लेखक के बारे में दिल प्रकाश दिल प्रकाश, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर है। वह 20 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने खेल, राजनीति, संसद, रक्षा और बिजनस जैसे कई विषयों पर रिपोर्टिंग की है। दिल प्रकाश पांच साल से भी अधिक समय से एनबीटी डिजिटल के साथ जुड़े हैं। इससे पहले वह यूनीवार्ता और बिजनस स्टैंडर्ड में काम कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने बीबीसी में भी आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के रूप में काम किया है। दिल प्रकाश ने नई दिल्ली के भारतीय विद्या भवन संस्थान से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

March 10, 2026 09:44 UTC

The government on Tuesday eased norms for foreign direct investment from all countries, including China, that share land borders with India, sources said. Countries that share land borders with India are China, Bangladesh, Pakistan, Bhutan, Nepal, Myanmar, and Afghanistan. In 2024-25, India's exports to China contracted 14.5 per cent to USD 14.25 billion as against USD 16.66 billion in 2023-24. Imports, however, rose 11.52 per cent in 2024-25 to USD 113.45 billion against USD 101.73 billion in 2023-24. During April-January 2025-26, India's exports to China rose 38.37 per cent to USD 15.88 billion, while imports rose 13.82 per cent to USD 108.18 billion.

March 10, 2026 09:35 UTC

Crispin Odey Appeals FCA Ban from City of London Over Misconduct ClaimsOverview of the Crispin Odey FCA Appeal CaseBy Sam Tobin and Nell MackenzieBackground on Crispin Odey and the FCA BanLONDON, March 10 (Reuters) - Hedge fund manager Crispin Odey's appeal against a roughly 1.8-billion-pound ($2.4 billion) fine and industry ban begins on Tuesday, in a test of Britain's efforts to tackle workplace misconduct at financial firms. Odey, who founded Odey Asset Management in 1991, shot to prominence during the 2008 financial crisis after making a fortune short-selling bank shares. The FCA said last year it would fine and ban Odey for a lack of integrity in relation to how his now-defunct firm investigated complaints of inappropriate behavior. Details of the FCA's Case Against OdeyThe proposed industry ban centres on Odey's response to OAM's internal probe and how he "made his contempt for the whole process clear", according to the FCA's lawyers. Odey told the Financial Times that the allegations were "rubbish" and is suing the newspaper for libel, with a trial scheduled for June.

March 10, 2026 09:29 UTC

Tough questions are being asked, especially on the security guarantees that America has been promising the region for over decades. Many are questioning the logic of it all while others are already looking at alternate security options for the future. The U.S. has failed to protect the Gulf countries, and the ongoing conflict demonstrates that its security guarantees are illusory, ineffective and unreliable. How this will unfold and what the future Gulf security architecture will look like remains to be seen. A lesson from this war is that national security cannot be bought or outsourced.

March 10, 2026 09:20 UTC

UAE Talk with PM Modi : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने स्पष्ट किया है कि उनका देश ईरान-इजरायल संघर्ष में किसी भी तरह से शामिल नहीं है, और न ही वह अपने क्षेत्र को किसी भी पक्ष के खिलाफ हमले का अड्डा बनाने देगा। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मुझे समझ नहीं आ रहा कि हम इसमें क्यों शामिल हैं। UAE के लिए इसमें शामिल होने का कोई कारण नहीं है।”यूएई ने कहा- हमें क्यों शामिल किया गयाएक न्यूज चैनल से बातचीत में मिर्जा ने बताया कि अबू धाबी वर्तमान में एक संवेदनशील भू-राजनीतिक स्थिति में है। यह ईरान का पड़ोसी देश है और अब्राहम समझौते के तहत इजरायल का साझेदार भी है। उन्होंने कहा, “यही स्थिति UAE को खास बनाती है और हम दोनों देशों के बीच बातचीत कर सकते हैं।”मिर्जा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान न केवल खाड़ी देशों के नेताओं के बीच है, बल्कि देश के आम नागरिकों और व्यवसायी समुदायों में भी है। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी का ईरान और इजरायल के नेताओं को किया गया एक फोन कॉल इस समस्या को हल कर सकता है और इस संघर्ष को खत्म कर सकता है- सिर्फ एक फोन कॉल।”उन्होंने आगे कहा, “यह दोनों पक्षों के बीच एक आसान और प्रभावी रास्ता हो सकता है।”मिर्जा ने कहा कि ये देश वर्तमान में एक युद्ध लड़ रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘हमारी धरती पर लड़ा गया युद्ध’ बताया। “यह अस्वीकार्य है कि ये युद्ध हम पर ही लड़ा जा रहा है।” उन्होंने कहा कि वह खुद सैन्य अधिकारी नहीं हैं, लेकिन उनके आकलन के अनुसार, अभी तक हुए मामूली नुकसान की रिपोर्ट सही है।इस संघर्ष में अब तक की गई सैन्य कार्रवाइयों और हताहतों का जिक्र करते हुए, मिर्जा ने बताया कि सोमवार को इजरायल की सेना ने मध्य ईरान पर हमले की एक नई लहर शुरू की है। इसके साथ ही बेरूत में हिजबुल्लाह के आधारभूत ढांचे को निशाना बनाया गया।ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने मृतकों की संख्या 1,332 बताई है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। अमेरिका ने भी पुष्टि की है कि इलाज के दौरान सातवें अमेरिकी सैनिक की मौत हो चुकी है।इस पूरे संघर्ष में जान-माल का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस युद्ध को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं, क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।यह भी पढ़े : महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला डंडा, बच्चा नहीं होने पर पति ने की बर्बरता, जादू-टोना के शक में पत्नी की हत्या

