रणदीप ने NDTV को बताया कि जिन अस्पतालों ने डॉ. मंजुनाथ को भर्ती करने से इनकार किया था, उनकी स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की जाएगी.डॉ. उनके बहनोई नागेंद्र भी बीबीएमपी के डॉक्टर हैं और उनके पास अस्पताल में बेड अलॉट करने का प्रभार है लेकिन अस्पतालों के रवैये के चलते अपने रिश्तेदार के मामले में उन्होंने भी खुद को पूरी तरह असहाय पाया. अस्पताल का कहना है कि डॉ. मंजूनाथ को 9 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया गया था क्योंकि वह प्लाज्मा थेरेपी चाहते थे.
Source: NDTV July 23, 2020 12:45 UTC