Hindi NewsLocalRajasthanJodhpurHow To Distribute The Officers Lying In Doubt, Demand Is Being Made From Everywhereजोधपुर को मिली सिर्फ 22 हजार डोज: पसोपेश में पड़े अधिकारी कैसे करे वितरण, हर जगह से से हो रही है मांगजोधपुर 9 घंटे पहलेकॉपी लिंकप्रदेश में कोरोना वैक्सीन की कमी ने जोधपुर में अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। जोधपुर को आज सिर्फ 22 हजार डोज वैक्सीन मिली है। ऐसे में संकट खड़ा हो गया कि इतनी कम वैक्सीन को किस तरह कितने सेंटर पर भेजे। वैक्सीन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अधिकारी पशोपेश में है कि किस तरह वितरण किया जाए कि इससे हंगामा खड़ा न हो।जोधपुर में वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक सिर्फ 12.36 लाख डोज 16.10 लाख लोगों के लग पाई है। जोधपुर की कुल आबादी 43.64 लाख अनुमानित है। इसमें से 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के 16.36 व 45 वर्ष से अधिक आयु के 10.58 लाख लोग है। यानि 26.94 लाख लोगों के वैक्सीन लगाई जानी है। दो डोज मिलाने पर कुल 53.88 लाख डोज की आवश्यकता है। जबकि जोधपुर को इतने माह में अब तक सिर्फ 16.10 लाख डोज ही मिल पाई है।सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा का कहना है कि वैक्सीन को लेकर लोगों का बहुत दबाव है। अब सभी लोग वैक्सीन लगवाना चाहते है, लेकिन पीछे से बहुत सीमित संख्या में ही वैक्सीन मिल पा रही है। पूरे राजस्थान का ऐसा ही हाल है। जोधपुर को आज 22 हजार डोज मिली है। इतनी कम संख्या में मिली डोज का वितरण करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में कुछ शहरी क्षेत्र में और कुछ ग्रामीण क्षेत्र में भेजी गई है। प्रत्येक क्षेत्र से वैक्सीन की मांग बढ़ती जा रही है।वैक्सीन से वंचित बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल है जिन्हें पहली डोज लग चुकी है, लेकिन दूसरी डोज का नंबर ही नहीं आ रहा है। कई लोगों के सौ दिन से अधिक हो चुके है। ऐसे लोग सबसे अधिक परेशान हो रहे है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि छह माह के भीतर कभी भी बूस्टर डोज लगवाई जा सकती है। अंतर बढ़ने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा।
Source: Dainik Bhaskar July 24, 2021 06:33 UTC