तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए राज्यभर में 7,454 नामांकन दाखिल, टीवीके नेता विजय ने दाे सीट से किया नामांकन - News Summed Up

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए राज्यभर में 7,454 नामांकन दाखिल, टीवीके नेता विजय ने दाे सीट से किया नामांकन


तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। अब तक कुल 7,454 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें 6,095 पुरुष, 1,356 महिलाएं और 2 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार शामिल हैं।मंगलवार काे चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 30 अप्रैल से शुरू हुई थी और अंतिम तिथि 6 अप्रैल थी। इस दाैरान राज्य में कुल 7,454 नामांकन दाखिल हुए हैं। इनमें 6,095 पुरुष, 1,356 महिलाएं और 2 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार शामिल हैं। राज्य में सबसे अधिक नामांकन करूर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज किए गए, जहां 108 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।वहीं विल्लिवक्कम और राधापुरम में दो ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल किया है। उन्हाेंने बताया कि चेन्नई में 16 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 628 नामांकन प्राप्त हुए हैं। इस बीच आज नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है। उसी दिन अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। 9 अप्रैल की शाम तक यह आधिकारिक घोषणा हो जाएगी कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कितने उम्मीदवार मैदान में हैं।उल्लेखनीय है कि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के पहले ही दिन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कोलाथूर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था। इसी तरह तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) के नेता विजय ने 31 मार्च को पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया था। इसके अलावा उन्होंने 2 अप्रैल को तिरुचि पूर्व (ईस्ट) सीट से भी नामांकन दाखिल किया है। नामांकन के अंतिम दिन विपक्ष के नेता एदप्पाड़ी के. पलनीस्वामी ने अपना नामांकन दाखिल किया।इसके अलावा उपमुख्यमंत्री उधयनिधि स्टालिन ने चेपॉक-त्रिप्लिकेन सीट से और नाम तमिझर कच्ची के नेता सीमैन ने कारैकुडी सीट से नामांकन दाखिल किया। इसी तरह डीएमके के मंत्री दुरैमुरुगन ने कातपाड़ी, आई. पेरियासामी ने आथूर, भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने सत्तूर और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी ने कोयंबटूर दक्षिण सीट से नामांकन दाखिल किया।यह भी पढ़े : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश क्यों रोका गया? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा- परंपरा पर आधारित है नियम, लिंग भेदभाव पर नहीं


Source: Dainik Bhaskar April 07, 2026 20:45 UTC



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