डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य की मौत हो गई है। इजरायल का दावा है कि इन हमलों में कम से कम 40 वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए। ईरानी सरकारी टीवी ने भी पुष्टि की है कि देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की इन हमलों में मौत हो गई।इजरायल द्वारा जारी किए गए वीडियो में एक घनी आबादी वाले इलाके को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। कुछ ही सेकंड में चार बड़े धमाके हुए और पूरा इलाका धूल और मलबे से भर गया। इन हमलों को बेहद शक्तिशाली बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मारे गए अधिकारियों में ईरान की सैन्य रणनीति और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम लोग शामिल थे। इससे ईरान की सैन्य व्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।कौन-कौन मारे गए? मारे गए लोगों में रक्षा मंत्री आमिर नासिरजादेह, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर, सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली शामखानी और ईरानी सेना प्रमुख अब्दुल रहीम मौसवी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल रहीम मौसवी उसी बैठक में मौजूद थे, जिसे अमेरिकी और इजरायली हमलों में निशाना बनाया गया।ईरान में सत्ता खाली न रहे, इसके लिए तीन सदस्यों की एक अंतरिम परिषद बनाई गई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल देश का नेतृत्व संभालेंगे। ईरान का अगला कदम क्या? विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने ऐसी स्थिति के लिए पहले से तैयारी कर रखी होगी। ऐसे में दूसरे स्तर के नेता आगे आ सकते हैं। हालांकि उन्हें अनुभव और गोपनीय जानकारियों तक सीमित पहुंच होगी, लेकिन वे तेजी से नई भूमिका में ढल सकते हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान की जनता से सड़कों पर उतरकर सत्ता अपने हाथ में लेने की अपील की है। इन हमलों के बाद मध्य-पूर्व में शिया समुदायों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। भारत और पाकिस्तान में भी प्रदर्शन हुए। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ने की कोशिश की, जहां एक अमेरिकी सुरक्षाकर्मी ने गोली चलाई।
Source: Dainik Jagran March 01, 2026 15:00 UTC