथ शाहदेव से चुनौती मिल रही है। वहीं बागी सीमा शर्मा झाविमो प्रत्याशी बन नुकसान पहुंचा सकती हैं।सवाल...आंदोलनों को कब मिलेगा मुकाम1 हाट-बाजार : इलाके में कई साप्ताहिक हाट-बाजार लगते हैं, पर मूलभूत सुविधाएं नहीं है। सैकड़ों महिलाएं सब्जी बेचने आती हैं, पर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है।2 पेयजल : रातू प्रखंड के दर्जनों गांव हैं, जहां गर्मी में पेयजल समस्या विकराल रहती है। इनमें कन्नोज, बानापीढ़ी, तारूप, पुरियाे, परहेपाट, जारी मुरचू आदि गांव हैं।3 सुरक्षा: गांवों की छोड़ें, शहरी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में सुरक्षा जीरो है। डोरंडा या जगन्नाथपुर पुलिस रात में सिर्फ मुख्य सड़कों पर गश्ती करती है, कॉलोनियों में नहीं।4 सिंचाई: रातू सब्जी उत्पादक प्रखंड है। पर कुछ लोगों को ही कूप योजना का लाभ मिला हैैं। सिंचाई की मुकम्मल व्यवस्था की जाए तो यहां के किसानों को काफी लाभ होगा।3 चुनावों का सक्सेस रेट2014 : नवीन जायसवाल, झाविमो-88228, सीमा शर्मा, भाजपा-80210, 2009 : गोपाल नाथ शाहदेव, कांग्रेस-39921, रामजी लाल शारडा, भाजपा-39896, 2005 : गोपाल नाथ शाहदेव, कांग्रेस-46104, कृष्ण कुमार पोद्दार, भाजपा-40897वोटर्स बोले... सड़क निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गयाहटिया-ओबरिया सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। -मनोज पांडेय, ओबरियाचंदाघासी पंचायत तक आने के लिए टूटी सड़क है। मंत्री से लेकर विधायक तक चिरौरी की गई, पर कोई लाभ नहीं हुआ।गई। -भरत नायक, चंदाघासी

December 08, 2019 19:18 UTC


Hyderabad Rape Case accused encounters: हैदराबाद एनकाउंटर: केसीआर सरकार ने जांच के लिए बनाई एसआईटी - sit to probe in case of encounter of hyderabad rape case accused

हाइलाइट्स हैदराबाद एनकाउंटर केस की जांच के लिए केसीआर सरकार ने बनाई एसआईटीकेस की जांच के लिए सरकार ने रचकोंडा पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में बनाई टीमविशेष जांच टीम के सदस्य एनकाउंटर में शामिल हुए अधिकारियों का बयान दर्ज करेंगेराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम भी कर रही है हैदराबाद के मामले की जांचहैदराबाद में डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या के चारों आरोपियों के पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोपियों के साथ हुई मुठभेड़ की जांच के लिए तेलंगाना की राज्य सरकार की ओर से विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस विशेष जांच टीम की कमान रचकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत को सौंपी गई है।रविवार को ही हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराते हुए इस एनकाउंटर को एक फर्जी मुठभेड़ बताया गया था। इस शिकायत के बाद तेलंगाना की केसीआर सरकार ने जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया। जानकारी के अनुसार, रचकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत की अध्यक्षता में बनी यह टीम एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।टीम के सदस्य इस केस से जुड़े गवाहों की पहचान करेंगे और उनका बयान लेंगे। इसके अलावा यह टीम एनकाउंटर की कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम से भी पूछताछ करेगी। इस मामले को लेकर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय हो गया है। शनिवार को आयोग की टीम ने हैदराबाद पहुंचकर जांच की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एनएचआरसी की टीम ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया, जहां चारों आरोपियों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद रखे गए हैं।एनएचआरसी ने कथित मुठभेड़ में चार आरोपियों के मारे जाने पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जांच के आदेश दिए थे। देश में मानवाधिकार की सर्वोच्च संस्था ने कहा था कि मुठभेड़ चिंता का विषय है और इसकी सावधानीपूर्वक जांच किए जाने की जरूरत है। इससे पूर्व तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह चारों आरोपियों के शव 9 दिसंबर को रात 9 बजे तक सुरक्षित रखे। हैदराबाद के निकट शुक्रवार की सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में चारों आरोपी मार गिराए गए थे। इन चारों को 25 वर्षीय महिला से दुष्कर्म और हत्या के आरोप में 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

