नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा कि भारत ऐसे कुछ देशों में शामिल है, जिन्हें अमेरिका-चीन ट्रेड वार का लाभ मिलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले साल मार्च में स्टील और एल्यूमिनियम पर भारी आयात शुल्क लगाए जाने के बाद से चीन के साथ उसका व्यापार युद्ध चल रहा है। चीन ने भी बदले की कार्रवाई करते हुए अमेरिका के अरबों डॉलर की वस्तुओं पर आयात शुल्क लगा दिया है।यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (यूएनसीटीएडी) की रिपोर्ट के मुताबिक इस व्यापार युद्ध से कई देशों और क्षेत्रों को लाभ होगा। इससे यूरोपीय संघ का निर्यात 70 अरब डॉलर बढ़ सकता है। जापान और कनाडा का निर्यात 20 अरब डॉलर से अधिक (प्रत्येक) बढ़ेगा। ऑस्ट्रेलिया का निर्यात 4.6 फीसद, ब्राजील का 3.8 फीसद, भारत का निर्यात 3.5 फीसद, फिलिपींस का 3.2 फीसद और वियतनाम का निर्यात 5 फीसद बढ़ेगा।संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि चीन और अमेरिका के व्यापार युद्ध से दोनों ही देशों में घरेलू उत्पादकों की हित रक्षा की कोई उम्मीद नहीं है और इसका ग्लोबल इकोनॉमी पर भारी असर पड़ेगा। यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने चीन के 250 अरब डॉलर के सामानों पर आयात शुल्क लगाया है, पर इसमें से करीब छह फीसद का ही आयात वास्तव में अमेरिकी कंपनियों द्वारा किए जाने की उम्मीद है। इसी तरह चीन ने भी अमेरिका के करीब 85 अरब डॉलर के सामानों पर आयात शुल्क लगाया है, लेकिन इसमें से करीब पांच फीसद का ही आयात चीन की कंपनियों द्वारा किए जाने की उम्मीद है।अमेरिका का चीन के साथ 375 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है। इसे कम करने की अमेरिका की मांग को पूरा करने की कोशिश के तहत चीन ने अमेरिकी आयात और निवेश में बढ़ोतरी करने के लिए उपाय करने का वादा किया है। इन उपायों को लागू करने की समय सीमा एक मार्च 2019 निर्धारित की गई है। दोनों देशों में समझौता नहीं होने की स्थिति में दोनों देशों द्वारा लगाया गया शुल्क वर्तमान 10 फीसद से बढ़कर 25 फीसद तक पहुंच सकता है।Posted By: Nitesh
Source: Dainik Jagran February 06, 2019 04:41 UTC