ताइवान पर हमले की तैयारी में चीन, अमेरिका ने भेजे फाइटर जेट, युद्धपोत - News Summed Up

ताइवान पर हमले की तैयारी में चीन, अमेरिका ने भेजे फाइटर जेट, युद्धपोत


अमेरिका बोला, इंडो-पसफिक इलाके को रखेंगे स्‍वतंत्र अमेरिकी सैन्‍य ताकत के प्रतीक यूएसएस रोनाल्‍ड रीगन के नेतृत्‍व में कैरियर स्‍ट्राइक ग्रुप ने विवादित दक्षिण चीन सागर में जोरदार अभ्‍यास किया है। अमेरिकी सेना ने एक बयान जारी करके कहा कि इस अभ्‍यास का मकसद अपने सहयोगियों के साथ संयुक्‍त भागीदारी करना है और अपनी मारक क्षमता को बढ़ाना है। साथ ही इंडो-पसफिक इलाके में स्‍वतंत्र और मुक्‍त आवागमन बनाए रखना है। अमेरिकी नौसेना ने यह अभ्‍यास ऐसे समय पर किया है जब चीन से इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा है।चीन से निपटने के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर भेज रहा यूएस अमेरिका ने चीन के साउथ चाइना सी पर दावे का विरोध किया है। चीन के किसी भी दुस्‍साहस का जवाब देने के लिए अमेरिका लगातार साउथ चाइना सी में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर भेज रहा है। अमेरिका ने कहा है कि चीन कोरोना वायरस महामारी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है और अपने क्षेत्रीय दावे को आगे बढ़ाने में लगा है। चीन ने अमेरिका के इस अभ्‍यास का विरोध किया है। यही नहीं चीन अब तटीय इलाके में अपने सैन्‍य ठिकानों की संख्‍या को काफी ज्‍यादा बढ़ा रहा है।चीन ने ताइवान तट पर तैनात किए 40 हजार सैनिक चीन ने ताइवान पर दबाव बनाने के लिए ताइवान स्‍ट्रेट के पास करीब 40 हजार सैनिक तैनात किए हैं। इसके लिए उसने दो मरीन ब्रिगेड बनाए हैं। चीन ने धमकी दी है कि अगर राजनीतिक तरीके से ताइवान चीन का हिस्‍सा नहीं बनेगा तो वह ताकत के बल पर ताइवान पर कब्‍जा कर लेंगे। पेइचिंग के सैन्‍य विशेषज्ञ झोउ चेनमिंग ने कहा कि हालिया युद्धाभ्‍यास ताइवान सरकार को राजनीतिक चेतावनी है। हॉन्‍ग कॉन्‍ग के सैन्‍य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग का कहना है कि नवंबर में अमेरिकी चुनाव से पहले चीन और बड़े पैमाने पर युद्धाभ्‍यास कर सकता है।चीन से निपटने के लिए ताइवान ने खरीदे 90 अमेरिकी जेट इस बीच चीन से निपटने के लिए ताइवान ने सोमवार को अमेरिका की हथियार निर्माता कंपनी लॉकहीड के साथ 62 अरब डॉलर के F-16 फाइटर जेट खरीदने का सौदा किया है। यह सौदा करीब 10 साल में पूरा होगा। माना जा रहा है कि इस सौदे के बाद ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ सकता है। इस सौदे की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस सौदे का तो ऐलान किया लेकिन खरीददार का नाम नहीं बताया है। उधर, इस सौदे से जुड़े लोगों ने पुष्टि की है कि 62 अरब डॉलर की भारी-भरकम डील ताइवान के साथ की गई है।


Source: Navbharat Times August 15, 2020 07:52 UTC



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