डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है। वह विनय कुमार सक्सेना की जगह लेंगे। विनय सक्सेना को लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है। बता दें, गुरुवार को कई राज्यों के गवर्नर और लेफ्टिनेंट गर्वनर में उलटफेर हुआ है।विनय कुमार सक्सेना ने 26 मई 2022 को दिल्ली के 22वें उपराज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उन्हें अनिल बैजल के इस्तीफे के बाद नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष थे। अरविंद केजरीवाल के शासनकाल में उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा था।

March 06, 2026 01:11 UTC

On September 8 last year, 18 Gen Z youths lost their lives during the Gen Z movement in front of Nepal’s Parliament. ADVERTISEMENT"I voted for the Rashtriya Swatantra Party to fulfil the dreams of the martyrs who were killed during the Gen Z movement," she said. Many emphasised the need for a new generation of leaders to take office and carry forward the vision of the Gen Z movement. Election Commission spokesperson Narayan Prasad Bhattarai said voter participation among Gen Z youth was much higher this year compared to previous elections, following the Gen Z movement. After the Gen Z movement, Gen Z leaders proposed 35-year-old former mayor Balendra Shah as Prime Minister, but he declined at the time.

March 06, 2026 01:07 UTC

Escalating tensions in West Asia and shipping disruption in the Strait of Hormuz are beginning to affect multiple sectors of the Indian economy, from energy and fertilisers to aviation and exports. ADVERTISEMENTENERGYIndia imports about 85 per cent of its crude oil and roughly half of its LNG requirement. Of this, nearly 40–50 per cent of crude oil and 50–60 per cent of LNG supplies pass through Hormuz. Brent crude prices shot up to about $82–84 per barrel from $66–67 a barrel during January–February 2026, while Asian spot LNG prices have surged to $24–25 from around $10 per MMBtu. FERTILISERIndia imports about 30 per cent of its fertiliser requirement, with West Asia accounting for roughly 40 per cent of supplies.

March 06, 2026 01:07 UTC

Two women in their 80s, voters in Behala West, are among more than 5,00,000 whose names have been deleted from Bengal’s revised electoral rolls. According to her voter card, she is now 81. Nilima Chakraborty’s voter card says she is 83. Sukhamoyi has a voter card, an Aadhaar card and a deed for land purchased in her name by her two sons. Nilima has a voter card, an Aadhaar card and a Swasthya Sathi card.

March 06, 2026 01:05 UTC

ADVERTISEMENT“A distress call from IRIS Dena was received at the MRCC Colombo in the early hours of 04 March 26 as reported by the Sri Lanka Navy,” an Indian Navy statement said on Thursday night. “The ship was operating 20 NM West of Galle in the SAR region under Sri Lanka responsibility,” the navy said. “Another aircraft with air droppable life rafts was also kept (on) standby for immediate deployment,” the Indian navy said. Earlier in the day, the Congress had expressed shock at the Narendra Modi government’s silence on the sinking of the Iranian ship. The Indian navy had accorded a warm welcome to the Iranian frigate when it arrived in Visakhapatnam in the third week of February.

March 06, 2026 01:03 UTC





The target of 254 to enter the T20 World Cup final demanded English captain Harry Brook do what he does. Sanju Samson smashed a 42-ball 89 in the T20 World Cup semi-final against England on Thursday at the Wankhede Stadium in Mumbai. India’s Axar Patel catches the ball in the T20 World Cup semi-final against England at India’s Axar Patel catches the ball in the T20 World Cup semi-final against England at Mumbai ’s Wankhede Stadium. Story continues below this adThis was a World Cup semifinal, and wins rarely come easy at this stage. India were through to the World Cup final.

