डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूरोप के देश साइप्रस में एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन को लेकर राजनीतिक हलचल मच गई है। इजरायल की एक निजी जासूसी कंपनी ने खुद माना है कि उसने इस ऑपरेशन में भूमिका निभाई थी। यह कंपनी इजरायली खुफिया एजेंसियों के पूर्व अधिकारियों द्वारा बनाई गई है और उसने दावा किया है कि उसका मकसद भ्रष्टाचार को उजागर करना था। इस मामले के सामने आने के बाद साइप्रस की राजनीति और प्रशासन में हलचल बढ़ गई है।वीडियो से हुआ खुलासा जनवरी में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स के एक करीबी सहयोगी को निवेश परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए दिखाया गया। वीडियो में एक कारोबारी यह दावा करता दिखा कि उसकी राष्ट्रपति तक सीधी पहुंच है। वहीं एक पूर्व मंत्री को सरकार को चंदा देने के तरीकों पर बात करते हुए दिखाया गया। हालांकि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों ने किसी भी तरह की गलत गतिविधि से इनकार किया है।जासूसी फर्म ने मानी भूमिका इजरायली कंपनी ब्लैक क्यूब ने स्वीकार किया कि वह इस वीडियो को तैयार करने में शामिल थी। कंपनी ने कहा कि उसे इस बात पर गर्व है कि उसने कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य साइप्रस में साफ-सुथरा कारोबारी माहौल बनाने में मदद करना था। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि इस ऑपरेशन के पीछे उसका क्लाइंट कौन था।
Source: Dainik Jagran April 11, 2026 15:16 UTC