अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी: जिन पर दो या दो से अधिक केस दर्ज हैं उनकी खुलेगी पर्सनल फाइल, बनेगी हिस्ट्रीशीट, 324 अपराधी चिह्नित - News Summed Up

अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी: जिन पर दो या दो से अधिक केस दर्ज हैं उनकी खुलेगी पर्सनल फाइल, बनेगी हिस्ट्रीशीट, 324 अपराधी चिह्नित


Hindi NewsLocalDelhi ncrFaridabadThose On Whom Two Or More Cases Are Registered, Their Personal File Will Be Opened, History Sheet Will Be Made, 324 Criminals Markedअपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी: जिन पर दो या दो से अधिक केस दर्ज हैं उनकी खुलेगी पर्सनल फाइल, बनेगी हिस्ट्रीशीट, 324 अपराधी चिह्नितफरीदाबाद 10 घंटे पहलेकॉपी लिंकपुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने आपराध पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।जिन अपराधियों के खिलाफ चोरी, लूट व मारपीट के दो या दो से अधिक केस दर्ज हैं अब उनकी पर्सनल फाइल खोलकर हिस्ट्रीशीट बनाई जाएगी। ऐसे 324 अपराधी चिह्नित किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने जोनल डीसीपी को उनके जोन के थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्ज को ऐसे अपराधियों को चिन्हित करने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद ये अपराधी चिह्नित किए गए हैं।324 अपराधियों दो या दो से अधिक मामले दर्ज हैं:पुलिस कमिश्नर ने सभी डीसीपी, एसीपी के साथ साप्ताहिक बैठक में बताया कि डीसीपी एनआईटी अंशु सिंगला के नेतृत्व में प्रत्येक थाना एवं चौकी ने करीब 324 ऐसे अपराधियों की सूची तैयार की है। इनके खिलाफ चोरी, लूट या मारपीट के दो या दो से अधिक केस दर्ज हैं। बार-बार अपराध करने पर इन अपराधियों की पुलिस रूल (नियमावली) 22.62 के अनुसार हिस्ट्रीशीट व पर्सनल फाइल खोली जाती है। डीसीपी एनआईटी डॉ. अंशु सिंगला के अनुसार हिस्ट्रीशीटर का मतलब है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्ति, जिसका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड्स रहा हो। साथ ही वह शख्स लगातार अपराध करता रहा हो। उसके अपराधों के रिकार्ड्स को एक जगह रखा जाता है। अमूमन किसी बड़े अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड्स जिले के उच्चाधिकारियों के ऑफिस में मौजूद रहता है, जिसे हिस्ट्रीशीट कहते हैं।जिले या राज्य में जब कोई बड़ी घटना होती है तो अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड्स को खंगाला जाता है। हर थाना अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड्स को जिले के उच्चाधिकारियों को भेजा जाता है।हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद पुलिस उस पर नजर रखती है:उच्चाधिकारी अपने विवेक के आधार पर और पुराने रिकॉर्ड्स को देखते हुए उस अपराधी का पुराना रिकॉर्ड्स खोल देते हैं। इसके लिए थाने में अपराधियों के पुराने इतिहास का विवरण लिखकर कोर्ट में पेश किया जाता है। साथ ही पुराने मामलों में कोर्ट के निर्णय को भी संलग्न किया जाता है। एक तरह से कोर्ट को बताया जाता है कि इस अपराधी पर दोबारा से अनुसंधान करने की जरूरत है। किसी अपराधी की अगर हिस्ट्रीशीट बनती है तो इसका मतलब यह है कि जब तक वह अपराधी जिंदा है उसका नाम हिस्ट्रीशीट में रहेगा। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद पुलिस उस शख्स पर नजर रखती है। उन्होंने बताया इससे पहले फरीदाबाद जिले में 266 लोगों की हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार उनका मुख्य उद्देश्य अपराधियों में भय हो और शहर में शांति का माहौल पैदा करना है। जिससे लोग पुलिस पर भरोसा करें और पुलिस-पब्लिक का तालमेल अच्छा बना रहें।


Source: Dainik Bhaskar June 02, 2021 11:15 UTC



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