पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘ न्याय में देरी न्याय से इनकार है। राहत में देरी भी राहत से इनकार है। फरवरी से मई के बीच लाखों लोगों की मौत हुयी और उस समय मोदी सरकार, वित्त मंत्री और जीएसटी परिषद ने जीएसटी दर घटाने के लिए बार बार किए आग्रह को नजरअंदाज किया। अब यह सब सिर्फ जबानी जमा खर्च है।’’गौरतलब है कि जीएसटी परिषद ने कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच इस महामारी के इलाज में काम आने वाली कुछ दवाओं और उपकरणों पर कर की दर में कटौती का फैसला किया है। हालांकि, कोविड के टीके पर पांच प्रतिशत की कर की दर ही बनी रहेगी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को हुई जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक में कोविड-19 के इलाज में काम आने वाली दवाओं रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब तथा ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर और अन्य उपकरणों पर कर की दर को घटाया गया है।
Source: Navbharat Times June 12, 2021 17:03 UTC