पायलट के हाथ में प्लेन में सवार लोगों के जान की जिम्मेदारी होती है। अगर पायलट अपना काम ईमानदारी से ना करे तो। अब आप पायलट हैं। आपको प्लेन उतारना है लेकिन आप प्लेन ना उतारकर कुछ और करने लग जाएं। जो काम है आपका वो करिए। वही आपकी भक्ति है।लेखक के बारे में वैभव पांडे वैभव पांडेय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, क्राइम, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाते हैं। मीडिया में उन्हें 18 सालों का अनुभव है। इस दौरान हुए यूपी विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 का कवरेज कर चुके हैं। स्वतंत्र चेतना (लखनऊ), अकिंचन भारत (आगरा), देशबंधु (दिल्ली), आज समाज (इंडिया न्यूज ग्रुप, दिल्ली) और दैनिक जागरण (नोएडा/लखनऊ) जैसे संस्थानों में काम कर चुके हैं। करीब सात साल से NBT (Digital) के यूपी/उत्तराखंड टीम में कार्यरत हैं। उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें
Source: Navbharat Times January 29, 2026 08:54 UTC