अमेरिका‑इजरायल हमलों में ईरानी नौसेना को भारी नुकसान, होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के सामने अब भी चुनौती - News Summed Up

अमेरिका‑इजरायल हमलों में ईरानी नौसेना को भारी नुकसान, होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के सामने अब भी चुनौती


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के पहले सप्ताह में ईरान की नौसैनिक ताकत को भारी नुकसान हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स के सैटेलाइट डेटा और वीडियो विश्लेषण के अनुसार, कम से कम पांच ईरानी नौसैनिक ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंची है।दो प्रमुख अड्डों पर सात जहाज नष्ट हो गए और अहम नौसैनिक ढांचा तबाह हो गया। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट में स्थित एक भूमिगत नौसैनिक सुविधा के प्रवेश द्वार को भी निशाना बनाया गया। दोहरी नौसेना प्रणाली से बढ़ी जटिलता अब तक हमलों का मुख्य निशाना ईरान की पारंपरिक नौसेना इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान नेवी रही है, जो पारंपरिक युद्धपोतों का संचालन करती है। लेकिन ईरान के पास एक दूसरी नौसेना भी है, जिसे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) संचालित करता है।यह बल असममित युद्ध रणनीति में माहिर है और तेज रफ्तार नौकाओं, ड्रोन और बिना चालक वाले जहाजों का इस्तेमाल करता है, जिन्हें निशाना बनाना कहीं ज्यादा मुश्किल है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बरकरार IRGC की नौसेना मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और नौवहन योग्य बनाने के लिए अमेरिका को IRGC नौसेना की क्षमताओं को और कमजोर करना होगा। अभी भी ईरान के पास क्षेत्र में जहाजों, खासकर नागरिक पोतों को निशाना बनाने की क्षमता मौजूद है।सैटेलाइट तस्वीरों में केश्म द्वीप स्थित IRGC नौसैनिक अड्डे पर नुकसान साफ दिखता है, जहां विस्फोटक से लैस स्पीडबोट्स के लिए बनी भूमिगत खाड़ी को नुकसान पहुंचा। बंदर अब्बास के बड़े नौसैनिक अड्डे पर भी ईरान की नियमित नौसेना और IRGC दोनों को भारी क्षति हुई। वहीं कोनारक नौसैनिक अड्डे पर कई युद्धपोत घाट पर ही डूब गए और कई इमारतें नष्ट हो गईं।अब भी निशाने पर व्यापारिक जहाज न्यूयॉर्क टाइम्स के विश्लेषण के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य और उससे जुड़े फारस की खाड़ी व ओमान की खाड़ी में कम से कम 10 व्यापारिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा, जिससे समुद्री ड्रोन या छोटी नौकाओं के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।


Source: Dainik Jagran March 08, 2026 17:11 UTC



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