अयोध्या : जिम्मेदारों की अनदेखी और कार्यदायी संस्था जल निगम की लापरवाही से चार वर्ष बाद भी पेयजल पुनर्गठन योजना अधूरी है। महज 15 माह में कार्यदायी संस्था को कार्य पूरा करना था, लेकिन अफसरों की उदासीनता का नतीजा यह निकला कि चार वर्ष बाद भी 20 प्रतिशत कार्य अधूरा पड़ा है।वर्ष 2018 में विधायक रामचंद्र यादव के प्रयास से पेयजल पुनर्गठन योजना को शासन ने स्वीकृति दी थी। इस परियोजना के तहत नगर में दो ओवरहेड टैंक, 25 वार्डों में लगभग 50 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य 17.5 करोड़ की लागत से शुरू किया गया था। नगर के मीरजापुर वार्ड में 21 लाख लीटर व रसूलाबाद वार्ड में 18 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है। पाइप लाइन बिछाने का काम कई वार्डों में अधूरा है। सड़क खोद कर छोड़ दी गई है। इतना सब होने के बाद भी कार्यदायी संस्था पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।नगर पालिका परिसर स्थित पुरानी पानी की टंकी से कुछ वार्डों तक ही पानी की आपूर्ति हो पाती है। सभी वार्डों तक पेयजल सप्लाई के लिए इस बड़े प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई थी। जल निगम के जेई विवेक कुमार ने बताया कि लाकडाउन के कारण कई महीने तक कार्य प्रभावित रहा, पाइप लाइन डालने का अधूरा कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा और कनेक्शन दिया जाएगा।नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि सभी 25 वार्डों के कार्यों का आकलन किया गया है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य आधा अधूरा है। पूरे नगर में तोड़ी गई सड़कों व गलियों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। इसे पूरा करना होगा। जिसके बाद ही कार्य को पूर्ण समझा जाएगा। उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिये जाने का काम नगर पालिका प्रशासन का है। अभी तक जल निगम के अधिकारियों ने नगर पालिका को कोई प्लान नहीं सौंपा है।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
Source: Dainik Jagran July 13, 2021 17:15 UTC