ऐसा लगता है कि दोनों पक्ष इस बात को एक-दूसरे को समझाने में कामयाब हो चुके हैं कि लंबा युद्ध दोनों में से किसी के लिए फायदे का सौदा नहीं है. ये भी बताया जा रहा है कि संडे को भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रह सकती है. पाकिस्तान की मध्यस्थता में 15 दिन के लिए हुए युद्धविराम को लेकर भी ईरान और अमेरिका में मतभेद हैं. ईरान पाकिस्तान के जरिए अमेरिका और खासकर ट्रंप को ये समझाने की कोशिश कर रहा है कि वो अपना फायदा देखें, इजरायल का नहीं. कारण दोनों देशों को शर्तें मानने के लिए करने की ताकत तो मध्यस्थ बने पाकिस्तान की है नहीं.
Source: NDTV April 11, 2026 15:08 UTC