ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव मिस्री ईरानी दूतावास पहुंचे - News Summed Up

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव मिस्री ईरानी दूतावास पहुंचे


New Delhi : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद भारत ने अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास पहुंचे और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर ईरान सरकार और वहां की जनता के प्रति संवेदना जताई।विदेश सचिव ने इस मौके पर ईरानी राजनयिकों से मुलाकात कर भारत की ओर से शोक संदेश दिए और खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में ईरान के साथ एकजुट है और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए हर संभव सहयोग करेगा।प्रधानमंत्री मोदी की शांति की अपीलइससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर शांति और कूटनीतिक समाधान की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान केवल सैन्य टकराव से संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि भारत संवाद और कूटनीति को ही प्राथमिक रास्ता मानता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक शांति और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है।भारत की कूटनीतिक रणनीतिविशेषज्ञों के अनुसार भारत की नीति संतुलित और सावधानीपूर्ण है। एक तरफ भारत ईरान के साथ अपने पारंपरिक कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा की भी बात कर रहा है। भारत की यह रणनीति न केवल क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी, बल्कि अपने रणनीतिक हितों की सुरक्षा का माध्यम भी है।खामेनेई की मौत और पश्चिम एशिया में तनावईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इस सप्ताह एक हवाई हमले में हुई। हमले के लिए अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार माना जा रहा है। इस घटना के बाद ईरान और उसके सहयोगी देशों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियान और ईरानी पक्ष की प्रतिक्रिया के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।भारत-ईरान संबंधों पर असरभारत लंबे समय से ईरान के साथ मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए हुए है। तेल और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से ईरान भारत के लिए अहम साझेदार है। इस कठिन समय में भारत ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए शांति, कूटनीति और संवाद पर जोर दिया है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।


Source: Dainik Bhaskar March 05, 2026 18:46 UTC



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