March 10, 2026 09:15 UTC





लेखक के बारे में दिल प्रकाश दिल प्रकाश, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर है। वह 20 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने खेल, राजनीति, संसद, रक्षा और बिजनस जैसे कई विषयों पर रिपोर्टिंग की है। दिल प्रकाश पांच साल से भी अधिक समय से एनबीटी डिजिटल के साथ जुड़े हैं। इससे पहले वह यूनीवार्ता और बिजनस स्टैंडर्ड में काम कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने बीबीसी में भी आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के रूप में काम किया है। दिल प्रकाश ने नई दिल्ली के भारतीय विद्या भवन संस्थान से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

March 10, 2026 09:06 UTC

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की खबरे सामने आई है। बता दें कि दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-34 इलाके में पुलिस और 2 मोस्ट वांटेड शूटरों के बीच मुठभेड़ हो गई है। दोनों ही तरफ से कई राउंड फायरिंग की गई है। इस दौरान फायरिंग में बदमाशों के पैर में गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल, कारतूस और बाइक भी बरामद कर ली है। इस मामले में डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि वांटेड बदमाश के शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रोहिणी सेक्टर 34 इलाके में आने वाले है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने इलाकों में घेराबंदी कर दी थी, जिस समय दोनों आरोपी इलाके में पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया था। पुलिस को देखकर बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम द्वारा भी जवाबी फायरिंग शुरू की गई, इसी बीच दोनों तरफ से करीबन 11 राउंड गोलियां चलीं थी, इसमें बदमाशों की ओर से 6 राउंड फायरिंग की गई, जबकि पुलिस की टीम ने जवाबी कार्रवाई में 5 राउंड फायर की गई थी। इसी बीच गोली लगने के बाद दोनों बदमाशों पर काबू पा लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद इरफान और ऐश्वर्य पांडे के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी करीब एक महीने पहले हुए बवाना कारोबारी हत्याकांड में शामिल थे। इस वारदात में बदमाशों ने कारोबारी का पीछा कर उसे गोली मार दी थी, जिसके बाद से दोनों फरार चल रहे थे। दोनों आरोपियों पर 40 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार शूटरों के तार विदेश में बैठे गैंगस्टरों रणदीप मलिक और अनिल पंडित से जुड़े हुए हैं। कारोबारी की हत्या की जिम्मेदारी भी इन गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली थी।पुलिस की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और इस वारदात से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके, डीसीपी ने कहा कि पुलिस की टीम बवाना में कारोबारी हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

March 10, 2026 08:59 UTC

भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे महापालिका ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 13,995 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया। यह बजट पिछले साल के 12,618 करोड़ की तुलना में 1,377 करोड़ रुपए ज्यादा है। बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ मनपा में शामिल हुए 32 नए गांवों के कायाकल्प पर विशेष जोर दिया गया है। इनमें सड़कें, जलापूर्ति और ड्रेनेज कार्यों के लिए भारी प्रावधान किया गया है।मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम ने मनपा की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले को वित्तीय वर्ष 2026-27 का 13,995 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। मनपा में प्रशासक राज खत्म होने के बाद यह पहला बजट है। पिछले चार साल से पुणे मनपा में प्रशासक राज था, जो अब खत्म हो चुका है और नया सदन अस्तित्व में आ गया है। इस कारण मनपा आयुक्त ने स्थायी समिति के समक्ष बजट पेश किया। इस अवसर पर पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे, सदन के नेता गणेश बिड़कर, उपमहापौर परशुराम वाडेकर, अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. और पवनीत कौर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।गांवों को 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा राशिबजट के जरिए प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर के पुराने इलाकों के साथ शहरी सीमा में आए नए क्षेत्रों को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाए, ताकि वहां रहने वाले नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। इसलिए प्रशासन द्वारा गांवों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखते हुए जलापूर्ति, ड्रेनेज और सड़कों के लिए भारी धनराशि आवंटित की है। इसमें शामिल गांवों में समान जलापूर्ति योजना के तहत जलापूर्ति बहाल करने के लिए 350 करोड़, नई ड्रेनेज लाइन बिछाना और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 750 करोड़ और शामिल हर गांव के मुख्य सड़कों के विकास के लिए 110 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

