कोरोना से युद्ध जारी: इजरायल वैक्सीन की तीसरी डोज लगाने वाला पहला देश, 57% आबादी के पूर्ण टीकाकरण के बाद पड़ी जरूरत - News Summed Up

कोरोना से युद्ध जारी: इजरायल वैक्सीन की तीसरी डोज लगाने वाला पहला देश, 57% आबादी के पूर्ण टीकाकरण के बाद पड़ी जरूरत


सबसे पहले वैक्सीन निर्माता फाइजर-बायोएनटेक बूस्टर या तीसरे डोज का विचार लाए थे। वे पहले अमेरिका में इसके लिए मंजूरी चाहते थे। उनका दावा है कि वैक्सीन की तीसरी डोज डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ और ज्यादा प्रभावी साबित होगी।कोरोना टीके की तीसरी डोज किन्हें दी जा सकती है? कोरोना टीके की तीसरी डोज कमजोर इम्यून सिस्टम वाले वाले लोगों को दी जा सकती है। विशेषकर वे लोग जो हृदय, फेफड़े या कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। विशेषज्ञ तीसरी डोज को लेकर अन्य गंभीर बीमारियों पर भी विचार कर रहे हैं।तीसरी डोज कब दी जा सकती है? फाइजर के मुताबिक दूसरी डोज के छह महीने बाद तीसरी डोज दी जा सकती है। यह डोज दूसरी डोज के बाद छह से 12 महीने के भीतर दी जानी चाहिए।तीसरी डोज का क्या फायदा है? अमेरिका के कई सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरे डोज को लेकर फाइजर का दावा अवसरवादी और गैर जिम्मेदाराना है। इतनी जल्दी तीसरी डोज की उपयोगिता साबित नहीं की जा सकती। इसके लिए कई महीने के डेटा के अध्ययन की जरूरत होगी।क्या तीसरी डोज बहुत जरूरी है? विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी डोज लेना जरूरी नहीं है। वह भी ऐसे वक्त जब दुनिया के कई बड़े हिस्सों में टीकाकरण की दर बहुत कम है। साथ ही टीके की आपूर्ति सीमित है। धनी देशों के लोगों को अतिरिक्त डोज देना अदूरदर्शी है।


Source: Dainik Bhaskar July 13, 2021 23:57 UTC



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