अब कैप्टन की बारी: पंजाब कांग्रेस प्रधान बदलने के बाद कैबिनेट में जल्द बदलाव के आसार, सिद्धू समर्थक मंत्रियों पर रहेगी नजर - News Summed Up

अब कैप्टन की बारी: पंजाब कांग्रेस प्रधान बदलने के बाद कैबिनेट में जल्द बदलाव के आसार, सिद्धू समर्थक मंत्रियों पर रहेगी नजर


Hindi NewsLocalPunjabAfter The Change Of Punjab Congress Chief, There Will Be A Possibility Of Change In The Cabinet Soon, The Ministers Will Be Kept Under Watch. अब कैप्टन की बारी: पंजाब कांग्रेस प्रधान बदलने के बाद कैबिनेट में जल्द बदलाव के आसार, सिद्धू समर्थक मंत्रियों पर रहेगी नजरजालंधर 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकमुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंहकांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह, सांसदों के दबाव व सरकार-संगठन में हिंदू-सिख समीकरण को दरकिनार कर नवजोत सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस का प्रधान बना दिया। अब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब में कैबिनेट में बदलाव करने की बारी है। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें फ्री हैंड दिया है। ऐसे में सबकी नजर इस बात पर है कि सिद्धू का खुलकर समर्थन करने वाले मंत्रियों के बारे में कैप्टन क्या फैसला लेते हैं?। माना जा रहा है कि इसमें कुछ नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। वहीं, कुछ मंत्रियों की छुट्‌टी भी तय मानी जा रही है। हालांकि फिलहाल अधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा।वेरका, केपी बन सकते हैं मंत्री, चन्नी की छुट्‌टी की चर्चाकांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पंजाब सरकार की कैबिनेट में बदलाव के बाद राजकुमार वेरका व राणा केपी को मंत्री बनाया जा सकता है। वेरका अमृतसर से विधायक हैं और पंजाब कांग्रेस के बड़े दलित चेहरे हैं। उन्हें कैप्टन का करीबी भी कहा जाता है। राणा केपी इस वक्त पंजाब विधानसभा के स्पीकर हैं और OBC नेता हैं। हाल ही में सिद्धू चंडीगढ़ में उनके घर जाकर उन्हें मिले थे। वहीं, मंत्री चरणजीत चन्नी की कैबिनेट से छुट्‌टी हो सकती है। चन्नी सिद्धू से खूब करीबी दिखा रहे हैं और पंजाब कांग्रेस प्रधान की कुर्सी संभालने के बाद सिद्धू चमकौर साहिब उनके ही घर गए थे। इस चर्चा में मंत्री गुरप्रीत कांगड़ का भी नाम है। हालांकि उन्हें कैप्टन का करीबी माना जाता है।माझा के मंत्रियों पर रहेगी नजरसबसे ज्यादा चर्चा यह है कि पंजाब प्रधान बनने के औपचारिक ऐलान से पहले ही सिद्धू के साथ डटे राज्य के माझा इलाके से मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर बाजवा व सुख सरकारिया को लेकर कैप्टन क्या फैसला लेंगे?। वहीं, राज्य के अधिकांश कांग्रेसी विधायक भी सिद्धू के प्रधान बनने से खुश हैं, ऐसे में मंत्री पद के लिए विधायकों पर कैप्टन मेहरबान हो सकते हैं।संगठन के नाते क्या सिद्धू करेंगे हस्तक्षेप? कांग्रेस हाईकमान का खुलकर समर्थन पाने वाले सिद्धू क्या कैबिनेट फेरबदल में संगठन के जरिए कोई हस्तक्षेप करेंगे, अब यह सवाल भी उठ रहा है। सिद्धू पर अगले साल फिर से पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने का दबाव है। ऐसे में उनके सियासी गणित को क्या कैप्टन मानेंगे या नहीं?, यह सवाल इसलिए है क्योंकि अभी तक कैप्टन व सिद्धू में सुलह नहीं हुई है। सिद्धू ने कैप्टन के कहे मुताबिक उन पर लगाए आरोपों के लिए कोई माफी नहीं मांगी।


Source: Dainik Bhaskar July 25, 2021 07:07 UTC



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