March 06, 2026 00:13 UTC

जापान और स्वीडन में सिगरेट सेवन घटकर क्रमशः 30 प्रतिशत से कम और 5.6 प्रतिशत तक पहुँचा; जबकि भारत में स्वतंत्र वैज्ञानिक आकलन की कमी है और ग्राहकों को कम नुकसान वाले विकल्प उपलब्ध नहीं हैंIndia, 2026: थोलोस फाउंडेशन के एक अंतर्राष्ट्रीय व्हाइट पेपर के मुताबिक, जिन देशों में वैज्ञानिक प्रमाण के आधार पर निकोटीन के सुरक्षित विकल्पों को मंजूरी दी गई है, वहाँ सिगरेट के सेवन और उससे जुड़ी बीमारियों में तेज़ और स्थिर कमी दर्ज हुई है।सेफर निकोटीन वर्क्स नाम की इस रिपोर्ट के अनुसार, जब तम्बाकू नियंत्रण की मौजूदा नीतियों के साथ सिगरेट का सेवन करने वालों को रैगुलेटेड और कम नुकसान वाले निकोटीन उत्पाद उपलब्ध होते हैं, तो सिगरेट के सेवन में तेजी से कमी आती है तथा जन स्वास्थ्य में सुधार होता है।इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जापान और स्वीडन में सिगरेट के सेवन में तेज़ कमी दर्ज हुई क्योंकि ग्राहकों ने हीटेड टोबैको और ओरल निकोटीन प्रोडक्ट्स जैसे सुरक्षित विकल्पों का सेवन शुरू कर दिया। जापान में पुरुषों के बीच सिगरेट का सेवन साल 2020 में गिरकर 30 प्रतिशत से नीचे चला गया। साल 2016 में टोबैको हीटिंग सिस्टम पेश होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ था। इससे पहले कई सालों तक सिगरेट का सेवन स्थिर बना हुआ था। इस गिरावट ने पाँच सालों में सिगरेट के सेवन में 32 प्रतिशत कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।दूसरी तरफ, स्वीडन में सिगरेट का सेवन साल 2023 में गिरकर 5.6 प्रतिशत तक पहुँच गया, जिससे यह देश सिगरेट सेवन मुक्त बनने के करीब पहुँच गया। देश में सिगरेट सेवन में हुई इस गिरावट में साल 2016 में बाजार में शुरू किए गए स्नस और निकोटीन पाउच का बड़ा योगदान था।सिगरेट सेवन में यह गिरावट लाने के लिए सिगरेट पर रोक लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। बल्कि इसके लिए व्यस्कों को कम नुकसान वाले रैगुलेटेड और विज्ञान पर आधारित विकल्प उपलब्ध कराए गए।भारत में कम नुकसान वाले विकल्पों के जन स्वास्थ्य पर प्रभाव के आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। साल 2019 में इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) पर प्रतिबंध के कारण हीटेड टोबैको प्रोडक्ट्स पर भी रोक लगा दी गई, जबकि ये दोनों अलग हैं। भारत में इन उत्पादों में अंतर करने के लिए कोई ठोस वैज्ञानिक आकलन नहीं किया गया। न ही भारत में जापान, स्वीडन, यूके, अमेरिका, न्यूजीलैंड जैसे देशों से प्राप्त विस्तृत वैज्ञानिक और वास्तविक प्रमाणों पर गौर किया गया।नतीजा यह हुआ कि भारत में सिगरेट का सेवन करने वालों को रैगुलेटेड और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित विकल्प उपलब्ध नहीं हो पाए और वे कम नुकसान वाले विकल्प चुनने के अपने अधिकार से वंचित रह गए।इस बारे में थोलोस फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट, लॉरेंज़ो मोटानारी ने कहा, ‘‘सुरक्षित निकोटीन दुनिया में कई जानें बचा रहा है। स्वीडन और जापान के साथ यूके, कनाडा, न्यूजीलैंड एवं फ्रांस में मिले अनुभवों ने साबित किया है कि जब लोगों को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मिलते हैं, तो वे बड़ी संख्या में उन्हें चुनते हैं। अब हमारे पास ऐसे टूल्स उपलब्ध हैं, जो बड़ी संख्या में सिगरेट सेवन के नुकसानों से लड़ सकते हैं। इसलिए पूरी दुनिया की सरकारों को अपने नागरिकों की मदद करना चाहिए ताकि वे बेहतर विकल्प चुन सकें।’’भारत में तम्बाकू से होने वाली मौतों का भार विश्व में सबसे ज्यादा है। इसलिए कम नुकसान वाले निकोटीन उत्पादों पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने की जरूरत है, ताकि जन स्वास्थ्य में सुधार लाने की संभावनाएं बढ़ सकें। युवाओं को सुरक्षा देने वाला विज्ञान पर आधारित फ्रेमवर्क व्यस्कों को ज्यादा सुरक्षित विकल्प उपलब्ध करा सकता है, जिससे भारत ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस अपनाकर सिगरेट सेवन से होने वाले नुकसान को कम कर सके।

