गली मोहल्लों से लेकर हाइवे पर मवेशी राज: सालों से समस्या, इनकी चपेट में आने से सैकड़ों की अकाल मौत, कई जीवन भर के लिए अपाहिज हुए, फिर भी नहीं जाग रहे जिम्मेदार - News Summed Up

गली मोहल्लों से लेकर हाइवे पर मवेशी राज: सालों से समस्या, इनकी चपेट में आने से सैकड़ों की अकाल मौत, कई जीवन भर के लिए अपाहिज हुए, फिर भी नहीं जाग रहे जिम्मेदार


Hindi NewsLocalRajasthanPaliCause Of Death Of Cattleगली मोहल्लों से लेकर हाइवे पर मवेशी राज: सालों से समस्या, इनकी चपेट में आने से सैकड़ों की अकाल मौत, कई जीवन भर के लिए अपाहिज हुए, फिर भी नहीं जाग रहे जिम्मेदारट्रांसपोर्ट नगर थाने के निकट हाइवे किनोर मवेशियों के लिए चारा बेचते लोग एवं जमा मवेशी।शहर के गली-मोहल्लों से लेकर हाइवे पर मवेशी विचरण करते हुए आसानी से नजर आ जाते हैं। उनकी चपेट में आकर कई जने जीवन भर के लिए अपाहिज हुए तो कईयों की अकाल मौत हुई। लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदार इन मवेशियों से आमजन को राहत देने का उपाय सालों बाद भी नहीं ढूंढ सकी हैं। जबकि जिले में सैकड़ों गौशालाएं हैं। फिर भी सड़कों पर मवेशी विचरण करते हैं।दो दिन पहली ही हाइवे पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुनीता बेनीवाल की गाड़ी मेविशयों से टकराई। हादसे में वे बाल-बाल बची लेकिन एक बार फिस से बहस छिड़ गई कि मवेशियों के कारण आए दिन हादसे होते हैं तो फिर इन मवेशियों को सड़कों पर आने से क्यों रोका जा रहा हैं। आगे बरसात का मौसम हैं। गिली मिट्टी में बैठने की अपेक्षा मवेशी सड़कों पर रात में बैठना पसंद करेंगे। रात के अंधेरे में उनके कारण सड़क हादसे हो सकते हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता।सड़क किनारे सालों से बिक रहा चारा-रिजगाशहर के संचेती धर्मशाला के निकट अम्बेडसर्किल की तरफ जाने वाले रास्ते पर तथा गांधी मूर्ति से भेरूघाट जाने वाले रास्ते पर सालों से मवेशियों के लिए चारा बचने वाले बैठे नजर आ रहे हैं। कुछ ऐसी ही हालत नया गांव रोड की हैं। इस मार्ग पर भी कई जगह सड़क किनारे मवेशियों के लिए चारा बेचने वाले बैठे रहते हैं। जिनके आस-पास मवेशियों का डेरा लगा रहता हैं। कई बार मवेशी लड़ते अचानक सड़क पर आ जाते हैं। ऐसे में हादसे कारित होते हैं। लेकिन नगर परिषद कार्रवाई को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही जिसका नुकसान शहरवासियों को उठाना पड़ रहा हैं।इन्द्रा कॉलोनी में सड़क पर विचरण करते मवेशी।पुलिस के सामने बिक रहा चारा, लेकिन कार्रवाई नहींट्रांसपोर्ट नगर थाने से महज कुछ कदमों की दूरी पर हाइवे पर चार-पांच जने सालों से मवेशियों का चारा बेच रहे हैं। यहां भी हर समय मवेशियों का डेरा लगा रहता हैं। इनके कारण हादसा होने का डर रहता हैं। लेकिन हकीकत यह हैं कि ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाती ऐसे में सालों से यहां वे सड़क किनारे चारा बेच रहे हैं। जिससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।ट्रांसपोर्ट नगर के निकट खड़ी पुलिस की जीप के पास विचरण करता मवेशी।सड़क हादसे में प्रतिवर्ष करीब 375 लोगों की हो रही मौतसड़क हादसों में औसत प्रतिवर्ष 375 लोगों की जान जा रही हैं तथा 500 के करीब लोग घायल हो रहे हैं। इन हादसों में कई हादसे ऐसे हैं। जिनका कारण मवेशी होते हैं। वर्ष 2017 में सड़क हादसों में 436, वर्ष 2018 में 375, वर्ष 2019 में 378, वर्ष 2020 में 377 तथा वर्ष 2021 में मई तक 140 लोगों की जान जा चुकी हैं।नया गांव रोड पर सड़क किनारे चारा बेचती एक महिला।मवेशियों के कारण हाल ही में हुए हादसे13 जुलाई : रायपुर टाल प्लाजा के निकट कोयले से भरा ट्रेलर सड़क पर आए मवेशी को बचाने के चक्कर में पलट गया। हादसे में चालक-खलासी घायल हो गए।12 जुलाई : जोधपुर से जयपुर जाते समय बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल की कार चंडावल के निकट मवेशी से टकरा गई। हादसे में वे बाल-बाल बची लेकिन चालक के पांच टेके आए। उन्होंने हाइवे पर सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री को अवगत कराने की बात कही।11 जुलाई : देसूरी थाना क्षेत्र के नारलाई-नाडोल मार्ग पर 11 जुलाई की रात करीब नौ बजे सड़क पर खड़े मवेशी से बाइक सवार टकरा गए थे। हादसे में मारवाड़ जंक्शन के पांचेटिया निवासी 23 वर्षीय विजयराज सैन व 30 वर्षीय सागर जोशी की मौत हो गई थी।5 जुलाई : जालोर के राजेन्द्र नगर पंचवटी हनुमान मंदिर के निकट 70 वर्षीय शिवलाल माली खड़े थे। लेकिन ही लड़ रहे सांडों अचानक उनकी तरफ बढ़े तथा उन्हें चपेट में ले लिया। हादसे में वे गंभीर घायल हो गए। जिनकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई।


Source: Dainik Bhaskar July 14, 2021 03:45 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */