ईरान-अमेरिका युद्धविराम वार्ता: 14 घंटों तक चला मंथन, फिर भी नहीं निकला कोई हल - News Summed Up

ईरान-अमेरिका युद्धविराम वार्ता: 14 घंटों तक चला मंथन, फिर भी नहीं निकला कोई हल


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस्लामाबाद में शनिवार देर रात अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम और तनाव कम करने को लेकर आमने-सामने की बातचीत का पहला चरण समाप्त हो गया। 14 घंटे तक चले मंथन के बाद भी कोई नतीजा नही निकल पाया है। वहीं जेडी वेंस के बयान ने शांति वार्ता फेल होने के कयासों को बल दे दिया है। दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडलों के बीच कई घंटों तक चली चर्चा को राजनयिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।घंटों चली उच्च स्तरीय चर्चा, लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान ईरान सरकार ने एक्स पर पोस्ट किया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका वार्ता 14 घंटे बाद संपन्न हुई। दोनों पक्षों की तकनीकी टीमें अब विशेषज्ञ दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रही हैं। कुछ मतभेदों के बावजूद वार्ता जारी रहेगी।ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी और तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, बैठक के बाद दोनों पक्षों ने दिन भर में बनी सहमति के बिंदुओं को रेखांकित करते हुए लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। इसे प्रगति को औपचारिक रूप देने का प्रयास बताया जा रहा है।अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में वेंस समेत प्रमुख नेता शामिल अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर भी शामिल रहे। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ और वरिष्ठ राजनयिक अली बगेरी कानी ने प्रतिनिधित्व किया। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही यह वार्ता दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत का दुर्लभ मौका है।'आखिरी मौका' – ईरानी टीम पर दबाव तसनीम न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट में कहा कि ऐसा लगता है कि इस दौर की वार्ता ईरानी टीम के लिए आम सहमति तक पहुंचने का आखिरी मौका हो सकता है। बैठक देर रात तक चली, जिससे संवाद की तात्कालिकता और संवेदनशीलता साफ झलकती है।वार्ता का मुख्य उद्देश्य हालिया युद्ध के बाद बने नाजुक युद्ध विराम को मजबूत करना, क्षेत्रीय तनाव कम करना और संरचित समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है। दोनों पक्षों ने सकारात्मक माहौल में बातचीत की, हालांकि कुछ मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।ईरान ने वार्ता से पहले कहा कि इन मुद्दों पर होगी वार्ता एएनआइ के अनुसार, ईरान ने वार्ता से पहले स्पष्ट किया था कि होर्मुज पर नियंत्रण, फ्रीज संपत्तियों की रिहाई, युद्ध क्षति का मुआवजा और क्षेत्रीय युद्धविराम उसकी प्राथमिकताएं हैं। लेबनान में युद्धविराम उसकी प्रमुख मांगों में शामिल है, जहां इजरायली हमले जारी हैं। जमीनी स्तर पर तनाव बरकरार है।बेरूत के ऊपर ड्रोन और लड़ाकू विमानों की गतिविधियां देखी गईं, जबकि हिजबुल्ला ने जवाबी हमलों का दावा किया। इस्लामाबाद में वार्ता के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और शहर में आंशिक लाकडाउन जैसे हालात हैं।


Source: Dainik Jagran April 12, 2026 00:30 UTC



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