December 08, 2019 19:07 UTC


ग्राउंड रिपोर्ट / पानी हर गर्मी, जाम पूरे साल सालते हैं, नहीं निकला हल

गठबंधन की एकता और व्यवसायी वर्ग का प्रत्याशी भाजपा की छठी जीत की राह में बड़ा रोड़ाDainik Bhaskar Dec 09, 2019, 01:00 AM ISTजीतेंद्र कुमार । रांची . राजधानी में आबादी की गति विकास से कई गुना तेज रही। इससे समस्याएं भी तेजी से बढ़ीं। कई के उपाय तो निकाले गए, पर कई समस्याएं ऐसी हैं, जो आज भी लोगों के अलावा शासन-प्रशासन के लिए अनसुलझी साबित हो रही हैं। सड़क जाम यहां आम है। इस पीड़ा से निकलने के लिए कांटाटोली और हरमू फ्लाईओवर उम्मीद के रास्ते बने, लेकिन तकनीकी कारणों से काम आगे बढ़ नहीं पा रहा। पेयजल व अव्यवस्थित सिवरेज ड्रेनेज सिस्टम हर साल लोगों को परेशान करता है। अब बात जनप्रतिनिधियों की।हर वर्ग के लोगों में गहरी पैठ, हर सुख-दुख में भागीदारी की बदौलत भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह लगातार छठी बार विधायकी कायम रखने को मैदान में हैं। मुख्य प्रतिद्वंद्वी झामुमो प्रत्याशी महुआ माजी भी 5 साल से हर वर्ग से जुड़ी रही हैं। उनकी जनसहभागिता सीपी सिंह को चुनाैती देगी। झाविमो से सुनील गुप्ता, अाजसू से वर्षा गाड़ी और जदयू से संजय सहाय भी समीकरण प्रभावित करने में जुटे हैं। व्यवसायी-व्यापारी समूह से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पवन शर्मा भाजपा में सेंधमारी का बड़ा खतरा बन सकते हैं।2 वजह से नया समीकरणदो वजहों से उथल-पुथल की संभावना है। गठबंधन के कारण कांग्रेस का कैडर वोट झामुमो को मिलने की संभावना बढ़ती दिख रही है।वहीं व्यवसायी वर्ग से पवन शर्मा के प्रत्याशी बनने से भाजपा का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है।हालात...कम कहां जाम लग जाए, पता नहीं चलता1 ट्रैफिक: रांची में सबसे बड़ी समस्या सड़क जाम की है। हजारों लोग प्रतिदिन इससे परेशान हैं। तरह-तरह के प्रयोग के बाद भी इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है।2 सिवरेज-ड्रेनेज: नालियां तो बनती गईं, पर राजधानी के अनुरूप सिवरेज-ड्रेनेज सिस्टम नहीं बना। कई क्षेत्रों में जल-जमाव रहता है। बारिश से परेशानी बढ़ जाती है।3 सुरक्षा: आए दिन हत्या, लूट, छिनतई, चोरी और दुष्कर्म की घटनाएं सामने आती हैं। राजधानी होने के बावजूद सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं हाेने से भय का माहौल रहता है।4 पेयजल: बड़ी आबादी जूझ रही है। रातू रोड, डोरंडा इलाके के लाखों लोग िनयमित जलापूर्ति नहीं होने से परेशान हैं। तकनीकी समस्या बढ़ने से परेशानी और बढ़ जाती है।3 चुनावों का सक्सेस रेट2014 : सीपी सिंह, भाजपा- 95760, महुअा माजी, झामुमो-36879, सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस-7935, 2009 : सीपी सिंह, भाजपा-66161, प्रदीप तुलस्यान, कांग्रेस-39050, मो शफरुद्दीन, झामुमो-5174, 2005: सीपी सिंह, भाजपा-74239, गोपाल साहू, कांग्रेस-48119, कृष्णा यादव, राजद-11370वोटर्स बोले...जीरो कट बिजली, सफाई अब भी समस्यारांची में चलना मुश्किल है। रोज डेढ़-दो घंटे जाम से जूझते हंै। जीरो कट बिजली व पेयजल कब मिलेंगे। - सुमित कुमार, करमटोलीविकास हुअा है। फुटपाथियों को दुकानें व गरीबों को घर मिले। सफाई, विधि-व्यवस्था अब भी समस्या हंै। -ऋषि महतो, वर्धमान कंपाउंड

