उम्मीद / अन्य देशों की तरह भारत भी कोविड-19 से निपटने के लिए 10 लाख करोड़ के पैकेज का कर सकता है बड़ा ऐलान, खाका तैयार - News Summed Up

उम्मीद / अन्य देशों की तरह भारत भी कोविड-19 से निपटने के लिए 10 लाख करोड़ के पैकेज का कर सकता है बड़ा ऐलान, खाका तैयार


शुक्रवार को ही आरबीआई ने किया था पैकेज का ऐलानकुछ और जिम्मा का बोझ दिया जा सकता है आरबीआई कोदैनिक भास्कर Apr 18, 2020, 02:06 PM ISTमुंबई. जिस तरह अन्य देशों ने कोविड-19 से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में बड़ा पैकेज का ऐलान किया है, उसी तरह से भारत भी अगले कुछ दिनों में भारी-भरकम पैकेज की घोषणा कर सकता है। इसके लिए नीति आयोग ने 10 लाख करोड़ रुपए का खाका तैयार किया है।गरीब, कॉर्पोरेट, एनपीए, एसएमई व हेल्थ पर सबसे ज्यादा जोरमीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खबर है कि नीति आयोग ने जीडीपी के 5 प्रतिशत यानि करीब 10 लाख करोड़ के पैकेज का खाका तैयार किया है। इसमें गरीब, कॉरपोरेट, एनपीए, एमएसएमई, हेल्थ पर सबसे ज्यादा जोर होगा। इससे पहले शुक्रवार को ही केंद्रीय बैंक आरबीआई ने नकदी बढ़ाने के लिए रिवर्स रेपो रेट में कटौती, एक लाख करोड़ रुपए के पैकेज के साथ बड़ा ऐलान किया था और इसके बाद अब सरकार के फैसले पर लोगों की नजर है।नीति आयोग का 10 लाख करोड़ का पैकेज का खाकानीति आयोग ने कोरोना पैकेज का खाका तैयार किया है। जिसमें 10 लाख करोड़ से ज्यादा का पैकेज संभव है। साथ ही सरकार भौतिक घाटा यानी फिस्कल डेफिसिट 10.5 फीसदी तक ले जा सकती है। सरकार 19.5 करोड़ कामगारों के लिए 3.1 लाख करोड़ रुपये दे सकती है और हेल्थ पर भी 70,000 करोड़ का अतिरिक्त खर्च कर सकती है। एनपीए से निपटारे के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए का ऐलान कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक आर्थिक बोझ का एक हिस्सा आरबीआई के जिम्मे दिया जा सकता है।जीडीपी के 2-3 प्रतिशत घटने का अनुमाननीति आयोग का अनुमान है कि वित्तवर्ष 2021 की पहली तिमाही में लॉकडाउन रहा तो जीडीपी 2-3 फीसदी घटेगी। दूसरी,तीसरी और चौथी तिमाही में ये झटका जीडीपी का 8-10 फीसदी तक हो सकता है। ऑटो, रियलटी, बड़े उद्योगों में 50 फीसदी का झटका लग सकता है। पहली तिमाही में एयलाइंस, होटल को 70-75 फीसदी का झटका लग सकता है। टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक, मेटल, माइनिंग को भी बड़ा झटका लग सकता है। यही नहीं मजदूरों में बेरोजगारी,अशांति का खतरा हो सकता है। फाइनेंशियल सेक्टर में दिवालिया बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो जाएगा। नीति आयोग के अनुमान के मुताबिक कुल मिलाकर फिस्कल डेफिसिट 21.1 लाख करोड़ तक का स्तर छू सकता है।जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका ने जीडीपी का भारी भरकम किया है खर्चअभी तक भारतीय केंद्र सरकार ने 1.7 लाख करोड़ का पैकेज दिया है। कमजोर वर्गों के लिए डीबीटी और मुफ्त अनाज का प्रावधान किया गया है। दूसरे देशों के पैकेज से तुलना करें तो अमेरिका जीडीपी का 15 फीसदी, जर्मनी में जीडीपी का 20 फीसदी, चीन जीडीपी का 9 फीसदी, ब्रिटेन जीडीपी का 20 फीसदी, सिंगापुर जीडीपी का 15 फीसदी तक राहत पैकेज का ऐलान किया है।


Source: Dainik Bhaskar April 18, 2020 08:22 UTC



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