नौसेना अब रेस्क्यू के स्थान पर ही पीड़ितों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाएगी। आपदा में फंसे नागरिकों को तत्काल चिकित्सा मुहैया करवाने की योजना सेना ने तैयार कर ली है। नौसेना ने अपने लड़ाकू हेलिकॉप्टर को एयर ऐम्बुलेंस में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत नौसेना ने अपने एएलएच एमके 3 हेलिकॉप्टर को कुछ ही घंटे में एयर ऐम्बुलेंस में बदलने की तकनीक विकसित की है। रविवार को पहले एमके 3 हेलिकॉप्टर में मेडिकल इंटेंसिव केअर यूनिट ( एमआईसीयू) लगाई गई। नौसेना प्रवक्ता के अनुसार, पीड़ितों के उपचार के लिए हेलिकॉप्टर में आईसीयू के साथ ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधा उपलब्ध होगी। यह सभी उपकरण हेलिकॉप्टर के पवार सप्लाई सिस्टम से चलेंगे। साथ ही हेलिकॉप्टर में चार घंटे का बैटरी बैकअप भी मौजूद होगा।ऑपरेशन के लिए 2 घंटे में तैयारएमके 3 हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सेना के तीनों अंगों द्वारा किया जाता है। हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम इस हेलिकॉप्टर का उपयोग अलग-अलग मिशन के लिए किया जाता है। नौसेना के अनुसार, इस हेलिकॉप्टर को 2 से 3 घंटे के भीतर लड़ाकू हेलिकॉप्टर से एयर ऐम्बुलेंस में बदल कर लोगों की जान बचाने के मिशन के लिए भेजा जा सकता है। सेना के लिए यह तकनीक हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स ने विकसित की है। रविवार को एक हेलिकॉप्टर में यह उपकरण लगाए गए हैं, जल्द ही आठ अन्य हेलिकॉप्टर में लगाए जाएंगे। प्रवक्ता के अनुसार, योजना के प्रारंभिक चरण में एयर ऐम्बुलेंस के स्कवाडन को गोवा में तैनात किया जाएगा। भविष्य में इसकी तैनाती अन्य स्थानों पर भी की जाएगी।
Source: Navbharat Times May 31, 2021 09:22 UTC