घर में घिरे संघ प्रमुख: भागवत के बयान पर RSS के अंदर विरोध के स्वर, क्या गोलवलकर के जमाने में भी संगठन की यही सोच थी? - News Summed Up

घर में घिरे संघ प्रमुख: भागवत के बयान पर RSS के अंदर विरोध के स्वर, क्या गोलवलकर के जमाने में भी संगठन की यही सोच थी?


Hindi NewsNationalRSS | Mohan Bhagwat | Muslims | Voices Of Opposition Within The Sangh On Bhagwat's Statement About Muslimsघर में घिरे संघ प्रमुख: भागवत के बयान पर RSS के अंदर विरोध के स्वर, क्या गोलवलकर के जमाने में भी संगठन की यही सोच थी? नई दिल्ली 6 घंटे पहले लेखक: विजय त्रिवेदीकॉपी लिंकवीडियोराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के मुसलमानों के साथ हिंदुओं के रिश्ते पर बयान ने वैचारिक गर्मी पैदा कर दी है। संघ में ही बहुत से लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। इन लोगों का कहना है कि गुरुजी गोलवलकर के जमाने में हिंदुत्व को लेकर संघ की सोच इससे अलग रही थी।दरअसल, विवाद की जड़ में संघ प्रमुख डॉ. हेडगेवार और देवरस के विचार को आगे बढ़ाने वाला है। विश्वास है कि उन्हें इसमें कामयाबी मिलेगी। गुरुजी गोलवलकर की सोच कुछ अलग रही थी। संघ का इतिहास देखें तो हिंदुत्व को लेकर RSS में हमेशा से ही मतभेद बने रहे हैं। डॉ. जवाब में देवरस ने कहा था, ‘सैद्धांतिक रूप से हमने यह स्वीकार किया है कि उपासना पद्धति अलग होने के बावजूद मुसलमान भी राष्ट्र जीवन में समरस हो सकते हैं। उन्हें होना भी चाहिए।'देवरस के फैसले पर तब महाराष्ट्र के RSS प्रमुख के बी लिमये ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने लिखा, 'आपको RSS के सरसंघचालक का वह आसन दिया गया, जिस पर कभी डॉ.


Source: Dainik Bhaskar July 06, 2021 02:17 UTC



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