दिल्ली : दिल्ली/एनसीआर में पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इकोविंग्स संस्था , साकेत दिल्ली द्वारा कई नवाचारपूर्ण पहलें शुरू की गई हैं। संस्था ने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और जनजागरूकता के लिए “इकोब्रिक्स” के माध्यम से दिल्ली की पहली इकोब्रिक दीवार , एमसीडी लोगो का निर्माण किया है, जो प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।इस पहल के तहत प्लास्टिक कचरे को साफ करके बोतलों में भरकर मजबूत “इकोब्रिक्स” तैयार की जाती हैं। इन इकोब्रिक्स का उपयोग दीवारों और संरचनाओं के निर्माण में किया जाता है, जिससे प्लास्टिक कचरा लैंडफिल में जाने से बचता है और पर्यावरण को भी कम नुकसान होता है।इकोविंग्स संस्था ने पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए गौमाता के गोबर से बने दीये भी तैयार किए हैं, जो पूरी तरह प्राकृतिक और प्रदूषण मुक्त हैं। ये दीये पारंपरिक दीपकों का एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहे हैं और ग्रामीण आजीविका को भी प्रोत्साहित करते हैं।इसके साथ ही संस्था द्वारा दीवार घड़ी और प्लांटर्स भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें बेकार सामग्री का रचनात्मक उपयोग कर सुंदर और उपयोगी सजावटी वस्तुएँ तैयार की जाती हैं। यह पहल “कचरे से कारीगरी” की सोच को मजबूत करती है और लोगों को अपसाइक्लिंग के लिए प्रेरित करती है।साथ में फूलों से साबुन व मोमबत्ती का भी उत्पादन महिलाओं द्वारा किया जाता है ।पर्यावरण संरक्षण के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का संकल्प लिया है ।
Source: Dainik Bhaskar March 16, 2026 11:10 UTC