March 05, 2026 23:10 UTC

Hindi NewsNationalDainik Bhaskar Honors MP, Rajasthan, Chhattisgarh Stalwarts | India Pride Awardsइंडिया प्राइड अवॉर्ड के पांचवें सीजन का आयोजन: दैनिक भास्कर समूह ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के दिग्गजों को सम्मानित कियानई दिल्ली 1 दिन पहलेकॉपी लिंक5 मार्च को दिल्ली में इंडिया प्राइड अवॉर्ड के पांचवें सीजन का आयोजन हुआ। इस दौरान दैनिक भास्कर समूह ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के उन दिग्गजों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने मेहनत और उत्कृष्ट कार्यों से देश के विकास को एक नई दिशा दी है।इंडिया प्राइड अवॉर्ड के तहत दैनिक भास्कर समूह देश के हर कोने से ऐसे लोगों को ढूंढता है, जो अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण और अतुलनीय काम कर रहे हैं।इस अवार्ड समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया थे। दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल ने कार्यक्रम में मनसुख मांडविया का गर्मजोशी से स्वागत किया।इसके बाद मांडविया ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सामाजिक सेवा, नवाचार या उद्यम से जुड़े लोगों को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर दैनिक भास्कर के नेशनल पॉलिटिकल एडिटर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया भी मौजूद थे।दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन वास्तविक नायकों को पहचान देने का राष्ट्रीय मंच है, जिन्होंने अपने संकल्प, परिश्रम और समर्पण से भारत की प्रगति को नई दिशा दी है।उन्होंने कहा- इस अवॉर्ड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश के हर कोने से ऐसे व्यक्तित्वों को सामने लाता है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के, चुपचाप अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दे रहे हैं। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्थान, नवाचार या उद्यमिता, यह मंच उन सभी को सम्मानित करता है, जो प्रेरणा की सच्ची मिसाल हैं।पवन अग्रवाल ने आगे कहा कि दैनिक भास्कर का सदैव यह प्रयास रहा है कि ऐसे मंचों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों को प्रकाश में लाया जाए और उनके कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिले। उन्होंने चीफ गेस्ट मनसुख मांडविया का आभार जताते हुए कहा कि उनका इस मंच पर आना न केवल इस आयोजन की प्रतिष्ठा को बढ़ाता है, बल्कि देशभर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्यरत व्यक्तियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है।वहीं, कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस अवॉर्ड समारोह के लिए दैनिक भास्कर समूह का धन्यवाद किया। आपका चयन तब हुआ होगा, जब आपने अपने क्षेत्र में कुछ अलग किया होगा। मुझे भी बचपन में सम्मान मिला था, उसी से मेरा भरोसा हुआ कि मंच पर बोल सकता हूं।उन्होंने कहा- सम्मान का महत्व होता है, जब आपमें कुछ करने का जज्बा है, तब आप सफल होंगे। आपकी सफलता समाज का कल्याण करेगी ही, लेकिन ये सफलता, आपकी विशेषता, आपका अनुभव राष्ट्र निर्माण में भी भूमिका निभाएगी।मांडविया ने अवार्डियों से आगे कहा कि विकसित भारत के लिए उन्हें सारथी बनना होगा। उन्होंने कहा- हमारे निर्णय लेने में राष्ट्र सबसे पहले होना चाहिए। प्रधानमंत्री का सपना है कि 2047 तक हमें विकसित राष्ट्र बनना है। ये 25 साल का समय अहम है।जब देश विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उसे आज का युवा ही जिएगा। इस दिशा में आज आपको यहां इकट्ठा करके दैनिक भास्कर ने महत्वपूर्ण काम किया है। टैलेंट का सम्मान करने से किसी व्यक्ति का हौसला बढ़ता है।.

