ईरानियों को शायद यह एहसास नहीं है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया से थोड़े समय के लिए जबरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। ईरान के साथ बातचीत के नतीजे लगभग 24 घंटों में साफ हो जाएंगे। पाकिस्तान में शांति वार्ता विफल हो जाती है तो फिर सेना तैयार है।लेखक के बारे में रिजवान रिजवान नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है। वैश्विक राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना और उसका भारत पर क्या असर पड़ेगा, यह भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को स्टोरी और वीडियो के जरिए विश्लेषण देना रिजवान की पहली प्राथमिकता रहती है। पत्रकारिता अनुभव: डिजिटल मीडिया में 10 साल से कार्यरत हैं। रिजवान ने साल 2015 में नई दिल्ली में अमर उजाला डॉट कॉम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है।... और पढ़ें
Source: Navbharat Times April 11, 2026 13:00 UTC