अशोक खरात जैसा एक और घिनौना कांड: पुणे में पाखंडी बाबा का भंडाफोड़, दोष दूर करने के बहाने महिला से किया दुष्कर्म - News Summed Up

अशोक खरात जैसा एक और घिनौना कांड: पुणे में पाखंडी बाबा का भंडाफोड़, दोष दूर करने के बहाने महिला से किया दुष्कर्म


Pune : महाराष्ट्र में नासिक के कुख्यात ‘कैप्टन’ अशोक खरात जैसा ही एक और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। पुणे जिले में आध्यात्म और श्रद्धा की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण करने वाले एक स्वयंभू बाबा का काला चिट्ठा उजागर हुआ है। आरोपी खुद के भीतर दैवीय शक्ति होने का ढोंग रचकर मासूम महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाता था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है।शिवदत्त आश्रम में आस्था के नाम पर ‘अधर्म’पुणे के खेड तालुका स्थित चांडोली गांव में ‘शिवदत्त आश्रम’ संचालित करने वाला नवनाथ गवली खुद को ‘महाराज’ बताता था। पुलिस जांच में पता चला है कि गवली ने गांव और आसपास की महिलाओं के मन में यह विश्वास पैदा कर दिया था कि उसके पास चमत्कारिक शक्तियां हैं। वह महिलाओं के पारिवारिक दोषों और परेशानियों को दूर करने का झांसा देकर उन्हें एकांत में बुलाता था।दैवीय शक्ति का ढोंग और यौन शोषणएक पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी नवनाथ गवली ने दोष निवारण के नाम पर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी उसे डराता था कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसके परिवार पर दैवीय प्रकोप होगा। महाराष्ट्र में हाल के दिनों में अंधश्रद्धा के नाम पर यौन शोषण के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अशोक खरात का नाम सबसे ऊपर था, अब गवली की इस करतूत ने लोगों की आस्था को फिर से ठेस पहुंचाई है।मजबूरी और अंधश्रद्धा का उठाया फायदामिली जानकारी के अनुसार, नवनाथ गवली मुख्य रूप से उन महिलाओं को अपना निशाना बनाता था जो किसी न किसी मानसिक या पारिवारिक समस्या से जूझ रही थीं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर वह उन्हें ‘शिवदत्त आश्रम’ में बुलाता था। पुलिस को शक है कि इस पाखंडी बाबा के जाल में कई और महिलाएं भी फंसी हो सकती हैं, जो सामाजिक लोकलाज के डर से अब तक चुप हैं।पुलिस की कार्रवाई और जांच तेजपुणे पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे ढोंगी बाबाओं के चक्कर में न आएं और यदि कोई अन्य महिला भी इसका शिकार हुई है, तो वह निडर होकर सामने आए। इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों ने ‘जादू-टोना विरोधी कानून’ के तहत कड़ी सजा की मांग की है।


Source: Dainik Bhaskar April 02, 2026 08:22 UTC



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