March 05, 2026 23:09 UTC

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार (5 मार्च) को राज्यसभा इलेक्शन 2026 के लिए नामांकन दर्ज किया है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे हैं। इसको लेकर ही अमित शाह की प्रतिक्रिया सामने आई है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि साल 2005 से अब तक नीतीश कुमार सीएम रहे हैं। उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। साथ ही जंगलराज को लेकर कहा है कि उन्होंने राज्य को जंगलराज से मुक्त किया है।क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मैं नीतिन नबीन, नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और सुदेश राम के राज्यसबा नॉमिनेशन में शामिल होने के लिए पटना आया हूं। नितिन नैन, राज्य में एक लंबे और बहुत ही सफल करियर के बाद, बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट बने हैं और राज्यसभा के लिए वे पार्लियामेंट में भी अपना योगदान देंगे। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दर्ज किया है। साथ ही लंबे समय के बाद वे एक बार फिर से राज्यसभा एमपी के तौर पर नेशनल पॉलिटिकल में एंट्री लेंगे।अमित शाह ने की नीतीश कुमार की तारीफअमित शाह ने कहा है कि नीतीश कुमार 2005 से अब तक बिहार के सीएम रहे हैं। उनका कार्यकाल बहुत ही ज्यादा शानदार रहा है। ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उनके इस योगदान ने बिहार के विकास के पूरे दायरे को आकार दिया है। एमएलए, एमपी, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया है। साथ ही अपने लंबे करियर के समय उनके कुर्ते पर कभी भी दाग नहीं लगा है। उनका पूरा जीवन करप्शन के आरोपों से मुक्त रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में 11 सालों तक उन्होंने हर तरह से बिहार की तरक्की में बहुत ही अहम योगदान दिया है। वे एक बार फिर से राज्यसभा में एमपी के तौर पर दिल्ली लौट रहे हैं। मैं और हमारे सभी एनडीए साथी उनका दिल से स्वागत करते हैं और मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल बिहार के लोग हमेशा ही याद रखेंगे। साथ ही उनका सम्मान भी करेंगे।

