ऐसे में सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ एक बयान है या इसके पीछे कोई सोची-समझी रणनीति छिपी है? ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में वार्ता के पहले पाकिस्तान के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है. उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान में वार्ता होने जा रही है, तब इजरायल लेबनान में नरसंहार कर रहा है. जिन लोगों ने फिलिस्तीनी भूमि पर कैंसर जैसे इस देश की स्थापना की है, वो इन यहूदियों के विनास के लिए काम करें. क्या यह संकेत है कि पाकिस्तान खुद को एक 'हार्डलाइन' इस्लामिक आवाज के रूप में पेश कर रहा है?
Source: NDTV April 10, 2026 12:54 UTC