जागरण संवाददाता, पटना। मकर संक्रांति पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को दही-चूड़ा भोज में पिता लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) का आशीर्वाद मिला। वहीं, छोटे भाई तेजस्वी यादव का तेज प्रताप को इंतजार रहा। तेजस्वी भोज में नहीं पहुंचे। भोज के दौरान तेजप्रताप नारंगी कुर्ते में नजर आए।तेज प्रताप के भोज में सबसे पहले लालू प्रसाद यादव पहुंचे। इसके अलावा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री अशोक चौधरी, लोजपा रामविलास की सांसद शांभवी, रालोजपा प्रमुख पशुपति पारस समेत कई नेता तेज प्रताप के घर पहुंचे।बड़े मामा प्रभुनाथ यादव व साधु यादव और जदयू विधायक चेतन आनंद भी पहुंचे हैं। चुड़ा, दही, तिलकुट के साथ तेजप्रताप के आवास सांस्कृतिक कार्यक्रम का नेताओं व कार्यकर्ताओं ने लुफ्त उठाया। 'तेज प्रताप से नाराज नहीं...' तेजप्रताप के आवास पर पहुंचे लालू प्रसाद ने बेटे का आशीर्वाद देते हुए साफ शब्दों में कहा कि वे बेटे तेज प्रताप से नाराज नहीं हैं और उनका आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहेगा। लालू के इस बयान को तेज प्रताप की राजनीतिक और पारिवारिक वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया से बातचीत में लालू यादव ने कहा कि परिवार में मतभेद होते रहते हैं, लेकिन इसका मतलब दूरी नहीं होता। उन्होंने दो टूक कहा कि तेज प्रताप अब परिवार के साथ ही रहेगा।तेजस्वी को तेज प्रताप की सलाह तेजप्रताप ने दही-चुड़ा भोज के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि तेजस्वी राजद का विलय जनशक्ति जनता दल में कर दें। लालू प्रसाद की असली पार्टी जेजेडी ही है। जनशक्ति जनता दल बंगाल चुनाव लड़ेगी, ममता बनर्जी के खिलाफ हम लड़ेंगे।
Source: Dainik Jagran January 14, 2026 15:12 UTC