March 05, 2026 23:06 UTC

टूको किड्स द्वारा लॉन्च किया गया ‘‘क्या आप अपने बच्चों को…?’’ कैंपेन बच्चों के लिए उनकी उम्र के मुताबिक स्किनकेयर पर जोर देता हैभारत के पहले पर्सनल केयर ब्रांड, टूको किड्स, जो 3 साल से 13 साल के बच्चों के लिए शुरू किया गया है, ने अपना लेटेस्ट कैंपेन जारी किया। इस कैंपेन में फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान एक महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ रही हैं और माता-पिता की एक लापरवाह आदत पर सवाल खड़ा कर रही हैं कि वे अपने बच्चों को इस्तेमाल के लिए एडल्ट स्किनकेयर प्रोडक्ट्स क्यों देते हैं।यह सवाल टूको किड्स का नया साहसी कैंपेन, ‘‘क्या आप अपने बच्चों को…?’’ उठा रहा है। इसमें कई फिल्में हैं, जो उकसाने वाले दृश्यों के माध्यम से माता-पिता की एक आम आदत को चुनौती देती हैं कि वे अपने बच्चों को एडल्ट स्किनकेयर प्रोडक्ट्स क्यों देते हैं।फराह स्क्रीन पर अपने बेबाक अंदाज में तीन बच्चों की माँ के रूप में दिखाई देती हैं, जिससे फिल्म में प्रामाणिकता आती है। दर्शकों से सवाल पूछा जाता है कि क्या वे अपने बच्चों को हाथ में बीयर की बोतल लेने देंगे, कार चलाने देंगे, या फिर शादी करने देंगे; इनमें से हर सवाल का जवाब ‘ना’ होता है। इसके बाद कैंपेन की केंद्रीय थीम आती है, ‘‘तो एक सेकंड… इसके लिए आंसर है, नो। तो फिर एडल्ट स्किनकेयर? वो कैसे हाँ हो गया?’’कहानी को आगे बढ़ाते हुए फराह असली जीवन में अपने मशहूर कुक, दिलीप से बात करती हैं, जिनके मासूम सवाल फिल्म को मुद्दे की ओर ले जाते हैं और इसे ह्यूमर के साथ रोजमर्रा के जीवन से जोड़ते हैं।एक खास यादगार बिहाइंड-द-सीन्स पल में, जो माता-पिता को बहुत पसंद आया, फराह यह चिल्लाते हुए अपने मैनेजर का चप्पल लेकर पीछा करती हैं: “अरे यार… यह ब्रांड मेरे बच्चे जब छोटे थे तब लाना चाहिए था। तीन-तीन बच्चों का अब टीनएज खत्म होने आया है, और तू अब यह ब्रांड ला रहा है।” उनका यह गुस्सा वैसा ही है, जो हजारों भारतीय माता-पिता अपने बच्चों के लिए उम्र के हिसाब से स्किनकेयर ऑप्शन की कमी को लेकर महसूस करते हैं।जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म का मुख्य संदेश सामने आता है कि बच्चों की स्किन ज्यादा नाजुक होती है और धूप, पसीने, प्रदूषण एवं आउटडोर प्ले के लगातार एक्सपोज़र से उनकी रक्षा करने के लिए उन्हें कोमल फ़ॉर्म्युलेशन की जरूरत होती है।इस कैंपेन में टूको की पूरी प्रोडक्ट रेंज दिखाई गई है, जिसमें डल स्किन किट और टैंगल्ड हेयर किट शामिल हैं। इन सभी प्रोडक्ट्स में रीठा, आंवला, हल्दी और केसर जैसे भरोसेमंद तत्वों का उपयोग किया गया है, और ये सभी प्रोडक्ट डर्मेटोलॉजिस्ट एवं पीडियाट्रिशियन द्वारा प्रमाणित हैं।इस कैंपेन के बारे में टूको किड्स के को-फाउंडर ऐश्वर्या मुरली और चाणक्य गुप्ता ने कहा, “इस कैंपेन के लिए फराह की प्रामाणिकता जरूरी थी। इसमें वे कोई स्क्रिप्ट नहीं पढ़ रही हैं, बल्कि एक माँ के रूप में स्वाभाविक प्रतिक्रिया दे रही हैं, जो चाहती थीं कि उनके बच्चों के लिए बेहतर ऑप्शन उपलब्ध होते। उनका यह गुस्सा, ‘यह पहले क्यों नहीं मौजूद था’ वाली फीलिंग, हर उस माता-पिता की फीलिंग है, जो उन्हें टूको के बारे में पता चलने पर महसूस करेगी। यह कैंपेन इस बारे में एक स्पष्ट बातचीत शुरू करने के लिए है कि हम अपने बच्चों की स्किन पर क्या लगा रहे हैं।”इस कैंपेन को हाई-विज़िबिलिटी कंटेंट और क्रिएटर्स के सहयोग से सोशल और इन्फ्लुएंसर प्लेटफॉर्म पर 360-डिग्री डिजिटल एम्प्लीफिकेशन द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा।टूको किड्स की शुरुआत साल 2023 में की गई थी, जिसका उपयोग आज भारत में पांच लाख से अधिक परिवार कर रहे हैं। पिछले साल कंपनी ने 10 गुना वृद्धि हासिल की। आरटीपी ग्लोबल, फायरसाइड वेंचर्स, व्हाइटबोर्ड कैपिटल और एमजी इन्वेस्टमेंट्स के सहयोग से यह ब्रांड स्किनकेयर, हेयर केयर, बॉडी केयर, सनस्क्रीन, मॉस्किटो रिपेलेंट, किड्स मेकअप, डियोड्रंट और क्यूरेटेड गिफ्ट पैक पेश करता है। इन सभी प्रोडक्ट्स को प्राकृतिक और भारत की प्राचीन सामग्रियों से इन-हाउस बनाया गया है, तथा इन्हें डर्मेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन ने सर्टिफाई किया है। ये प्रोडक्ट 100% लैंडफिल और ओशन-रिक्लेम्ड प्लास्टिक पैक में उपलब्ध हैं।Link to the campaign film:https://www.youtube.com/watch?v=_YolqzE8tZ4Creative Credits:Creative Agency: In-house (Tuco Kids team)Director: Rohit ReddyProduction House: EiPi Media

