आक्सीमीटर की सप्लाई थमी तो पुराने स्टाक के मुंहमागे दाम वसूल रहे केमिस्ट - News Summed Up

आक्सीमीटर की सप्लाई थमी तो पुराने स्टाक के मुंहमागे दाम वसूल रहे केमिस्ट


नितिन धीमान, अमृतसरकोरोना वायरस इंसानों की सांसों पर भारी पड़ रहा है। सांसों की निगरानी करने वाला छोटा सा यंत्र आक्सीमीटर ढूंढे भी नहीं मिल रहा। संक्रमित मरीज के शरीर में आक्सीजन का स्तर कितना है यह जानना अत्यंत आवश्यक है। यदि आक्सीजन लेवल 80 से कम हो तो यह बेहद गंभीर स्थिति होती है। मरीज को फौरन अस्पताल में दाखिल करवाकर आक्सीजन स्पोर्ट पर रखना पड़ता है। आक्सीमीटर तो अब घर-घर की जरूरत बन चुका है, क्योंकि हर घर में कोरोना संक्रमित हैं। ऐसा नहीं कि शहर में आक्सीमीटर नहीं है। सीमित स्टाक तो है, पर यह मुंहमांगे दाम पर बेचा जा रहा है। एक आक्समीटर की कीमत 700 रुपये है, लेकिन कुछ दुकानदार सीमित स्टाक की वजह से इसके 12 सौ से दो हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। खास बात है कि आक्सीमीटर का पुराना स्टाक दोगुने दाम पर बेचा जा रहा है। होलसेल विक्रेता नई सप्लाई के लिए दिल्ली में संपर्क कर रहे हैं, पर वहां भी हालात खराब होने की वजह से कालाबाजारी जोरों पर है। गुड़गांव व सहारनपुर में असेंबल्ड किए जाते हैंचीन से आयात होने वाले आक्सीमीटर्स को गुड़गांव व सहारनपुर में असेंबल्ड किया जाता है। दिल्ली में संक्रमितों की संख्या अप्रत्याशित ढंग से बढ़ने के बाद आक्सीमीटर की मांग बढ़ गई है। गुड़गांव व सहारनपुर की कंपनियों ने अमृतसर में आक्सीमीटर भेजने के लिए प्रति आक्सीमीटर 1200 रुपये की मांग की है। ये कंपनियां बाकायदा 1200 रुपये का बिल देने को भी तैयार हैं। चीन के माल पर बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी का भी असरपंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिदर दुग्गल के अनुसार हम 1200 रुपये का आक्सीमीटर मंगवा भी लें, पर उसे 1300 या 1400 में नहीं बेच सकते। इसका वास्तविक मूल्य तो 700 रुपये है। जानकारी यह है कि भारत सरकार ने चीन से आने वाले माल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है। यह भी बड़ी वजह है आक्सीमीटर के महंगे होने की। दुग्गल के अनुसार पंजाब सरकार आक्सीमीटर्स की सप्लाई वाजिब दाम पर करवाए। कई मेडिकल स्टोर पर गए, आखिर 1500 रुपये में मिला आक्सीमीटरकेस 1 : मंजू गुप्ता सरकारी अध्यापिका हैं। अपने रिश्तेदार के लिए आक्सीमीटर की तलाश करने शहर में निकलीं। कई मेडिकल स्टोर्स पर गईं। एक मेडिकल स्टोर पर आक्सीमीटर मिला तो, पर इसका दाम 1500 रुपये बताया गया। मजबूरी में मंजू गुप्ता को यह खरीदना पड़ा। केस 2: करियाना की दुकान करने वाले वेरका के निवासी अमन कुमार ने बताया कि वह परिवार के सदस्य के लिए बाजार में आक्सीमीटर खरीदने गए। कई जगह तो पहले नहीं मिला। फिर शहर के एक मेडिकल स्टोर से उन्हें तोलमोल करके यह 1300 रुपये में मिला। फतेह किट में सरकारी आक्समीटर की सेहत हो गई खराबमिशन फतेह अभियान के तहत पंजाब सरकार द्वारा कोरोना संक्रमितों को प्रदान की जाने वाली फतेह किट्स में आक्समीटर्स खराब निकल रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार अब तक 5 फीसद आक्सीमीटर खराब निकले हैं। बिना चेक किए इन आक्सीमीटर को कोरोना संक्रमितों के घर पहुंचाया जाता है, पर खराब होने की वजह से इन्हें फेंकना पड़ रहा है। ऐसे दो उदाहरण मंगलवार को ही मिले हैं। मजीठा रोड बाइपास पर रहने वाले दो संक्रमितों को ऐसे ही खराब आक्सीमीटर दिए गए।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप


Source: Dainik Jagran May 05, 2021 02:26 UTC



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