जागरण संवाददाता, अनुगुल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ओडिशा दौरे ने सुरक्षा, विकास और सहकारिता तीनों मोर्चों पर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। कटक के मुंडाली में सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने देश से नक्सलवाद के खात्मे का दावा दोहराया। साथ ही उन्होंने औद्योगिक सुरक्षा, कृषि और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।अपने संबोधन में शाह ने कहा कि केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति के कारण देश अब नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के कई संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।नक्सलवाद पर सख्त संदेश गृह मंत्री ने कहा कि देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए व्यापक रणनीति पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के कारण नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आ रहा है।उन्होंने कहा कि तिरुपति से पशुपति तक तथाकथित ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने का सपना देखने वालों को सुरक्षा बलों ने करारा जवाब दिया है। विकास परियोजनाओं की सौगात ओडिशा दौरे के दौरान शाह ने राज्य में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें उद्योग, सहकारिता और कृषि से जुड़ी योजनाएं प्रमुख हैं। पारादीप में उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देने वाली परियोजना का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। औद्योगिक सुरक्षा पर जोर शाह ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में सीआईएसएफ की भूमिका लगातार बढ़ रही है। एयरपोर्ट, मेट्रो, परमाणु संयंत्र और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में इस बल की दक्षता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी इसे दी जा सकती है।