March 05, 2026 22:50 UTC

Government of Madhya Pradesh ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, भोपाल और दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापितBhopal : पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष और अस्थिर हालात को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री Mohan Yadav के निर्देश पर प्रदेश शासन ने भोपाल स्थित वल्लभ भवन और नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया के प्रभावित क्षेत्रों में यदि मध्य प्रदेश का कोई नागरिक आपात स्थिति, दुर्घटना या किसी भी प्रकार की आकस्मिक आवश्यकता में फंसा हो, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकता है। नागरिकों की सुविधा के लिए फोन, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई गई है।कंट्रोल रूम – वल्लभ भवन, भोपालफोन: 0755-2708055, 0755-2708059व्हाट्सएप: +91 76488 62100ईमेल: [email protected]कंट्रोल रूम – मध्य प्रदेश भवन, नई दिल्ली (24×7)फोन: 011-26772005व्हाट्सएप: 9818963273ईमेल: [email protected]राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में उपलब्ध कराए गए हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। प्रशासन स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

March 05, 2026 22:30 UTC

In my column today I offer a reminder that, amid the fog of war, economic fundamentals can't be forgotten completely. Friday's U.S. payrolls data, and any hint of AI's impact on jobs, will avert eyes from the Middle East, at least temporarily. Trump rejects Khamenei's son as Iran war intensifieswith U.S.-Israel strikes Dollar, bonds, or gold - which is the safest haven tohold? No Room for ComplacencyThere was a glimmer of hope on Wednesday that back-channel U.S.-Iran diplomacy might pave the way for peace to break out in the Middle East. A Job Lot: The Role of Economic DataWith investors' focus firmly on the market implications of events in the Middle East, economic fundamentals are understandably taking a back seat.

March 05, 2026 22:15 UTC

नशे की लत या कोई अनसुलझी कहानी? रिश्तेदारी जाने के नाम पर निकला था घर सेपरिजनों ने किसी पर नहीं जताया शक, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारRampur Mathura, Sitapur : थाना क्षेत्र के गुलालपुरवा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के बाहर एक युवक का शव पेड़ से लटका पाया गया। बुधवार की सुबह जब ग्रामीण नित्यक्रिया के लिए खेतों की ओर निकले, तो उनकी नजर पेड़ पर गमछे के सहारे झूल रहे 28 वर्षीय रामकांत यादव के शव पर पड़ी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा और इस हृदयविदारक घटना की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई।सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष श्यामू कनौजिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाकर छानबीन शुरू की।परिजनों के मुताबिक, रामकांत मंगलवार को यह कहकर घर से निकला था कि वह अपनी किसी रिश्तेदारी में जा रहा है, लेकिन अगली सुबह उसकी मौत की खबर घर पहुंची। मृतक के पिता रामकुमार ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा नशे का आदी था, जिसके चलते वह अक्सर परेशान रहता था। हालांकि, इस मामले में परिवार की ओर से किसी भी व्यक्ति पर कोई आरोप या संदेह नहीं जताया गया है।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

March 05, 2026 22:15 UTC

Live Eventsas a Reliable and Trusted News Source Addas a Reliable and Trusted News Source Add Now! (You can now subscribe to our(You can now subscribe to our Economic Times WhatsApp channelPresident Donald Trump told Axios in an exclusive Thursday interview that he must be personally involved in selecting Iran’s next leader, just as he was in Venezuela. I have to be involved in the appointment, like with Delcy [Rodriguez] in Venezuela,” Trump said. Israel reported multiple incoming attacks early Thursday and said its defence systems were intercepting the missiles.Meanwhile, the Israeli military said it had launched new strikes against the Iranian-backed Hezbollah militant group in Lebanon. According to Lebanon’s Health Ministry and state news agencies, at least eight people were killed late Wednesday into Thursday during the attacks.Tehran has warned of the destruction of the region’s military and economic infrastructure.

