10 मिनट डिलीवरी मॉडल हटाने की मांग तेजवर्कर्स का कहना है कि 10-20 मिनट की डिलीवरी खतरनाक दबाव डालती है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ती हैं और मानसिक तनाव बढ़ता है. इंसेंटिव हासिल करना मुश्किल, नियम बदलेइंसेंटिव पाने के नियम लगातार बदले जा रहे हैं, जिससे रोज की कमाई गिर रही है और 10 घंटे से ज़्यादा काम करना पड़ रहा है. गिग वर्कर्स का कहना है कि 10-20 मिनट डिलीवरी मॉडल कामगारों पर खतरनाक दबाव डालता है, जिस की वजह से रोड एक्सीडेंट का जोखिम बढ़ता है. यूनियन केंद्र सरकार से आग्रह कर रही है कि यह मुद्दा औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत त्रिपक्षीय वार्ता के माध्यम से हल किया जाए. GIPSWU का कहना है कि यदि गिग वर्कर्स का शोषण जारी रहा तो भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी खतरा हो सकता है.
Source: NDTV December 31, 2025 05:06 UTC