December 08, 2019 19:07 UTC


भास्कर विश्लेषण / अचानक पैदा हुए मुद्दों ने बदल दिए झारखंड के सियासी समीकरण

Dainik Bhaskar Dec 09, 2019, 12:23 AM ISTमोहन बागवान. हरियाणा-महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम घोषित होने के सात दिन बाद ही यानी 1 नवंबर को झारखंड चुनाव का बिगुल बज गया। तब से लेकर अब तक सियासी माहौल में बहुत अंतर आ गया है। किसी का आत्मविश्वास बढ़ गया तो किसी का कम हो गया। इन 37 दिनों के चुनावी अभियान पर नजर डालने पर स्पष्ट है कि सभी दल राष्ट्रीय की बजाय स्थानीय मुद्दों पर ही ज्यादा जोर दे रहे हैं। यह सबक शायद हरियाणा-महाराष्ट्र के रिजल्ट से ही लिया गया है। भाजपा डबल इंजन लगाने पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है। राम मंदिर, धारा 370 जैसे मुद्दों पर भाषणों में जिक्रभर हो रहा है।हरियाणा की तरह कांग्रेस यहां भी अपने राष्ट्रीय चेहरों को आगे नहीं करना चाहती। उसे लगता है कि इससे चुनाव राहुल बनाम मोदी हो जाएगा, जिसका नुकसान हो सकता है। यही वजह है कि अब तक मोदी की चार सभाएं हो चुकी हैं, वहीं राहुल की एक। झामुमो के पास नए मुद्दे नहीं हैं। फिर आदिवासियों को इस बात के लिए डराया जा रहा है कि भाजपा उससे जल-जंगल-जमीन छीन लेगी। आजसू दूसरों की लकीर छोटी करने की बजाय अबकी बार गांव की सरकार का नारा दे रही है। हालांकि इसमें उसकी राजनीतिक मजबूरी है। अलबत्ता आजसू एनआरसी लागू करने के पक्ष में नहीं दिख रही है, जिसे भाजपा ने प्रमुख मुद्दा बना रखा है।नवंबर के पहले पखवाड़े तक झारखंड चुनाव अभियान अपनी तय रणनीति के तहत चल रहा था लेकिन बीच में ऐसे घटनाक्रम हो गए,जिसने सियासी समीकरण बदल दिए। महाराष्ट्र में शिवसेना, भाजपा से छिटककर कांग्रेस-एनसीपी के साथ चली गई और सरकार बना ली। इस घटनाक्रम ने झारखंड में चुनाव बाद की साझेदारी के नए रास्ते खोल दिए। बैकफुट पर आते हुए भाजपा ने ऐलान कर दिया कि चुनाव के बाद आजसू उसके ही साथ रहेगी। यही वजह है कि भाजपा नेताओं के भाषणों में कहीं भी आजसू पर हमला नहीं दिखता।इस बीच प्याज के दाम ने सैकड़ा पार कर दिया। झारखंड में सरकारी एजेंसियां सस्ता प्याज बेचने लगी लेकिन चुनाव आयोग ने इसे बंद करा दिया। विपक्ष को प्याज का मुद्दा बोनस में मिल गया और इनके प्रत्याशी गले में प्याज की माला डालकर प्रदर्शन करने लगे। पहले चरण के ठीक पहले पलामू जिले में नक्सली वारदात में चार जवानों की मौत और इसके बाद लॉ छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, विधानसभा के नए भवन में आग जैसी घटनाओं ने भी सियासी माहौल में गरमाहट पैदा की। शेष पेज 2 पर

December 08, 2019 18:56 UTC


पंचांग 09 दिसंबर: मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी तिथि, चंद्रमा का मेष पर संचार