March 05, 2026 22:00 UTC

Hindi NewsNationalBJP Leads National Parties Income | Congress Second In 2024 25 Reportरिपोर्ट- भाजपा की 2024-25 में इनकम 6769.14 करोड़ रही: ये 6 राष्ट्रीय पार्टियों की आय का 85%; कांग्रेस की इनकम से 7 गुना ज्यादानई दिल्ली 1 दिन पहलेकॉपी लिंकएसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने वित्तीय साल 2024-25 के लिए राष्ट्रीय पार्टियों की इनकम जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी की कुल आय ₹6,769.15 करोड़ है। 6 राष्ट्रीय पार्टियों की आय का 85% हिस्सा अकेले भाजपा के पास है। बीजेपी की इनकम पिछले साल के मुकाबले 55.95% और कांग्रेस से करीब 7 गुना ज्यादा है।देश के 6 प्रमुख राष्ट्रीय दलों भाजपा, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M), आम आदमी पार्टी (AAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) की कुल आय 7,960 करोड़ रुपए दर्ज की गई। वहीं पिछले साल की तुलना में राष्ट्रीय दलों की कुल आय में 41.35% की बढ़ोतरी हुई है।वहीं, कांग्रेस की आय 2023-24 में ₹1,230.73 करोड़ थी, जो 2024-25 में घटकर ₹918.29 करोड़ रह गई। यह पिछले साल से करीब 25.39% कम है। AAP की कमाई में 73.20% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि BSP और CPI-M की आय में ज्यादा अंतर नहीं है।चंदा और कूपन से सबसे ज्यादा कमाईरिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों के पास आने वाले पैसे का मुख्य स्रोत चंदा है। राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय का 85% से ज्यादा यानी लगभग ₹6,772.53 करोड़, लोगों और संगठनों से मिले स्वैच्छिक चंदे से आया। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कुल आय का लगभग 90.48% हिस्सा चंदे से जुटाया।दूसरी ओर, कांग्रेस ने चंदे के अलावा कूपन बेचकर भी अच्छी कमाई की, जिससे पार्टी को करीब ₹350.05 करोड़ मिले। वहीं, बसपा ने अपनी रिपोर्ट में चंदे से कोई आय नहीं दिखाई। पार्टी की पूरी कमाई बैंक ब्याज और अन्य निवेशों से होने की बात कही गई है।कांग्रेस ने ₹1111 करोड़ खर्च किएपैसे खर्च करने के मामले में भी पार्टियों के बीच बड़ा अंतर दिखता है। छह राष्ट्रीय दलों ने मिलकर कुल ₹4,710.27 करोड़ खर्च किए। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार और प्रशासनिक कामों पर ₹3,335.37 करोड़ खर्च किए, जो उसकी कुल आय का आधा भी नहीं है।वहीं, कांग्रेस की कमाई ₹918.29 करोड़ रही, लेकिन पार्टी ने कुल ₹1,111.95 करोड़ खर्च कर दिए। यानी कांग्रेस ने अपनी आय से करीब ₹193.66 करोड़ ज्यादा खर्च किया। CPI-M ने भी अपनी आय का करीब 84% खर्च कर दिया। दूसरी तरफ, बीजेपी और बसपा ने अपनी आय का बड़ा हिस्सा भविष्य के लिए बचाकर रखा है।रिपोर्ट जमा करने में भारी लापरवाहीचुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी दलों को अपनी ऑडिट रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2025 तक जमा करनी थी। हालांकि, केवल BSP, AAP और NPEP ने ही समय सीमा का पालन किया।सत्ताधारी दल भाजपा ने अपनी रिपोर्ट 56 दिन की देरी से और कांग्रेस ने 48 दिन की देरी से जमा की। CPI-M ने भी अपनी रिपोर्ट जमा करने में 18 दिनों का समय लिया।-----------------------------ये खबर भी पढ़ें…40 रीजनल पार्टियों को ₹2532 करोड़ की इनकम हुई:70% चुनावी बॉन्ड से मिले; BRS को ₹685 करोड़, TMC को ₹646 करोड़ की आय हुईएसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने 40 रीजनल पार्टियों की इनकम रिपोर्ट जारी की है। इन पार्टियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 2532.09 करोड़ रुपए की आय घोषित की है। इसमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा करीब 1796.024 करोड़ रुपए चुनावी बॉन्ड से आए हैं। पूरी खबर पढ़ें….

March 05, 2026 21:51 UTC