March 10, 2026 08:59 UTC

लेखक के बारे में विशाल चौबे विशाल चौबे, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जर्नलिस्ट हैं। विशाल चौबे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम, शासन और व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों की खबरें लिखते हैं। विशाल ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल का अनुभव हासिल कर चुके हैं। टाइम्स ग्रुप से पहले लाइव यूपी न्यूज 24 और दैनिक भास्कर में काम किया है। इससे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा इलेक्शन और यूपी नगर निकाय चुनाव में रिपोर्टिंग करने का भी मौका मिला।... और पढ़ें

March 10, 2026 08:47 UTC

Raising concerns over the supply of commercial LPG cylinders amid the West Asia conflict, the Bangalore Hotels Association on Monday (March 9, 2026) warned that restaurants across Bengaluru may have to shut down if the supply is not resumed. Association president P.C. Rao said the supply of commercial gas cylinders to hotels had been stopped from Monday (March 9, 2026), which could severely affect the hotel industry. The sector, he said, is considered an essential service and is relied upon by a large number of people, including students, senior citizens and others who depend on hotels for their daily meals.

March 10, 2026 08:46 UTC

The forgotten law of a bygone era has been reinstated to ensure the priority allocation of natural gas to certain sectors. These sectors include Domestic Piped Natural Gas supply; Compressed Natural Gas for transport; LPG production, including LPG shrinkage requirements; Pipeline compressor fuel and other essential pipeline operational requirements. It can be implemented to maintain national uniformity by providing minimum conditions of essential services across the nation. Another set of the Act, ESMA 1981, was enacted, with a sunset provision of 4 years, which was extended to 9 years by the 1985 amendment. (Gas supply.)

March 10, 2026 08:43 UTC

New Delhi News. महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के मचनूर में स्थित श्री सिद्धेश्वर भगवान का पुराना मंदिर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अंतर्गत एक केंद्रीय संरक्षित स्मारक है। इस मंदिर के विकास कार्यों के लिए एएसआई के पास कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को यह जानकारी दी। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में शेखावत ने बताया कि मचनूर में स्थित श्री सिद्धेश्वर भगवान का पुराना मंदिर,जो एक पक्की चारदीवारी में है, जिसे स्थानीय रूप से श्री सिद्धेश्वर देवस्थान के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में विकास कार्यों के लिए वर्तमान में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है, ऐसे में यहां विकास कार्य कराने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि उज्जनी जल पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत विकास कार्यों को पूरा करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से एएसआई को कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

March 10, 2026 08:41 UTC

The National Council of Educational Research and Training (NCERT) has issued a public apology after a chapter on the judiciary in a recently published Class 8 social science textbook sparked a row. "The NCERT has recently published a social science textbook, “Exploring Society: India and Beyond,' Grade 8 (Part II), which contains Chapter IV titled 'The Role of Judiciary in our Society.' Also Read | NCERT textbook row: SC bans book with chapter on judiciary corruptionThe apology comes days after the Supreme Court on Thursday imposed a blanket ban on the Class 8 NCERT book, which includes a chapter on corruption in the judiciary. What is the NCERT textbook case? The case concerns a Class 8 Social Science textbook published by the NCERT.

March 10, 2026 08:32 UTC

The Opposition on Monday stalled proceedings in the Lok Sabha and largely stayed away from the Rajya Sabha demanding an immediate discussion on the war in West Asia and its fallout on India’s energy security. The Lok Sabha was adjourned for the day without transacting any business, except for a statement by external affairs minister S. Jaishankar on the West Asia situation. Is the West Asia matter not important? Raising the issue during Zero Hour, he said the rapidly evolving geopolitical situation in West Asia was affecting India’s energy security and its global image. “About 55 per cent of India’s crude oil requirement is met through imports from West Asia.

March 10, 2026 08:30 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

March 10, 2026 08:30 UTC