राष्ट्रीय मिति मार्गशीर्ष 18, शक संवत् 1941, मार्गशीर्ष शुक्ल, द्वादशी, सोमवार, विक्रम संवत् 2076। सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 24, रवि-उल-आखि़र 11, हिजरी 1441 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 09 दिसम्बर सन् 2019 ई॰।सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। द्वादशी तिथि प्रातः 09 बजकर 54 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ।भरणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 05 बजे तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ, परिधि योग सायं 05 बजकर 03 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ।बालव करण प्रातः 09 बजकर 54 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मेष राशि पर संचार करेगा।सूर्योदय का समय दिल्ली 09 दिसंबर: सुबह 06 बजकर 43 मिनट पर।सूर्यास्त का समय दिल्ली 09 दिसंबर: शाम 05 बजकर 13 मिनट पर।आज का शुभ मुहूर्तःअमृत काल रात 11 बजकर 56 मिनट से मध्यरात्रि 01 बजकर 38 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 21 मिनट से दोपहर 03 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि में 12 बजकर 05 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 57 मिनट तक होगा। लाभ योग दोपहर 03 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 33 मिनट तक। अभिजीत मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 01 बजकर 38 मिनट तक।आज का अशुभ मुहूर्तःराहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। दोपहर 01 बजकर 53 मिनट से दोपहर 03 बजकर 16 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 11 बजकर 08 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक यमगंड रहेगा।आज के उपायः शंकर जी की पूजा कीजिए। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। सफेद चंदन लगाएं। (आचार्य कृष्णदत्त शर्मा)

December 08, 2019 18:56 UTC


दिल्ली-NCR में आज भी AQI 'अत्यंत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना

राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और शहर में वायु गुणवत्ता 'अत्यंत खराब' श्रेणी में रही. सर्द मौसम और शांत हवाओं के चलते प्रदूषकों के जमा हो जाने से आज भी वायु गुणवत्ता 'अत्यंत खराब' श्रेणी में रहने की आशंका है. सरकारी द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता व मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) के अनुसार रविवार को शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 377 दर्ज किया गया. दिल्ली-एनसीआर में पारा गिरने के साथ ही चली सर्द हवाएं, अगले दो दिनों रह सकता है ऐसा मौसमगौरतलब है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 0-50 के बीच 'अच्छा', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101-200 के बीच 'मध्यम', 201-300 के बीच 'खराब', 301-400 के बीच 'अत्यंत खराब', 401-500 के बीच 'गंभीर' और 500 के पार 'बेहद गंभीर एवं आपात' माना जाता है. सांस की बीमारियां ही नहीं Delhi-NCR के प्रदूषण से ये परेशानी भी बढ़ी 30%सोमवार को एक्यूआई के सुधरने की संभावना थी लेकिन मौसम को देखते हुए इसके सोमवार को भी 'अत्यंत खराब' श्रेणी में रहने का पुर्वानुमान है.

Source:NDTV

December 08, 2019 18:45 UTC


Karnataka Assembly Bypoll Results 2019: उपचुनाव के नतीजों पर टिका येदियुरप्पा सरकार का भविष्य, 15 सीटों के परिणाम आज

खास बातें उपचुनाव परिणाम पर टिका येदियुरप्पा सरकार का भविष्य बीजेपी को सरकार बचाने के लिए 7 सीटों की जरूरत पांच दिसंबर को 15 सीटों पर डाले गए थे वोटKarnataka Assembly Bypoll Results 2019: कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव (Karnataka Bypolls) की मतगणना आज होगी. येदियुरप्पा का 13 सीटें जीतने का दावामुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने दावा किया है कि उनकी पार्टी कम से कम 13 सीटें जीतेंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को 13 सीटें मिलेंगी, जबकि शेष दो सीटें कांग्रेस और जेडीएस को मिलेंगी. इस समय भाजपा के पास 105 विधायक (एक निर्दलीय समेत) हैं, कांग्रेस के 66 और जेडीएस के 34 विधायक हैं. अब 15 और विधायकों के चुनाव के बाद सदन की सदस्य संख्या 222 हो जाएगी.

Source:NDTV

December 08, 2019 18:44 UTC


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