नई दिल्ली, आइएएनएस। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के लाभार्थियों के लिए गाइडलाइन तय कर दी है। इसके तहत सिर्फ उन किसानों को ही इसका लाभ मिलेगा जिनके नाम पर एक फरवरी से पहले दो हेक्टेयर से कम जमीन दर्ज होगी। बता दें कि अंतरिम बजट में केंद्र सरकार ने देश के 12.5 करोड़ लघु और सीमांत किसानों को पीएम किसान योजना के तहत प्रति वर्ष 6,000 रुपये की प्रत्यक्ष आय सहायता की घोषणा की है।कृषि सचिव द्वारा राज्यों को भेजे गए पत्र के मुताबिक अगर खेती की भूमि के स्वामित्व का हस्तांतरण होता है तो योजना का लाभ नए भूमिधारक को मिलेगा, लेकिन अगर यह जमीन अगले पांच सालों के दौरान किसी को बेची जाती है तो नए भूमिधारक को इसका लाभ नहीं मिलेगा। वहीं किसान के खेत कई गांवों या राजस्व रिकॉर्ड में फैले होंगे तो उनकी गिनती एक साथ की जाएगी।पत्र में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लाभार्थियों की पहचान करने और किसानों को लाभ के त्वरित वितरण की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस योजना के तहत 2,000 रुपये की पहली किस्त पाने के लिए किसानों को आधार कार्ड की जरूरत नहीं होगी। हालांकि बाद में योजना का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक होगा।पत्र में छोटे किसानों को संरक्षण प्रदान करने के लिए तत्काल एक तंत्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। पत्र में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे लाभार्थियों की पहचान के काम को तुरंत शुरू करें। इसके साथ ही पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में भारत सरकार द्वारा धन जारी करने के लिए प्रासंगिक डाटा अपलोड करने को कहा गया है।आचार संहिता से पहले किसानों को पहली किस्त दे देना चाहती है सरकारआदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार अंतरिम बजट में घोषित किसानों के लिए प्रत्यक्ष नकद आय योजना की पहली किस्त उनके खाते में डाल देना चाहती है। इसके लिए कृषि मंत्रालय ने राज्यों से जल्द से जल्द किसानों की भूमि का ब्योरा साझा करने के लिए कहा है। बता दें कि मार्च की शुरुआत में आम चुनावों की घोषणा होने की उम्मीद है।मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कुछ राज्यों की राजधानियों का दौरा भी किया है क्योंकि सूची साझा करने में देरी होने से कई किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा और फिर सरकार के लिए उन्हें दूसरी किस्त में शामिल करना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि सरकार मई में योजना की दूसरी किस्त किसानों को दे देना चाहती है जब चुनाव चरम पर होंगे।सरकार के कदमों से विकास में आएगी तेजी : मूडीजकिसानों के लिए प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण कार्यक्रम और मध्यम वर्ग के लिए कर राहत जैसे कदमों से सकल घरेलू उत्पाद में 0.45 फीसद का इजाफा होगा। वृद्धि में खपत के चलते विकास में तो तेजी आएगी लेकिन इससे बजटीय घाटा बढ़ेगा। यह निष्कर्ष क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने निकाला है। रेटिंग एजेंसी का यह भी कहना है कि लगातार दो वित्त वर्षो के दौरान राजकोषीय घाटे के बजटीय लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाना, वहीं कर कटौती और आने वाले चुनावों को देखते हुए सरकार का खर्च बढ़ना भारत की साख केलिए ठीक नहीं है।Posted By: Bhupendra Singh
Source: Dainik Jagran February 05, 2019 19:52 UTC